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रोशिबिना देवी का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, लगातार तीन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट

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रोशिबिना देवी का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, लगातार तीन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट

सारांश

नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर जीतकर वह मुकाम हासिल किया जो पहले किसी भारतीय वुशू एथलीट ने नहीं किया — लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक। ब्रॉन्ज (2018) से शुरू हुई यह यात्रा अब दो सिल्वर तक पहुँच गई है, और पूरे देश ने एकस्वर में उनका अभिनंदन किया।

मुख्य बातें

नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वुशू इवेंट में सिल्वर मेडल जीता।
वह लगातार तीन एशियन गेम्स ( 2018, 2022, 2026 ) में पदक जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट बन गई हैं।
उनका मेडल क्रम: ब्रॉन्ज (2018) , सिल्वर (2022) , सिल्वर (2026) ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , पीएम नरेंद्र मोदी , उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , खेल मंत्री मनसुख मांडविया और सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी।
रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुष डबल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

वुशू खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया — वह लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने बधाई दी है।

ऐतिहासिक उपलब्धि का सफ़र

रोशिबिना देवी ने 2018 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल, 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल और अब 2026 एशियन गेम्स में फिर सिल्वर मेडल जीता है। यह क्रम — ब्रॉन्ज (2018), सिल्वर (2022), सिल्वर (2026) — भारतीय वुशू खेल के इतिहास में अभूतपूर्व है। गौरतलब है कि वुशू अभी भी भारत में एक उभरता हुआ खेल है, और रोशिबिना की यह निरंतरता इस खेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, "एशियन गेम्स 2026 में वुशू के महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर रोशिबिना देवी नाओरेम को बहुत बहुत बधाई। लगातार तीन एशियाई खेलों में तीन मेडल जीतना भारतीय वुशू के लिए एक शानदार और ऐतिहासिक उपलब्धि है।"

पीएमओ इंडिया के आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "महिलाओं के सांडा 60 किग्रा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर नओरेम रोशिबिना देवी को बधाई। लगातार तीन एशियन गेम्स में मेडल जीतना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उनका लगातार अच्छा प्रदर्शन, साहस और दृढ़ संकल्प वास्तव में सराहनीय है।"

केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रोशिबिना को "लगातार तीन एशियाई खेलों में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट" बताया और कहा कि उनका प्रदर्शन नई पीढ़ी के भारतीय एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी एक्स पर बधाई संदेश साझा किया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रोशिबिना के मेडल क्रम को रेखांकित करते हुए लिखा, "ब्रॉन्ज (2018), सिल्वर (2022), सिल्वर (2026) — लगातार तीन गेम्स, तीन मेडल। हमें आप पर गर्व है।" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके "साहस, अनुशासन और लड़ने के जज्बे" की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने रोइंग जोड़ी को भी दी बधाई

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रोशिबिना के साथ साथ पुरुषों के डबल स्कल्स रोइंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि सतनाम और सलमान का पोडियम तक पहुँचना उनकी बेहतरीन टीमवर्क और सहनशक्ति को दर्शाता है।

आगे क्या

रोशिबिना की इस उपलब्धि से भारतीय वुशू संघ को उम्मीद है कि इस खेल को देश में और अधिक मान्यता और संसाधन मिलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स 2026 में एकाधिक खेलों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन देने की कोशिश में जुटा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोशिबिना जैसे एथलीटों की निरंतरता आने वाले ओलंपिक चक्र के लिए भारत को एक मजबूत आधार देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत के उन खेलों की कहानी है जो मुख्यधारा की सुर्खियों से दूर, बिना बड़े प्रायोजकों और मीडिया कवरेज के फलते फूलते हैं। वुशू अभी भी ओलंपिक खेल नहीं है, जिसका अर्थ है कि रोशिबिना जैसे एथलीटों को वह सांस्थानिक समर्थन नहीं मिलता जो क्रिकेटरों या बैडमिंटन खिलाड़ियों को मिलता है। सरकारी बधाइयों की बाढ़ स्वागत योग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उत्साह ठोस फंडिंग, बेहतर कोचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वुशू को स्कूल स्तर पर बढ़ावा देने में तब्दील होगा — या फिर अगले गेम्स तक भुला दिया जाएगा।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा मेडल जीता?
नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा वुशू इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। यह उनका तीसरा लगातार एशियन गेम्स पदक है।
रोशिबिना देवी की ऐतिहासिक उपलब्धि क्या है?
रोशिबिना देवी लगातार तीन एशियन गेम्स (2018, 2022 और 2026) में पदक जीतने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट बन गई हैं। उन्होंने 2018 में ब्रॉन्ज, 2022 और 2026 में सिल्वर मेडल जीता है।
किन नेताओं ने रोशिबिना देवी को बधाई दी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, खेल मंत्री मनसुख मांडविया, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें बधाई दी।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने रोइंग में कौन सा पदक जीता?
पुरुषों के डबल स्कल्स रोइंग इवेंट में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस जोड़ी की बेहतरीन टीमवर्क और सहनशक्ति की सराहना की।
वुशू सांडा इवेंट क्या होता है?
वुशू एक चीनी मार्शल आर्ट है जिसके दो मुख्य प्रारूप हैं — 'ताओलु' (फॉर्म) और 'सांडा' (स्पैरिंग/फाइटिंग)। सांडा में प्रतियोगी वज़न वर्गों के अनुसार एक दूसरे से मुकाबला करते हैं; 60 किलोग्राम वर्ग उन्हीं में से एक है। एशियन गेम्स में यह खेल नियमित रूप से शामिल किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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