क्या कांग्रेस सरकार अपने ही कार्यकर्ता की हत्या की साजिश को छिपा रही है?: कुमारस्वामी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस सरकार पर अपने कार्यकर्ता की हत्या को छिपाने का आरोप।
- कुमारस्वामी ने सीबीआई जांच की मांग की।
- राजशेखर का पोस्टमार्टम दो बार किया गया।
- सरकार के अधिकारियों पर गंभीर आरोप।
- इस मामले में निष्पक्षता की आवश्यकता।
बेंगलुरु, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को यह आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार बल्लारी शूटआउट मामले में एक साजिश के तहत अपने ही पार्टी कार्यकर्ता की हत्या को छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल अपने कार्यकर्ता की हत्या को दबाने में लगा हुआ है।
जेपी भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कुमारस्वामी ने कहा कि बल्लारी विधायक नारा भारत रेड्डी के करीबी सहयोगी के गनमैन से जुड़ी गोलीबारी की घटना में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मारे गए कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर का पोस्टमार्टम अवैध रूप से दो बार किया गया।
कुमारस्वामी ने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की हत्या एक गंभीर मामला है, लेकिन उससे भी शर्मनाक है कांग्रेस सरकार द्वारा अपने ही कार्यकर्ता की हत्या को छिपाने की बेताबी। इसी संदर्भ में शव का दो बार पोस्टमार्टम किया गया।"
कुमारस्वामी ने सवाल उठाया कि पहले पोस्टमार्टम में क्या निष्कर्ष निकले और दूसरे में कौन-सी नई जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा, "मेरे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजशेखर के शव का दो बार पोस्टमार्टम हुआ है।"
उन्होंने यह भी सवाल किया कि दूसरा पोस्टमार्टम क्यों किया गया और किसके दबाव में। क्या पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट सरकार के अनुकूल नहीं थी? उन्होंने सरकार से इन सवालों के जवाब देने की मांग की।
कुमारस्वामी ने कहा, "आप विज्ञापनों में 'सत्यमेव जयते' की बात करते हैं। अब सच बोलिए। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या है, यह जनता को बताइए। मुख्यमंत्री को राज्य की जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव में छोटे धातु के टुकड़े पाए जाने की बात सामने आई थी। दूसरा पोस्टमार्टम कराकर भाजपा विधायक गली जनार्दन रेड्डी को इस मामले में झूठा फंसाने की साजिश की गई। हालांकि, उनके अनुसार दूसरा पोस्टमार्टम सरकार की सच्चाई छिपाने के प्रयास को ही उजागर कर गया।
सरकार की जांच को “बेइमानी” बताते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दावा किया कि फायरिंग हवा में हुई, जबकि उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी बल्लारी विधायक नारा भारत रेड्डी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने माना है कि फायरिंग भारत रेड्डी के सहयोगी सतीश रेड्डी के गनमैन से हुई, फिर भी गृह मंत्री ने अब तक गनमैन की गिरफ्तारी का आदेश नहीं दिया।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मिलकर बल्लारी शूटआउट मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री द्वारा गली जनार्दन रेड्डी की सुरक्षा मांग का मजाक उड़ाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया और कहा, "क्या यह भाषा किसी उपमुख्यमंत्री को शोभा देती है?"