एसआईआर पर कांग्रेस का जागरूकता अभियान: डी.के. शिवकुमार बोले— किसी का मतदान अधिकार नहीं छिनना चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार, 25 मई 2026 को बेंगलुरु के देवनहल्ली में आयोजित 'कांग्रेस नाडे, मता रक्षणे कड़े' (वोट संरक्षण के लिए कांग्रेस मार्च) कार्यक्रम के बाद स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक का मतदान अधिकार नहीं छिनना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
अभियान का उद्देश्य और संदेश
शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'किसी को भी वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और उनके वोट की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस का मुख्य फोकस एसआईआर के विरोध पर नहीं, बल्कि नागरिकों में जागरूकता फैलाने पर है।
उन्होंने कहा, 'एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय हम लोगों को इसके बारे में जागरूक करने पर ध्यान देंगे।' यह रुख ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।
बीएलओ की भूमिका और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया
शिवकुमार ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित कर रहे हैं, जिन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ भरकर चुनाव अधिकारियों को जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी भ्रम में न रहें।
उन्होंने कहा, 'लोग इस भ्रम को दूर करें कि यह कोई मैपिंग प्रक्रिया है। बीएलओ द्वारा दिए गए गणना फॉर्म को भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ चुनाव अधिकारियों को जमा करना होगा। इस काम के लिए हमारे कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।' गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया में चूक से मतदाता सूची से नाम हटने का खतरा रहता है।
पार्टी अनुशासन पर कड़ा संदेश
शिवकुमार ने अभियान से जुड़ी बैठक में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे अन्य सभी काम छोड़कर इस अभियान पर ध्यान दें। जो पदाधिकारी आज की बैठक में शामिल नहीं हुए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संगठन में रुचि नहीं दिखाने वालों को पद से हटाया जाएगा।'
यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस इस अभियान को संगठनात्मक दृष्टि से कितनी गंभीरता से ले रही है।
राजनीतिक निष्पक्षता की अपील
उपमुख्यमंत्री ने बीएलओ और पार्टी कार्यकर्ताओं दोनों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'बीएलओ को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर व्यक्ति के मतदान अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।' आगे आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया में सहायता के लिए विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है।