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मतदाता सूची SIR पर कर्नाटक कांग्रेस की कड़ी नजर, KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद ने BJP पर लगाया राजनीतिकरण का आरोप

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मतदाता सूची SIR पर कर्नाटक कांग्रेस की कड़ी नजर, KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद ने BJP पर लगाया राजनीतिकरण का आरोप

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर निगरानी तेज कर दी है। KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद ने BJP पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया और चेताया कि कमजोर वर्गों के पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं — लोकतंत्र की बुनियाद पर सीधा सवाल।

मुख्य बातें

KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 1 सितंबर को बेंगलुरु में BJP पर मतदाता सूची SIR के राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पराजित उम्मीदवारों से SIR की ज़मीनी जानकारी जुटाई।
हटाए गए मतदाताओं में बड़ी संख्या समाज के कमजोर वर्गों से होने की चिंता जताई गई।
कुछ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के असहयोग की शिकायतें; कांग्रेस जिला चुनाव अधिकारियों से मिलेगी।
चुनाव आयोग से हर शनिवार-रविवार आवेदन और आपत्ति का अवसर देने की माँग।
हरिप्रसाद ने पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप और BJP-JD(S) गठबंधन पर तीखा हमला बोला।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने मंगलवार, 1 सितंबर को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नज़र रखेगी ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।

SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस की निगरानी रणनीति

हरिप्रसाद ने बताया कि पार्टी ने उन उम्मीदवारों से विस्तृत जानकारी जुटाई जो 2023 के विधानसभा चुनाव में पराजित हुए थे। इन उम्मीदवारों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में SIR के दौरान हो रही गतिविधियों की जानकारी साझा की। हरिप्रसाद ने कहा, "हमने उन उम्मीदवारों को बुलाया जो 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए थे और उनसे एसआईआर के बारे में चर्चा की। उन्होंने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।"

बैठक में कल्याणा कर्नाटक क्षेत्र में सूखे से राहत के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। हरिप्रसाद ने कहा कि इस मंच का उद्देश्य सरकार का ध्यान ज़मीनी समस्याओं की ओर खींचना है।

बूथ लेवल अधिकारियों पर उठे सवाल

KPCC अध्यक्ष ने चिंता जताई कि जहाँ अधिकांश बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) SIR प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं, वहीं कुछ मामलों में असहयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर इन मामलों को उठाएगी।

गौरतलब है कि हरिप्रसाद ने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, उनमें बड़ी संख्या समाज के कमजोर वर्गों से है — एक ऐसा पहलू जो SIR की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा पर कांग्रेस का रुख

हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस SIR के विरुद्ध नहीं है, बल्कि वह चाहती है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। उन्होंने कहा, "हमारी चिंता यह है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए। वोट देने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।"

उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से आग्रह किया कि प्रत्येक शनिवार और रविवार को आवेदन पत्र और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि पात्र मतदाता आपत्तियाँ दर्ज कर सकें। कांग्रेस उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चला रही है जहाँ उसके निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।

येदियुरप्पा और BJP-JD(S) गठबंधन पर तीखा हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरिप्रसाद ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "अगर देश में भ्रष्टाचार का कोई जनक है तो वह येदियुरप्पा हैं।" यह आरोप येदियुरप्पा की ओर से किसी तत्काल प्रतिक्रिया के बिना ही सामने आया।

उन्होंने BJP-JD(S) गठबंधन पर भी निशाना साधा और कहा कि अपने कार्यकाल में कुछ ठोस न कर पाने के बाद अब इन नेताओं ने पदयात्रा का सहारा लिया है। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा, "भाजपा और जेडीएस का साथ आना असल में अच्छी बात है। कई गुटों का बने रहना चाहिए।"

आगे क्या होगा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व एमएलसी नारायणस्वामी और पूर्व मेयर रामचंद्रप्पा भी उपस्थित रहे। कांग्रेस का अगला कदम जिला चुनाव अधिकारियों से मुलाकात और SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं की पुनर्बहाली के लिए औपचारिक अभियान चलाना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस से आगे बढ़कर विधिक हस्तक्षेप और दस्तावेज़ीकृत शिकायतें ही इसे ठोस रूप देंगी। BJP-JD(S) गठबंधन पर तंज और येदियुरप्पा पर हमला इस मुद्दे को चुनावी राजनीति के रंग में रंगता है, जिससे SIR की निष्पक्षता पर केंद्रित मूल बहस कमजोर पड़ने का जोखिम है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है?
SIR यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें अपात्र या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। कर्नाटक में इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस को SIR से क्या आपत्ति है?
कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरुद्ध नहीं है, लेकिन उसका आरोप है कि BJP इसका राजनीतिकरण कर रही है और इस दौरान समाज के कमजोर वर्गों के पात्र मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए जा रहे हैं। KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद ने कुछ BLO के असहयोग की भी शिकायत की है।
कांग्रेस SIR की निगरानी कैसे कर रही है?
कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पराजित उम्मीदवारों से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में SIR की स्थिति की जानकारी जुटाई है। पार्टी संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों से मुलाकात करेगी और उन क्षेत्रों में भी अभियान चला रही है जहाँ उसके निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।
चुनाव आयोग से कांग्रेस ने क्या माँग की है?
KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद ने चुनाव आयोग से माँग की है कि प्रत्येक शनिवार और रविवार को पात्र मतदाताओं को आवेदन पत्र और आपत्ति दर्ज करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी मतदाता अपना मताधिकार न खोए।
हरिप्रसाद ने येदियुरप्पा और BJP-JD(S) गठबंधन पर क्या कहा?
हरिप्रसाद ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें 'देश में भ्रष्टाचार का जनक' बताया। साथ ही उन्होंने BJP-JD(S) गठबंधन पर व्यंग्य किया कि अपने कार्यकाल में कुछ न कर पाने के बाद ये नेता अब पदयात्रा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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