8 नवंबर 2026
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बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी ने BSF जवानों संग मनाई दिवाली, सीमा सुरक्षा के लिए जमीन देने का ऐलान

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बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी ने BSF जवानों संग मनाई दिवाली, सीमा सुरक्षा के लिए जमीन देने का ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सक्रिय सीमा चौकी पर BSF जवानों संग दिवाली मनाई। सुवेंदु अधिकारी ने न सिर्फ 'सीमा मित्र सम्मान' की घोषणा की, बल्कि बाड़बंदी के लिए जमीन देने का वादा कर राज्य-केंद्र सीमा सहयोग को नई दिशा दी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 8 नवंबर 2026 को हिंगलगंज स्थित BSF कैंप पहुँचे — पश्चिम बंगाल के पहले CM जिन्होंने सीमा पर BSF संग दिवाली मनाई।
वर्ष 2027 से BSF , SSB और पश्चिम बंगाल पुलिस के कर्मियों को 'सीमा मित्र सम्मान' दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने सीमा बाड़बंदी के लिए पहले से विवादित जमीन BSF को सौंपी; भविष्य में और जमीन देने का वादा।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल में BSF और CRPF जवानों के प्रति कथित अपमानजनक व्यवहार पर सार्वजनिक माफी माँगी।
यह दौरा भारत-बांग्लादेश सीमा प्रबंधन में राज्य-केंद्र समन्वय के नए अध्याय का संकेत देता है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 8 नवंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के साथ दिवाली का पर्व मनाया। इस पहल के साथ ही वह पश्चिम बंगाल के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए, जिन्होंने सक्रिय सीमा चौकी पर BSF जवानों के बीच पहुँचकर यह त्योहार मनाया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा की बाड़बंदी के लिए राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने का भी स्पष्ट ऐलान किया।

हिंगलगंज BSF कैंप में पहुँचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री अधिकारी दिवाली की सुबह हिंगलगंज स्थित BSF कैंप पहुँचे। उन्होंने जवानों को मिठाइयाँ और दीये भेंट किए तथा उनके साथ काफी वक्त बिताया। इस दौरान उन्होंने जवानों को दिवाली और काली पूजा की शुभकामनाएँ दीं और उनके परिजनों का भी स्मरण किया।

यह दौरा महज औपचारिकता नहीं था — मुख्यमंत्री ने सीमा पर तैनात जवानों के साहस और बलिदान की खुलकर सराहना की और उनके योगदान को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा।

'सीमा मित्र सम्मान' की घोषणा

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक नए पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 से BSF, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और पश्चिम बंगाल पुलिस के उन कर्मियों को 'सीमा मित्र सम्मान' प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा में असाधारण योगदान दिया है। एक चयन समिति इस पुरस्कार के लिए उपयुक्त कर्मियों का चुनाव करेगी।

गौरतलब है कि यह सम्मान केंद्रीय और राज्य दोनों सुरक्षा बलों को एकसाथ शामिल करने वाली एकीकृत पहल है, जो पश्चिम बंगाल में पहले कभी नहीं हुई।

पिछली सरकार के व्यवहार पर मांगी माफी

मुख्यमंत्री अधिकारी ने पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में BSF और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के प्रति कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों और व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी माँगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में वह सुरक्षा बलों के जवानों से क्षमायाचना करते हैं।

यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है — यह ऐसे समय में आया है जब राज्य और केंद्र सरकार के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर सहयोग का एक नया दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।

सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन देने का वादा

सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उनके अनुसार, पिछली सरकार के दौरान BSF को बाड़बंदी के लिए आवश्यक जमीन देने में अड़चनें आती थीं। अब राज्य सरकार ने वह जमीन सौंप दी है और भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर और जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर सीमा को सुरक्षित करने के लिए और जमीन की जरूरत होगी, तो हम वह भी देंगे।' यह बयान पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा की राजनीतिक जटिलताओं के संदर्भ में उल्लेखनीय है, जहाँ जमीन विवाद वर्षों से BSF की तैनाती में बाधा बनते रहे हैं।

आगे क्या

'सीमा मित्र सम्मान' के लिए चयन प्रक्रिया और समिति के गठन का ब्यौरा आने वाले महीनों में अपेक्षित है, क्योंकि पहला पुरस्कार 2027 में दिया जाना है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी की गति अब राज्य-केंद्र समन्वय की कसौटी बनेगी, जिस पर सुरक्षा विशेषज्ञों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

'सीमा मित्र सम्मान' की घोषणा की व्यावहारिक संरचना — चयन समिति, मानदंड, वित्त पोषण — अभी स्पष्ट नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह सहयोग जमीनी स्तर पर सीमा की निगरानी और बाड़बंदी की गति में मापनीय सुधार लाता है, या यह दौरा राजनीतिक संदेश तक ही सिमट जाता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने BSF जवानों के साथ दिवाली कहाँ मनाई?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 8 नवंबर 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज स्थित BSF कैंप में जवानों के साथ दिवाली मनाई। हिंगलगंज भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित है।
'सीमा मित्र सम्मान' क्या है और यह किसे मिलेगा?
'सीमा मित्र सम्मान' पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 2027 से शुरू होने वाला नया पुरस्कार है। यह BSF, SSB और पश्चिम बंगाल पुलिस के उन कर्मियों को दिया जाएगा जिन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा में असाधारण योगदान दिया हो; चयन एक विशेष समिति करेगी।
सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन को लेकर क्या घोषणा हुई?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि पिछली राज्य सरकार के दौरान BSF को बाड़बंदी के लिए आवश्यक जमीन देने में अड़चनें आती थीं। उनकी सरकार ने वह जमीन BSF को सौंप दी है और भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर और जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों से माफी क्यों माँगी?
अधिकारी ने पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में BSF और CRPF जवानों के प्रति कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों और व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमायाचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में वह सुरक्षा बलों के जवानों से माफी माँगते हैं।
क्या पश्चिम बंगाल में पहले कभी किसी CM ने BSF के साथ दिवाली मनाई है?
नहीं। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री बने हैं जिन्होंने सक्रिय सीमा चौकी पर BSF जवानों के बीच पहुँचकर दिवाली का त्योहार मनाया। यह राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच संबंधों में एक नई मिसाल मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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