कर्नाटक में एसआईआर अभियान शुरू: सीएम डी.के. शिवकुमार ने सदाशिवनगर आवास से भरा एन्यूमरेशन फॉर्म
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 30 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित अपने सदाशिवनगर आवास से राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने स्वयं एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया और इस तरह राज्य में घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान का आगाज़ हुआ, जो 29 जुलाई 2026 तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने किया नेतृत्व
शिवकुमार ने चुनाव अधिकारियों से एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर उसे भरा और जमा किया। उन्होंने कहा कि वे इस प्रक्रिया को पूरा करने वाले राज्य के पहले जनप्रतिनिधि बने हैं। इस अवसर पर बेंगलुरु दक्षिण के उपायुक्त यशवंत गुरूकर भी उपस्थित रहे, जिनके अधिकार क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पैतृक गांव डोड्डालहल्ली (कनकपुरा) आता है।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि फॉर्म भरना थोड़ा जटिल है क्योंकि इसमें कई विस्तृत जानकारियाँ देनी होती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल ऐप के ज़रिए प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई हुई, इसलिए उन्होंने नागरिकों को ऑफलाइन फॉर्म भरने की सलाह दी।
अभियान की मुख्य प्रक्रिया
राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र करेंगे। सभी भरे हुए फॉर्म 29 जुलाई 2026 तक संबंधित बीएलओ या बीएलए को जमा करने होंगे। बीएलओ और बीएलए मतदाताओं की सहायता के लिए व्हाट्सएप समूह भी बना रहे हैं।
यदि परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर है, तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य उसकी ओर से एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता अपना मोबाइल नंबर अपडेट करने के साथ-साथ नाम, फोटो और अन्य विवरणों में भी संशोधन करा सकते हैं।
सरकारी योजनाओं से जुड़ा महत्व
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि मतदाता पहचान सुरक्षित न रखने पर भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चाहती है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक ही पहुँचे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिस तरह कुछ राज्यों ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना बंद किया है, कर्नाटक भी भविष्य में इसी तरह के मानदंड अपना सकता है — ताकि एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में सरकारी योजनाओं का लाभ न उठा सके।
स्थायी निवास प्रमाण पत्र की सुविधा
एसआईआर प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र सेवा सिंधु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराया जाएगा। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आधार की जानकारी स्वैच्छिक रूप से अतिरिक्त सूचना के रूप में दी जा सकती है।
आगे का कार्यक्रम
घर-घर सत्यापन अभियान के बाद 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान को लेकर बहस तेज़ है।