कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: निष्कासित भाजपा विधायक सोमशेखर और हेब्बार ने कांग्रेस को वोट देने की पुष्टि की
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए 18 जुलाई को हुए मतदान में क्रॉस वोटिंग की अटकलें सच साबित हुईं, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने बेंगलुरु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व ने उनसे समर्थन माँगने के लिए एक बार भी औपचारिक संपर्क नहीं किया।
सोमशेखर का बयान: विकास ही आधार
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एस.टी. सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए कांग्रेस के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका निर्णय तय नहीं था — उनके अनुसार जो दल संपर्क करता है, उसी पर विचार किया जाता है।
सोमशेखर ने स्पष्ट किया कि न तो भाजपा और न ही जनता दल (सेक्युलर) (JD(S)) ने उनसे समर्थन माँगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्वयं फोन कर उन्हें बैठक में बुलाया और क्षेत्र के विकास के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। उसी आश्वासन के आधार पर उन्होंने 'अंतरात्मा की आवाज' पर कांग्रेस को वोट दिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के सभी पाँचों उम्मीदवार इस चुनाव में जीत दर्ज करेंगे।
हेब्बार का आरोप: भाजपा का असली लक्ष्य JD(S) को हराना था
निष्कासित भाजपा विधायक शिवराम हेब्बार ने भी निर्वाचन क्षेत्र के विकास को अपने निर्णय का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ विकास संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन किया।
हेब्बार ने आरोप लगाया कि भाजपा का असल मकसद JD(S) उम्मीदवार को हराना था, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क करना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों ने उनसे समर्थन माँगा और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
भाजपा और JD(S) का पक्ष
भाजपा विधायक अरविंद बेल्लद ने माना कि सोमशेखर और हेब्बार के वोट कांग्रेस को जा सकते हैं, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि शेष सभी भाजपा विधायक पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य की जीत का दावा किया।
JD(S) के एनडीए-समर्थित उम्मीदवार के. गोविंदराजू की संभावनाओं पर बेल्लद ने स्वीकार किया कि वोटों की कमी है, लेकिन कहा कि जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
भाजपा विधायक एस.आर. विश्वनाथ ने दावा किया कि एनडीए के तीनों उम्मीदवार जीतेंगे और भाजपा में क्रॉस वोटिंग नहीं होगी। उन्होंने कहा कि असंतोष कांग्रेस के भीतर है, जहाँ मंत्रिमंडल विस्तार और गुटबाजी के मुद्दे मौजूद हैं। उनके अनुसार तीसरे एनडीए उम्मीदवार को तीन वोटों की कमी है, जबकि कांग्रेस को अपने पाँचवें उम्मीदवार की जीत के लिए पाँच अतिरिक्त वोट चाहिए।
कांग्रेस का दावा: पार्टी एकजुट, पाँचों सीट पक्की
उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को सिरे से खारिज किया और कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उनके अनुसार यदि कहीं क्रॉस वोटिंग की संभावना है तो वह भाजपा या JD(S) के खेमे में है।
कांग्रेस विधायक कोनारेड्डी ने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार को लगभग 28 से 29 वोट आवंटित किए गए हैं और सभी विधायक तय योजना के तहत मतदान करेंगे। कांग्रेस विधायक दल के सचिव अल्लामप्रभु पाटिल ने भी पुष्टि की कि सभी विधायक पार्टी हाईकमान की रणनीति के अनुसार चलेंगे।
पूर्व मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने खरीद-फरोख्त के आरोपों को नकारते हुए कहा कि कांग्रेस के पास लगभग 140 वोट हैं — जो पाँचों उम्मीदवारों की जीत के लिए पर्याप्त हैं — और पार्टी के पास पर्याप्त द्वितीय वरीयता मत भी उपलब्ध हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और भाजपा-JD(S) गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। निष्कासित विधायकों का खुलकर कांग्रेस के पक्ष में आना भाजपा के लिए संगठनात्मक चुनौती को उजागर करता है। मतगणना के परिणाम तय करेंगे कि दोनों पक्षों के दावे कितने सटीक साबित होते हैं।