कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: क्रॉस वोटिंग की अटकलें बेबुनियाद — CM शिवकुमार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 18 जून 2026 को विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावित आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने इस संदर्भ में कोई विशेष रणनीति नहीं बनाई है और उन्हें अपने विधायकों के विवेक पर पूरा भरोसा है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
शिवकुमार ने कहा, 'हम क्रॉस वोटिंग में शामिल नहीं होना चाहते और न ही हमें इसके बारे में कोई जानकारी है। यह गुप्त मतदान वाला चुनाव है। शाम छह बजे तक इंतजार कीजिए, परिणाम सामने आ जाएगा। आखिर इसकी चिंता किसे है?' उन्होंने जोर दिया कि गुप्त मतदान प्रणाली के कारण अभी से अटकलें लगाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वोट सुनिश्चित करने के लिए किसी विशेष रणनीति की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि सभी विधायक जनता के चुने हुए समझदार प्रतिनिधि हैं जिन्होंने अपनी प्राथमिकता और विवेक के आधार पर मतदान किया होगा।
विधायकों के साथ बैठकों का उद्देश्य
शिवकुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से वे विधायकों के साथ बैठकें कर रहे थे, लेकिन इसका उद्देश्य राजनीतिक प्रबंधन नहीं, बल्कि वरीयता आधारित मतदान प्रणाली को सही तरीके से समझाना था। उनके अनुसार यह प्रणाली काफी जटिल है और इस बार करीब 60 से 70 विधायक पहली बार निर्वाचित हुए हैं।
उन्होंने चेताया कि छोटी सी प्रक्रियागत गलती भी मतपत्र को अमान्य बना सकती है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों के कारण अक्सर बड़ी संख्या में मत अमान्य घोषित हो जाते हैं।
उपमुख्यमंत्री और दलीय एकता
शिवकुमार ने जानकारी दी कि उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर उस समय तक मतदान नहीं कर पाए थे, लेकिन उनके जल्द पहुँचने की उम्मीद थी। क्रॉस वोटिंग की अटकलों को पुनः खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सभी दलों के विधायकों से अच्छे संबंध हैं और वे राज्य के सभी 224 विधायकों के मुख्यमंत्री हैं।
कुमारस्वामी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा चुनाव में 'निम्न स्तर की राजनीति' न करने की सलाह पर शिवकुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'वह एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। यही उनके लिए बेहतर होगा।' कुमारस्वामी पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने जोड़ा, 'ईर्ष्या की भी दवा होती है, बस मैं इतना ही कहना चाहता हूँ।'
आगे क्या
मतगणना उसी शाम होनी थी और परिणाम शाम छह बजे के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद थी। यह चुनाव कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की विधान परिषद में अपनी स्थिति मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।