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कर्नाटक भाजपा का 'एसआईआर महा संपर्क अभियान': 25-26 जुलाई को 224 सीटों पर घर-घर दस्तक

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कर्नाटक भाजपा का 'एसआईआर महा संपर्क अभियान': 25-26 जुलाई को 224 सीटों पर घर-घर दस्तक

सारांश

कर्नाटक भाजपा ने 'एसआईआर महा संपर्क अभियान' के तहत 25-26 जुलाई को राज्यव्यापी घर-घर अभियान की घोषणा की है। 56,000 बीएलए-2 प्रतिनिधियों और 224 सीट प्रभारियों के साथ पार्टी मतदाता गणना प्रक्रिया में जनता की मदद करने उतरेगी — यह एसआईआर को लेकर भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी जमीनी कवायद है।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा ने 22 जुलाई 2026 को 'एसआईआर महा संपर्क अभियान' का लोगो और पोस्टर जारी किया।
25 और 26 जुलाई को राज्य की 224 विधानसभा सीटों पर घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
प्रत्येक प्रमुख कार्यकर्ता को 20 घरों तक पहुँचने का लक्ष्य; प्रतिदिन 10 घर और प्रति क्षेत्र 50 मिनट संवाद।
भाजपा ने 56,000 बीएलए-2 प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है और उनकी जानकारी चुनाव आयोग को सौंपी जा चुकी है।
पार्टी पिछले छह महीने से कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया का प्रशिक्षण दे रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र के मार्गदर्शन में अभियान का संचालन; विधायक और पूर्व विधायक भी होंगे शामिल।

कर्नाटक भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने 22 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में 'एसआईआर महा संपर्क अभियान' का आधिकारिक लोगो और पोस्टर जारी करते हुए घोषणा की कि 25 और 26 जुलाई को राज्य की 224 विधानसभा सीटों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को जागरूक करना और उनकी सहायता करना है।

अभियान का स्वरूप और लक्ष्य

बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसआईआर अभियान के संयोजक एस. दत्तात्रि ने बताया कि प्रत्येक प्रमुख पार्टी कार्यकर्ता को 20 घरों तक पहुँचने का लक्ष्य दिया गया है। कार्यकर्ता प्रतिदिन 10 घरों का दौरा करेंगे और प्रत्येक क्षेत्र में करीब 50 मिनट तक नागरिकों से संवाद करेंगे।

दत्तात्रि के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया के बारे में जागरूकता फैलाएंगे, मतदाताओं की शंकाओं का समाधान करेंगे और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए)-2 प्रतिनिधियों के माध्यम से फॉर्म भरने एवं जमा कराने में सहायता करेंगे।

मैपिंग और प्रशिक्षण की तैयारी

दत्तात्रि ने बताया कि आवश्यक मैपिंग का कार्य पहले ही पूर्ण किया जा चुका है। भाजपा पिछले छह महीने से अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया का प्रशिक्षण दे रही है। राज्य की सभी 224 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो एसआईआर से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा ने 56,000 बीएलए-2 प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है और उनकी जानकारी चुनाव आयोग (ECI) को सौंप दी गई है तथा आयोग के पोर्टल पर अपलोड भी की जा चुकी है। गौरतलब है कि कर्नाटक में कुल 59,050 मतदान केंद्र हैं और बीएलए-2 प्रतिनिधियों की अधिकतम संख्या मतदान केंद्रों की संख्या के बराबर ही हो सकती है।

मतदाताओं में भ्रम दूर करना प्रमुख उद्देश्य

दत्तात्रि ने स्वीकार किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाता गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने कहा, 'प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के मार्गदर्शन में अधिक से अधिक घरों तक पहुँचने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।' कार्यकर्ता मतदाताओं को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद की प्रक्रिया और चुनाव आयोग द्वारा माँगे जा सकने वाले दस्तावेजों की जानकारी भी देंगे।

वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी

इस अभियान में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य और विधान परिषद के पूर्व सदस्य भी भाग लेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश महासचिव पी. राजीव, एसआईआर अभियान की सह-संयोजक श्यामला एच.एस. और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यालय सचिव रजनी पाई भी उपस्थित रहीं।

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। आने वाले दिनों में इस अभियान की व्यापकता और मतदाताओं की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि भाजपा की यह जमीनी तैयारी कितनी कारगर साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली परत संगठनात्मक तैयारी की है — 56,000 बीएलए-2 प्रतिनिधि और 224 सीट प्रभारी एक साथ मैदान में उतरना महज जागरूकता नहीं, बूथ-स्तरीय डेटा संग्रह और कार्यकर्ता सक्रियता का अभ्यास भी है। एसआईआर प्रक्रिया तकनीकी रूप से निरपेक्ष है, परंतु जो दल इसे सबसे पहले और सबसे गहराई से 'मैनेज' करता है, वह मतदाता सूची पर अपनी छाप छोड़ता है। विपक्षी दलों की चुप्पी या देरी उन्हें इस मैदान में पिछड़ा छोड़ सकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एसआईआर महा संपर्क अभियान' क्या है?
यह कर्नाटक भाजपा द्वारा शुरू किया गया राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान है, जिसका उद्देश्य विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को गणना फॉर्म भरने में मदद करना और उनकी शंकाएं दूर करना है। अभियान 25 और 26 जुलाई 2026 को राज्य की 224 विधानसभा सीटों पर एक साथ चलाया जाएगा।
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया क्या होती है?
एसआईआर यानी विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन (अपडेट) करता है — नए मतदाता जोड़े जाते हैं, गलत प्रविष्टियाँ हटाई जाती हैं और मतदाता जानकारी सत्यापित की जाती है। इसमें बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) घर-घर जाकर गणना फॉर्म भरते और एकत्र करते हैं।
अभियान में बीएलए-2 प्रतिनिधियों की क्या भूमिका है?
बीएलए-2 प्रतिनिधि चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त पार्टी-नियुक्त एजेंट होते हैं जो मतदाता गणना फॉर्म भरने और जमा कराने की प्रक्रिया में सहायता करते हैं। भाजपा ने कर्नाटक में 56,000 ऐसे प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं और उनकी जानकारी चुनाव आयोग को सौंप दी गई है।
इस अभियान में कौन-कौन से नेता भाग लेंगे?
अभियान में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य और विधान परिषद के पूर्व सदस्य भाग लेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के मार्गदर्शन में अभियान का संचालन किया जाएगा।
क्या मतदाता सूची में नाम न होने पर अभियान के दौरान मदद मिलेगी?
हाँ, भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह जाँचेंगे कि मतदाता गणना फॉर्म भरे गए हैं या नहीं, और बीएलए-2 प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर फॉर्म जमा कराने में सहायता करेंगे। साथ ही वे मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा माँगे जा सकने वाले दस्तावेजों की जानकारी भी देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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