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मतदाता सूची एसआईआर पर केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद की चेतावनी: पात्र वोटरों के नाम नहीं हटने देंगे

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मतदाता सूची एसआईआर पर केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद की चेतावनी: पात्र वोटरों के नाम नहीं हटने देंगे

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर BJP पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी ताकि कमजोर वर्गों के पात्र मतदाताओं के नाम सूची से न हटें।

मुख्य बातें

केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 1 सितंबर को बेंगलुरु में कहा कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेगी।
BJP पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के राजनीतिकरण का आरोप लगाया गया।
हटाए गए मतदाताओं में अधिकांश कमजोर वर्गों से होने की चिंता जताई गई।
कुछ बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) के असहयोग की शिकायत; जिला चुनाव अधिकारियों से मुलाकात का ऐलान।
चुनाव आयोग से हर शनिवार-रविवार आपत्ति दर्ज कराने का अवसर देने की माँग।
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप; BJP-JD(S) गठबंधन पर भी निशाना।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने मंगलवार, 1 सितंबर को बेंगलुरु में स्पष्ट किया कि कांग्रेस मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) पर पैनी नजर रखेगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।

केपीसीसी की रणनीति और बैठक

केपीसीसी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरिप्रसाद ने बताया कि पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पराजित हुए उम्मीदवारों को बुलाकर उनके-उनके निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर प्रक्रिया की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा, "हमने उन उम्मीदवारों को बुलाया जो 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए थे और उनसे एसआईआर के बारे में चर्चा की। उन्होंने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।" इस बैठक में कल्याणा कर्नाटक में सूखे से राहत के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

बीएलओ सहयोग न करने की शिकायत

हरिप्रसाद ने बताया कि जहाँ अधिकांश बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं, वहीं कुछ मामलों में बीएलओ द्वारा असहयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने चिंता जताई कि मतदाता सूची से हटाए गए अधिकांश नाम समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों से मिलकर इस मामले में स्पष्टीकरण माँगेगी।

मताधिकार की रक्षा पर जोर

हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया की विरोधी नहीं है, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो। उन्होंने कहा, "वोट देने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। हमारी चिंता यह है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए।" उन्होंने पात्र मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी अभियान चला रही है जहाँ उसके कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।

चुनाव आयोग से माँग

हरिप्रसाद ने चुनाव आयोग (ECI) से आग्रह किया कि वह प्रत्येक शनिवार और रविवार को आवेदन पत्र और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए, ताकि पात्र मतदाता आपत्तियाँ दर्ज करा सकें और अपने मताधिकार की रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र मतदाता सूची पर टिका है, और हमारी लड़ाई उनकी रक्षा करने की है।"

येदियुरप्पा और BJP-JD(S) पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरिप्रसाद ने BJP पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, "अगर देश में भ्रष्टाचार का कोई जनक है तो वह येदियुरप्पा हैं।" उन्होंने BJP-जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] गठबंधन पर भी कटाक्ष किया और कहा कि अपने कार्यकाल में कुछ हासिल न कर पाने के बाद अब ये नेता पदयात्रा कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व एमएलसी नारायणस्वामी और पूर्व मेयर रामचंद्रप्पा भी उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह जिला स्तर पर चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर एसआईआर की निगरानी जारी रखेगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं और मतदाता सूची की शुद्धता एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस बार कर्नाटक में भी वही पैटर्न दोहराया जाता दिख रहा है। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग बीएलओ असहयोग की शिकायतों पर कितनी तेजी से संज्ञान लेता है — क्योंकि प्रक्रिया की निष्पक्षता तंत्र की जवाबदेही पर निर्भर करती है, न केवल राजनीतिक निगरानी पर।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें अपात्र या दोहराए गए नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र मतदाता जोड़े जाते हैं। यह प्रक्रिया बूथ लेवल ऑफिसरों के माध्यम से संचालित होती है।
कर्नाटक कांग्रेस एसआईआर पर क्यों नजर रख रही है?
केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के अनुसार, कुछ बीएलओ असहयोग कर रहे हैं और हटाए गए नामों में अधिकांश कमजोर वर्गों के मतदाता हैं। कांग्रेस को आशंका है कि BJP इस प्रक्रिया का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।
क्या कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही है?
नहीं। हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एसआईआर के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो और कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।
चुनाव आयोग से कांग्रेस ने क्या माँग की है?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह प्रत्येक शनिवार और रविवार को आवेदन पत्र और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए, ताकि पात्र मतदाता आपत्तियाँ दर्ज कर सकें और अपने मताधिकार की रक्षा कर सकें।
हरिप्रसाद ने येदियुरप्पा पर क्या आरोप लगाए?
हरिप्रसाद ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 'अगर देश में भ्रष्टाचार का कोई जनक है तो वह येदियुरप्पा हैं।' उन्होंने BJP-JD(S) गठबंधन पर भी कटाक्ष किया।
राष्ट्र प्रेस
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