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कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव: क्रॉस-वोटिंग की आशंका में कांग्रेस ने विधायकों को रिसॉर्ट में रखा, मॉक वोटिंग कराई

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कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव: क्रॉस-वोटिंग की आशंका में कांग्रेस ने विधायकों को रिसॉर्ट में रखा, मॉक वोटिंग कराई

सारांश

कर्नाटक की 7 विधानसभा सीटों का चुनाव अब सिर्फ अंकगणित नहीं — यह शिवकुमार बनाम कुमारस्वामी की प्रतिष्ठा की लड़ाई है। कांग्रेस ने विधायकों को रिसॉर्ट में बंद कर मॉक वोटिंग कराई; BJP-JD-S गठबंधन ने भी व्हिप जारी किया। सातवीं सीट का फैसला क्रॉस-वोटिंग पर टिका है।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधानसभा की 7 सीटों पर 17 जून, गुरुवार को मतदान हो रहा है; कुल 8 उम्मीदवार मैदान में हैं।
निर्णायक सातवीं सीट पर कांग्रेस के विनय कार्तिक और NDA समर्थित केके गोविन्दराजु के बीच कड़ा मुकाबला।
कांग्रेस ने विधायकों को बिदादी रिसॉर्ट में रखा और क्रॉस-वोटिंग रोकने के लिए मॉक वोटिंग अभ्यास कराया।
JD-S ने विधायकों को देवनहल्ली रिसॉर्ट में भेजा; BJP ने बेंगलुरु के निजी होटल में विधायक दल की बैठक की।
यह चुनाव मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा बन गया है।

कर्नाटक विधानसभा की सात सीटों के लिए गुरुवार, 17 जून को होने वाला चुनाव एक हाई-स्टेक राजनीतिक संग्राम का रूप ले चुका है। सत्ताधारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) (JD-S) गठबंधन, दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सात सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चार कांग्रेस और दो BJP उम्मीदवारों की जीत अपेक्षाकृत सहज मानी जा रही है, लेकिन सातवीं और निर्णायक सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा है। यह टक्कर कांग्रेस के पाँचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक और NDA समर्थित केके गोविन्दराजु के बीच है। परिणाम अतिरिक्त वोटों और संभावित क्रॉस-वोटिंग पर टिका है।

कांग्रेस की रणनीति: रिसॉर्ट और मॉक वोटिंग

क्रॉस-वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। वहाँ प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ मॉक वोटिंग अभ्यास भी कराए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक वोट सही तरीके से और सही उम्मीदवार को पड़े। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधायकों को JD-S द्वारा संपर्क किए जाने की कोशिशों के प्रति आगाह किया और पार्टी की सभी पाँच सीटें जीतने का विश्वास जताया।

BJP-JD-S गठबंधन की तैयारी

JD-S ने अपने विधायकों को पहले बेंगलुरु स्थित पार्टी कार्यालय में रिपोर्ट करने और फिर देवनहल्ली के एक रिसॉर्ट में ले जाने का निर्देश दिया है। पार्टी ने व्हिप जारी कर मतदान के दिन विधायकों को सीधे विधान सौध पहुँचाने की व्यवस्था की है। BJP ने भी बेंगलुरु के एक निजी होटल में विधायक दल की बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी और BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने की।

दो दिग्गजों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई

यह चुनाव मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच एक व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा का भी रूप ले चुका है। दोनों ही नेता अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कराने के लिए मैदान में पूरी ताकत झोंके हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों खेमे अपनी-अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं।

आगे क्या होगा

मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि क्रॉस-वोटिंग की आशंकाएँ कितनी सच साबित होती हैं। सातवीं सीट का परिणाम न केवल विधानसभा की संख्या को प्रभावित करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि कर्नाटक में राजनीतिक वफ़ादारी की असली परीक्षा में कौन खरा उतरता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निगरानी से चलता है — और यह भारतीय विधायी राजनीति की एक गहरी विडंबना है। सातवीं सीट पर जो भी जीते, असली सवाल यह है कि जब सत्तारूढ़ दल को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं, तो वह जनता का विश्वास कैसे अर्जित करेगा। शिवकुमार बनाम कुमारस्वामी की यह लड़ाई 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों खेमों की ताकत और कमज़ोरी दोनों उजागर कर रही है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक विधानसभा की 7 सीटों पर चुनाव क्यों हो रहे हैं?
कर्नाटक विधानसभा की 7 सीटें रिक्त होने के कारण 17 जून को उपचुनाव हो रहे हैं। इन सीटों पर कांग्रेस और BJP-JD-S गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है, जिसमें सातवीं सीट सबसे निर्णायक मानी जा रही है।
कांग्रेस ने मॉक वोटिंग क्यों कराई?
क्रॉस-वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को बिदादी के एक रिसॉर्ट में रखा और मॉक वोटिंग अभ्यास कराया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विधायक का वोट सही उम्मीदवार को ही पड़े और कोई भ्रम या गलती न हो।
सातवीं सीट पर मुख्य मुकाबला किनके बीच है?
सातवीं सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विनय कार्तिक और NDA समर्थित केके गोविन्दराजु के बीच कड़ी टक्कर है। इस सीट का नतीजा अतिरिक्त वोटों और क्रॉस-वोटिंग पर निर्भर होने की संभावना है।
BJP और JD-S ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए क्या किया?
JD-S ने विधायकों को देवनहल्ली के एक रिसॉर्ट में भेजा और व्हिप जारी कर मतदान के दिन सीधे विधान सौध ले जाने की व्यवस्था की। BJP ने बेंगलुरु के एक निजी होटल में विधायक दल की बैठक आयोजित की, जिसकी अगुवाई आर. अशोक, चलवाडी नारायणस्वामी और बीवाई विजयेंद्र ने की।
यह चुनाव डीके शिवकुमार और एचडी कुमारस्वामी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह चुनाव मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए कर्नाटक CM के रूप में पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है, जबकि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी गठबंधन की ताकत साबित करना चाहते हैं। दोनों नेताओं के लिए यह परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक साख तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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