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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: क्रॉस वोटिंग की अटकलें बेबुनियाद — CM शिवकुमार

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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: क्रॉस वोटिंग की अटकलें बेबुनियाद — CM शिवकुमार

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को बेबुनियाद बताया और केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी की टिप्पणी पर तंज कसा — 'ईर्ष्या की भी दवा होती है।' गुप्त मतदान प्रणाली और 60-70 नए विधायकों की मौजूदगी ने इस चुनाव को असाधारण रूप से संवेदनशील बना दिया।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 18 जून 2026 को विधान सौधा, बेंगलुरु में मतदान के बाद क्रॉस वोटिंग की अटकलें खारिज कीं।
शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस ने मतदान के लिए कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई; 224 विधायकों के विवेक पर भरोसा जताया।
इस बार करीब 60 से 70 विधायक पहली बार निर्वाचित हैं — वरीयता आधारित मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए दो दिन बैठकें हुईं।
परमेश्वर उस समय तक मतदान नहीं कर पाए थे; जल्द पहुँचने की उम्मीद थी।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी की टिप्पणी पर शिवकुमार का तंज — 'ईर्ष्या की भी दवा होती है।'

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 18 जून 2026 को विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावित आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने इस संदर्भ में कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई है और उन्हें अपने विधायकों के विवेक पर पूरा भरोसा है।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

शिवकुमार ने कहा, 'हम क्रॉस वोटिंग में शामिल नहीं होना चाहते और न ही हमें इसके बारे में कोई जानकारी है। यह गुप्त मतदान वाला चुनाव है। शाम छह बजे तक इंतजार कीजिए, परिणाम सामने आ जाएगा। आखिर इसकी चिंता किसे है?' उन्होंने जोर दिया कि गुप्त मतदान प्रणाली के कारण अभी से अटकलें लगाना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वोट सुनिश्चित करने के लिए किसी विशेष रणनीति की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि सभी विधायक जनता के चुने हुए समझदार प्रतिनिधि हैं जिन्होंने अपनी प्राथमिकता और विवेक के आधार पर मतदान किया होगा।

विधायकों के साथ बैठकों का उद्देश्य

शिवकुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से वे विधायकों के साथ बैठकें कर रहे थे, लेकिन इसका उद्देश्य राजनीतिक प्रबंधन नहीं, बल्कि वरीयता आधारित मतदान प्रणाली को सही तरीके से समझाना था। उनके अनुसार यह प्रणाली काफी जटिल है और इस बार करीब 60 से 70 विधायक पहली बार निर्वाचित हुए हैं।

उन्होंने चेताया कि छोटी सी प्रक्रियागत गलती भी मतपत्र को अमान्य बना सकती है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों के कारण अक्सर बड़ी संख्या में मत अमान्य घोषित हो जाते हैं।

उपमुख्यमंत्री और दलीय एकता

शिवकुमार ने जानकारी दी कि उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर उस समय तक मतदान नहीं कर पाए थे, लेकिन उनके जल्द पहुँचने की उम्मीद थी। क्रॉस वोटिंग की अटकलों को पुनः खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सभी दलों के विधायकों से अच्छे संबंध हैं और वे राज्य के सभी 224 विधायकों के मुख्यमंत्री हैं।

कुमारस्वामी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा चुनाव में 'निम्न स्तर की राजनीति' न करने की सलाह पर शिवकुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'वह एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। यही उनके लिए बेहतर होगा।' कुमारस्वामी पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने जोड़ा, 'ईर्ष्या की भी दवा होती है, बस मैं इतना ही कहना चाहता हूँ।'

आगे क्या

मतगणना उसी शाम होनी थी और परिणाम शाम छह बजे के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद थी। यह चुनाव कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की विधान परिषद में अपनी स्थिति मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिणाम नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस सरकार के भीतर गुटबाजी की खबरें थमी नहीं हैं और कुमारस्वामी जैसे विपक्षी नेता सक्रिय रूप से दरारें तलाश रहे हैं। 60-70 नए विधायकों की मौजूदगी वास्तव में प्रक्रियागत जोखिम पैदा करती है, लेकिन 'विवेक पर भरोसा' जैसे वाक्यांश यह भी संकेत देते हैं कि पार्टी के पास मतदान की सख्त निगरानी का कोई तंत्र नहीं था — जो खुद में एक प्रबंधन सवाल है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग क्या होती है?
क्रॉस वोटिंग तब होती है जब कोई विधायक अपनी पार्टी के निर्देश के विपरीत किसी अन्य उम्मीदवार को वोट देता है। विधान परिषद चुनाव में गुप्त मतदान प्रणाली होने के कारण इसे रोकना या साबित करना कठिन होता है।
CM शिवकुमार ने क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को क्यों खारिज किया?
शिवकुमार ने कहा कि चुनाव गुप्त मतदान पर आधारित है और सभी विधायक जनता के चुने हुए समझदार प्रतिनिधि हैं। उनके अनुसार कांग्रेस ने कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई और विधायकों के विवेक पर भरोसा जताया।
शिवकुमार ने दो दिन विधायकों से बैठकें क्यों कीं?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बैठकें राजनीतिक प्रबंधन के लिए नहीं, बल्कि वरीयता आधारित मतदान प्रणाली को समझाने के लिए थीं। इस बार करीब 60 से 70 विधायक पहली बार निर्वाचित हुए हैं और प्रक्रियागत गलती से मतपत्र अमान्य हो सकता था।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने क्या कहा था?
कुमारस्वामी ने चुनाव में 'निम्न स्तर की राजनीति' न करने की सलाह दी थी। शिवकुमार ने इसे 'बकवास और अनावश्यक टिप्पणी' बताते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए।
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के परिणाम कब आने थे?
मतगणना उसी दिन शाम छह बजे के बाद होनी थी और परिणाम उसी शाम स्पष्ट होने की उम्मीद थी। यह चुनाव कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की विधान परिषद में स्थिति के लिहाज से अहम माना जा रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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