30 जून 2026
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कर्नाटक में एसआईआर अभियान शुरू: सीएम डी.के. शिवकुमार ने सदाशिवनगर आवास से भरा एन्यूमरेशन फॉर्म

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कर्नाटक में एसआईआर अभियान शुरू: सीएम डी.के. शिवकुमार ने सदाशिवनगर आवास से भरा एन्यूमरेशन फॉर्म

सारांश

कर्नाटक में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 30 जून से शुरू हुआ। सीएम शिवकुमार ने खुद फॉर्म भरकर अभियान की अगुआई की। 29 जुलाई तक घर-घर सत्यापन होगा और 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 30 जून 2026 को बेंगलुरु के सदाशिवनगर आवास से एसआईआर अभियान की शुरुआत की।
घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा।
सभी एन्यूमरेशन फॉर्म 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ या बीएलए को जमा करने होंगे।
मतदाता सूची का ड्राफ्ट 5 अगस्त 2026 को और अंतिम सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
राज्य सरकार सेवा सिंधु पोर्टल के ज़रिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन जारी करेगी।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक सीमित किया जा सकता है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 30 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित अपने सदाशिवनगर आवास से राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने स्वयं एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया और इस तरह राज्य में घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान का आगाज़ हुआ, जो 29 जुलाई 2026 तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने किया नेतृत्व

शिवकुमार ने चुनाव अधिकारियों से एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर उसे भरा और जमा किया। उन्होंने कहा कि वे इस प्रक्रिया को पूरा करने वाले राज्य के पहले जनप्रतिनिधि बने हैं। इस अवसर पर बेंगलुरु दक्षिण के उपायुक्त यशवंत गुरूकर भी उपस्थित रहे, जिनके अधिकार क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पैतृक गांव डोड्डालहल्ली (कनकपुरा) आता है।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि फॉर्म भरना थोड़ा जटिल है क्योंकि इसमें कई विस्तृत जानकारियाँ देनी होती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल ऐप के ज़रिए प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई हुई, इसलिए उन्होंने नागरिकों को ऑफलाइन फॉर्म भरने की सलाह दी।

अभियान की मुख्य प्रक्रिया

राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र करेंगे। सभी भरे हुए फॉर्म 29 जुलाई 2026 तक संबंधित बीएलओ या बीएलए को जमा करने होंगे। बीएलओ और बीएलए मतदाताओं की सहायता के लिए व्हाट्सएप समूह भी बना रहे हैं।

यदि परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर है, तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य उसकी ओर से एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता अपना मोबाइल नंबर अपडेट करने के साथ-साथ नाम, फोटो और अन्य विवरणों में भी संशोधन करा सकते हैं।

सरकारी योजनाओं से जुड़ा महत्व

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि मतदाता पहचान सुरक्षित न रखने पर भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चाहती है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक ही पहुँचे।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिस तरह कुछ राज्यों ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना बंद किया है, कर्नाटक भी भविष्य में इसी तरह के मानदंड अपना सकता है — ताकि एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में सरकारी योजनाओं का लाभ न उठा सके।

स्थायी निवास प्रमाण पत्र की सुविधा

एसआईआर प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र सेवा सिंधु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराया जाएगा। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आधार की जानकारी स्वैच्छिक रूप से अतिरिक्त सूचना के रूप में दी जा सकती है।

आगे का कार्यक्रम

घर-घर सत्यापन अभियान के बाद 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान को लेकर बहस तेज़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एसआईआर अभियान वास्तव में मतदाता सूची को शुद्ध करेगा या इसका उपयोग कल्याणकारी योजनाओं के पात्रता मानदंड को कसने के राजनीतिक एजेंडे के रूप में होगा। शिवकुमार का यह बयान कि 'एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में योजनाओं का लाभ न ले', प्रवासी मज़दूरों और दोहरे निवास वाले नागरिकों के लिए नई चुनौतियाँ पैदा कर सकता है। गौरतलब है कि इस तरह के सत्यापन अभियान अतीत में विपक्षी दलों द्वारा मतदाता कटौती के आरोपों का केंद्र रहे हैं — इसलिए प्रक्रिया की पारदर्शिता और समावेशिता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में एसआईआर अभियान क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) एक मतदाता सत्यापन अभियान है जिसमें बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र और अद्यतन करते हैं। कर्नाटक में यह अभियान 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा और इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
कर्नाटक में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई 2026 है। फॉर्म संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को ऑफलाइन जमा किया जा सकता है।
क्या मोबाइल ऐप से एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जा सकता है?
मोबाइल ऐप के ज़रिए फॉर्म भरने का विकल्प उपलब्ध है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्वयं स्वीकार किया कि ऐप से प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई हुई। उन्होंने नागरिकों को ऑफलाइन फॉर्म भरकर जमा करने की सलाह दी।
एसआईआर में कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
जहाँ आवश्यक हो, वहाँ निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आधार की जानकारी स्वैच्छिक है और इसे अतिरिक्त सूचना के रूप में दिया जा सकता है। राज्य सरकार सेवा सिंधु पोर्टल के ज़रिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी जारी करेगी।
एसआईआर का कल्याणकारी योजनाओं से क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार, मतदाता पहचान सुरक्षित न रखने पर भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। राज्य सरकार का इरादा है कि योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक सीमित रहे और एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में लाभ न उठा सके।
राष्ट्र प्रेस
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