4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कुमारस्वामी ने कर्नाटक एसआईआर को बताया 'बेमतलब', चुनाव आयोग से प्रक्रिया रद्द करने की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कुमारस्वामी ने कर्नाटक एसआईआर को बताया 'बेमतलब', चुनाव आयोग से प्रक्रिया रद्द करने की मांग

सारांश

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कर्नाटक की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को 'बेमतलब' और खामीयुक्त बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। वे सोमवार को चुनाव आयोग से मिलेंगे — यह टकराव आगामी चुनावों से पहले राज्य में सियासी तापमान बढ़ा रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 4 जुलाई को बेंगलुरु में कर्नाटक की एसआईआर प्रक्रिया को 'बेमतलब' करार दिया।
उन्होंने मांग की कि अब तक की गई पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जाए और मतदाता सूची संशोधन पारदर्शी तरीके से हो।
कुमारस्वामी सोमवार को चुनाव आयोग (ECI) से मिलने नई दिल्ली जाएंगे और सभी घटनाओं का विवरण देंगे।
केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की इस मुद्दे पर चुप्पी पर सवाल उठाए।
फुटपाथ विक्रेताओं को हटाने से पहले वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील भी की।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार, 4 जुलाई को बेंगलुरु में कर्नाटक की चल रही मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) प्रक्रिया को 'बेमतलब' करार देते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में विश्वसनीयता का गंभीर अभाव है और इसे जिस तरह से संचालित किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक मानकों पर खरी नहीं उतरती।

मुख्य आरोप और मांगें

पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने स्पष्ट कहा, 'हमारी मांग है कि अब तक की गई पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाए।' उन्होंने बताया कि राज्य चुनाव अधिकारियों ने उन्हें पहले ही सूचित किया है कि मामला केंद्रीय चुनाव अधिकारियों को भेज दिया गया है और उनके निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। कुमारस्वामी ने यह भी घोषणा की कि वे सोमवार को चुनाव आयोग (ECI) से मिलने नई दिल्ली जाएंगे।

चुनाव आयोग से क्या करेंगे आग्रह

कुमारस्वामी ने कहा, 'मैं चुनाव आयोग के सामने यहां हुई सभी घटनाओं का विवरण रखूंगा और उनसे आग्रह करूंगा कि वे चल रही प्रक्रिया को रोकें और यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो।' उन्होंने जोर दिया कि एसआईआर की पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।

कांग्रेस और राज्य सरकार पर निशाना

कुमारस्वामी ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की इस मुद्दे पर चुप्पी को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, 'गृह मंत्री, जो हर दिन हर चीज पर बयान जारी करते हैं, उनकी इस पर क्या प्रतिक्रिया है?' उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी अनुपस्थिति पर सवाल उठाया। कुमारस्वामी ने यह भी मांग की कि राज्य सरकार स्पष्ट करे कि सरकारी अधिकारियों ने एसआईआर में किन गतिविधियों में हिस्सा लिया और चुनाव आयोग को क्या निर्देश दिए गए थे।

फुटपाथ विक्रेताओं पर भी उठाई आवाज़

इसी दौरान कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में फुटपाथ खाली कराने के अभियान पर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'हम सभी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को मानते हैं। लेकिन लाखों परिवार अपनी रोजी-रोटी के लिए सड़क किनारे सामान बेचने पर निर्भर हैं।' उन्होंने कर्नाटक सरकार से अपील की कि विक्रेताओं को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं, ताकि लाखों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बेंगलुरु में फुटपाथ अतिक्रमण हटाने को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।

आगे क्या होगा

कुमारस्वामी के चुनाव आयोग दौरे के बाद एसआईआर प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है। यदि चुनाव आयोग ने उनकी शिकायत को संज्ञान में लिया, तो कर्नाटक में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पर नए सिरे से विचार हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुमारस्वामी ने जो 'अनियमितताएं' बताई हैं, उनका ठोस साक्ष्य अभी सामने नहीं आया है — चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि यह शिकायत कितनी दम रखती है। फुटपाथ विक्रेताओं का मुद्दा जोड़कर उन्होंने जन-सरोकार का आवरण भी ओढ़ा, लेकिन दोनों मुद्दों को एक साथ उठाने से उनकी प्राथमिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) क्या है?
एसआईआर यानी 'विशेष गहन संशोधन' मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक चुनावी प्रक्रिया है, जिसमें नए मतदाताओं को जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाना और सूची की सटीकता सुनिश्चित करना शामिल है। कर्नाटक में इस समय यही प्रक्रिया चल रही है, जिस पर कुमारस्वामी ने गंभीर खामियों का आरोप लगाया है।
कुमारस्वामी ने एसआईआर प्रक्रिया पर क्या आपत्ति जताई है?
कुमारस्वामी का आरोप है कि कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया में विश्वसनीयता की गंभीर कमी है और इसे जिस तरह से संचालित किया जा रहा है, उसमें अनियमितताएं हैं। उन्होंने मांग की है कि अब तक की पूरी प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से संशोधन किया जाए।
कुमारस्वामी चुनाव आयोग से कब मिलेंगे और क्या मांगेंगे?
कुमारस्वामी सोमवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलेंगे। वे कर्नाटक में एसआईआर के दौरान हुई सभी घटनाओं का विवरण देंगे और आयोग से प्रक्रिया रोकने तथा पारदर्शी संशोधन सुनिश्चित करने का आग्रह करेंगे।
कांग्रेस और राज्य सरकार पर कुमारस्वामी ने क्या सवाल उठाए?
कुमारस्वामी ने केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की एसआईआर मुद्दे पर चुप्पी को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने राज्य सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि सरकारी अधिकारियों ने इस प्रक्रिया में किन गतिविधियों में हिस्सा लिया।
फुटपाथ विक्रेताओं के मुद्दे पर कुमारस्वामी का क्या कहना है?
कुमारस्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए भी कर्नाटक सरकार को फुटपाथ विक्रेताओं को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए, क्योंकि लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 3 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले