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पश्चिम बंगाल BJP सरकार के 100 दिन: सीमा पर 1,100 एकड़ BSF को सौंपी, 16 जूट मिलें फिर खुलीं

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पश्चिम बंगाल BJP सरकार के 100 दिन: सीमा पर 1,100 एकड़ BSF को सौंपी, 16 जूट मिलें फिर खुलीं

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार के 100 दिन — सीमा पर 1,100 एकड़ BSF को सौंपी, 16 जूट मिलें फिर खुलीं, महिलाओं को ₹3,000 'अन्नपूर्णा' और आयुष्मान भारत से जुड़ाव। लेकिन असली परीक्षा वादों के क्रियान्वयन और छूटे लाभार्थियों तक पहुँचने में है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की BJP सरकार 19 अगस्त 2026 को सत्ता के 100 दिन पूरे कर रही है।
बांग्लादेश सीमा से लगे नौ जिलों में 1,100 एकड़ से अधिक भूमि BSF को हस्तांतरित की गई।
दार्जिलिंग में ITBP को 110 एकड़ और SSB को 44 एकड़ भूमि आवंटित।
राज्य की 16 बंद जूट मिलें पहले 100 दिनों में फिर से शुरू की गईं।
'अन्नपूर्णा योजना' के तहत महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह — पिछली सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना के ₹1,500 से दोगुना।
राज्य को 'आयुष्मान भारत' से जोड़ा गया; 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक, 2026' पारित।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार मंगलवार, 19 अगस्त 2026 को सत्ता में अपने पहले 100 दिन पूरे कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार इस अवसर पर सीमा सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे, महिला कल्याण और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अपनी उपलब्धियाँ सार्वजनिक करने की तैयारी में है। नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तुति में ठोस आँकड़ों और नीतिगत बदलावों को केंद्र में रखा जाएगा।

सीमा सुरक्षा: BSF को 1,100 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित

राज्य के भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग (जो सीधे मुख्यमंत्री के नियंत्रण में है) के आँकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश सीमा से लगे नौ जिलों में 767 एकड़ से अधिक भूमि पहले ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, राज्य कैबिनेट ने लगभग 362 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है, जिससे BSF को दी गई कुल भूमि का रकबा 1,100 एकड़ से अधिक हो गया है। इस भूमि का उपयोग बिना बाड़ वाली सीमाओं पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) को 44 एकड़ से अधिक भूमि दी गई है। दार्जिलिंग में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बटालियन मुख्यालय के लिए 110 एकड़ भूमि भी आवंटित की गई है। गौरतलब है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में सीमावर्ती क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वर्षों से अटकी हुई थी।

बुनियादी ढाँचा: रेल, अस्पताल और जूट मिलें

सूत्रों के अनुसार, सरकार सेवक-रंगपो ब्रॉड गेज रेल परियोजना और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में 100 बिस्तरों वाले ESI अस्पताल सहित कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए तेज़ गति से भूमि उपलब्ध कराने को भी अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करेगी। सरकारी गोदामों और बिजली सब-स्टेशनों के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेज़ी लाई गई है।

इसके साथ ही, पहले 100 दिनों में राज्य की 16 बंद जूट मिलों को फिर से शुरू करना भी एक महत्त्वपूर्ण कदम रहा है। राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं में हुए निवेश और उनसे संभावित रोज़गार के आँकड़े भी साझा करेगी।

महिला कल्याण: 'अन्नपूर्णा योजना' और मुफ्त बस यात्रा

चुनावी वादे के अनुरूप, नई सरकार ने 'अन्नपूर्णा योजना' लागू की है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹3,000 दिए जा रहे हैं। यह राशि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत मिलने वाले ₹1,500 से दोगुनी है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि अयोग्य लाभार्थियों को हटाने के लिए अपनाई गई कड़ी जाँच प्रक्रिया के कारण कई वास्तविक हकदार महिलाएँ इस योजना से वंचित रह गई हैं। राज्य सरकार और सत्ताधारी दल ने आश्वासन दिया है कि छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाया जाएगा।

सरकार सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को व्यापक रूप से प्रचारित करने और हर रूट पर सार्वजनिक बसों की संख्या बढ़ाने की भी योजना बना रही है।

केंद्रीय योजनाओं से जुड़ाव: 'आयुष्मान भारत' और स्वास्थ्य बीमा

नई सरकार की एक और बड़ी पहल राज्य को 'आयुष्मान भारत' सहित विभिन्न केंद्र-प्रायोजित योजनाओं से जोड़ना है। पिछली TMC सरकार ने अपनी अलग स्वास्थ्य योजना चलाने के कारण इन केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू नहीं होने दिया था। जो नागरिक आयुष्मान भारत के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें अब मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था: नया सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक पारित

कानून-व्यवस्था सुधार के क्षेत्र में सरकार हाल ही में पारित 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026' को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में उपद्रवी गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनाव का एक प्रमुख मुद्दा रही थी। आगामी दिनों में सरकार इन सभी उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से लंबित था। लेकिन असली कसौटी यह है कि 'अन्नपूर्णा योजना' की कड़ी जाँच प्रक्रिया में कितनी वास्तविक लाभार्थी महिलाएँ छूट गईं — यह संख्या अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। 16 जूट मिलों का फिर से खुलना उत्साहजनक है, परंतु इनमें कितने स्थायी रोज़गार सृजित हुए, यह आँकड़ा सरकार को पारदर्शी तरीके से सामने रखना होगा। केंद्रीय योजनाओं से जुड़ाव स्वागतयोग्य है, किंतु क्रियान्वयन की गति और ज़मीनी पहुँच ही इस सरकार की दीर्घकालिक साख तय करेगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल BJP सरकार के 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
सरकार की सबसे प्रमुख उपलब्धि बांग्लादेश सीमा से लगे नौ जिलों में BSF को 1,100 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित करना है, जो वर्षों से अटकी हुई थी। इसके अलावा 16 बंद जूट मिलों को फिर से शुरू करना और 'अन्नपूर्णा योजना' लागू करना भी प्रमुख कदम रहे हैं।
'अन्नपूर्णा योजना' क्या है और यह 'लक्ष्मी भंडार' से कैसे अलग है?
'अन्नपूर्णा योजना' पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार की महिला कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह दिए जाते हैं। पिछली TMC सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना में यह राशि ₹1,500 थी, यानी नई योजना में दोगुनी राशि का प्रावधान है।
BSF को भूमि हस्तांतरण क्यों ज़रूरी था?
बांग्लादेश के साथ लगती पश्चिम बंगाल की सीमा के कई हिस्सों में अभी तक कंटीले तारों की बाड़ नहीं लगी थी, क्योंकि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अटकी हुई थी। BSF को यह भूमि मिलने से अब बाड़बंदी का काम तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा, जिससे अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
पश्चिम बंगाल को 'आयुष्मान भारत' से कब जोड़ा गया?
नई BJP सरकार ने सत्ता में आने के बाद पहले 100 दिनों में राज्य को 'आयुष्मान भारत' योजना से जोड़ा। पिछली TMC सरकार ने अपनी अलग स्वास्थ्य योजना चलाने के कारण इसे राज्य में लागू नहीं होने दिया था। जो नागरिक आयुष्मान भारत के पात्र नहीं हैं, उन्हें 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' के तहत कवर किया जाएगा।
'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक, 2026' का उद्देश्य क्या है?
हाल ही में पारित इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में उपद्रवी गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। यह कानून-व्यवस्था सुधार की दिशा में नई सरकार का एक प्रमुख विधायी कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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