कर्नाटक विधान परिषद क्रॉस वोटिंग: विजयेंद्र बोले — दोषी भाजपा विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 19 जून 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि 18 जून को हुए कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग का मामला पार्टी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात का समय माँगा गया है।
क्रॉस वोटिंग का दायरा और आरोप
विजयेंद्र के अनुसार, कथित क्रॉस वोटिंग केवल भाजपा तक सीमित नहीं रही — भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन के दोनों दलों के विधायकों पर यह आरोप है। उनके दावे के मुताबिक, जनता दल (सेक्युलर) के छह से सात और भाजपा के चार से पाँच विधायकों ने गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं किया। हालाँकि उन्होंने संबंधित विधायकों के नाम उजागर करने से इनकार किया और कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त जानकारी उपलब्ध है।
विजयेंद्र ने कहा, "हमें इस बात की जानकारी मिली है कि चुनाव के दौरान किन लोगों ने खेल किया। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी जानकारी दूंगा। जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।"
गठबंधन की रणनीति और कुमारस्वामी की भूमिका
विजयेंद्र ने खुलासा किया कि चुनाव से करीब दस दिन पहले केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने उनसे संपर्क कर कांग्रेस को आसान जीत न देने और मजबूती से मुकाबला करने का आग्रह किया था। इसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा के उपरांत भाजपा ने तीसरे गठबंधन उम्मीदवार का समर्थन करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम से कुमारस्वामी बेहद आहत हैं और यह क्रॉस वोटिंग जेडी(एस) के साथ-साथ भाजपा का भी अपमान है।
पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद
विजयेंद्र ने स्वीकार किया कि कुछ समय से पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद उभर रहे हैं, परंतु उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, "भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और हर चीज की एक सीमा होती है। पार्टी कार्यकर्ता इन घटनाओं से आहत हैं।" अपनी स्वयं की स्थिति पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूँ, प्रदेश अध्यक्ष हूँ और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा का पुत्र हूँ। उचित संदेश पार्टी की प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा।"
चुनाव परिणाम और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के सभी पाँच उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं। एनडीए की सहयोगी जेडी(एस) अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने में असफल रही। यह परिणाम ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन पहले से ही समन्वय की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की राजनीतिक रणनीतियों से भाजपा के भयभीत होने के सवाल पर विजयेंद्र ने दृढ़ता से कहा कि भाजपा किसी से डरने वाली नहीं है और पार्टी का संगठन हर राजनीतिक चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
आगे क्या होगा
विजयेंद्र की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद पार्टी की आगामी कार्रवाई का खाका स्पष्ट होगा। भाजपा के चुनाव चिह्न पर जीतकर आए और क्रॉस वोटिंग में दोषी पाए गए विधायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जो कर्नाटक में गठबंधन की आंतरिक एकजुटता की असली परीक्षा होगी।