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बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किमी फेंसिंग के लिए BSF को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी: BJP

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बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किमी फेंसिंग के लिए BSF को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी: BJP

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने ढाई महीनों में BSF को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपकर 172.6 किमी सीमा फेंसिंग का रास्ता साफ किया — जो TMC शासन में वर्षों से अटकी थी। BJP ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्य बातें

BJP के अनुसार, CM सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने ढाई महीनों में BSF को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी।
यह जमीन भारत-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किलोमीटर की कंटीले तारों की बाड़ के लिए है।
सर्वाधिक जमीन मुर्शिदाबाद में — 45.4 किमी फेंसिंग के लिए 337 एकड़ ।
BJP का आरोप है कि पूर्व TMC सरकार के कार्यकाल में यह कार्य पूरी तरह नजरअंदाज रहा।
नई नीति के तहत राज्य सरकार जमीन खरीदकर BSF को सौंपती है और केंद्र से लागत वसूलती है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 14 जुलाई को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो रही है। पार्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को महज ढाई महीनों में 1,024.75 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।

मुख्य घटनाक्रम

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर यह जानकारी साझा की। उनके बयान में दावा किया गया कि 172.6 किलोमीटर की सीमा फेंसिंग के लिए BSF को यह जमीन सौंपी गई है। इस बयान को बाद में स्वयं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया।

जिलेवार जमीन का ब्यौरा

जमीन सौंपने के मामले में मुर्शिदाबाद सबसे आगे है, जहाँ 45.4 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 337 एकड़ जमीन दी गई। नॉर्थ 24 परगना में 42.07 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 241.03 एकड़ और मालदा में 20.15 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 176.78 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई।

कूचबिहार में 39.39 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 135.33 एकड़, नादिया में 14.79 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 95.11 एकड़ और साउथ दिनाजपुर में 7.75 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 26.41 एकड़ जमीन सौंपी गई। इसके अलावा, नॉर्थ दिनाजपुर में बॉर्डर गार्ड ऑर्गनाइजेशन को 1.28 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 6.61 एकड़, दार्जिलिंग में 1.45 किलोमीटर के लिए 4.31 एकड़ और जलपाईगुड़ी में 0.31 किलोमीटर के लिए 2.17 एकड़ जमीन दी गई।

सरकार की नीति और पिछली सरकार से तुलना

BJP का दावा है कि नई राज्य सरकार की नीति के तहत राज्य प्रशासन जमीन मालिकों से सीधे जमीन खरीदता है, उसे BSF को सौंपता है और बाद में केंद्र सरकार से लागत की भरपाई करता है। पार्टी का आरोप है कि यह कार्य ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता रहा था। गौरतलब है कि सीमा पर जमीन उपलब्ध न होने के कारण बाड़ लगाने का काम वर्षों से अटका हुआ था।

BJP का बयान

प्रदीप भंडारी के बयान में कहा गया, 'सीमा सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल भारत की सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए BSF को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे पहले।'

आगे की राह

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी की घटनाएँ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं। BSF को जमीन मिलने से बाड़ लगाने की गति में तेजी आने की उम्मीद है, जो सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल पार्टी के सोशल मीडिया बयान के आधार पर तथ्य मानना जल्दबाजी होगी — स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सीमा सुरक्षा एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। TMC पर लगाया गया आरोप कि उसने जमीन उपलब्ध नहीं कराई, एक पुराना विवाद है जिसे BJP चुनावी आख्यान में बार-बार उठाती रही है। असली कसौटी यह होगी कि बाड़ लगाने का काम वास्तव में कितनी तेजी से जमीन पर होता है और घुसपैठ की घटनाओं में मापनीय कमी आती है या नहीं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कितनी जमीन BSF को सौंपी गई है?
BJP के दावे के अनुसार, नई राज्य सरकार ने ढाई महीनों में BSF को कुल 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी है। यह जमीन 172.6 किलोमीटर की सीमा फेंसिंग के लिए नौ जिलों में हस्तांतरित की गई है।
किस जिले में सबसे ज्यादा जमीन BSF को दी गई है?
मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 337 एकड़ जमीन सौंपी गई है, जो 45.4 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए है। इसके बाद नॉर्थ 24 परगना (241.03 एकड़) और मालदा (176.78 एकड़) का स्थान है।
BJP का TMC सरकार पर क्या आरोप है?
BJP का आरोप है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्व TMC सरकार ने सीमा फेंसिंग के लिए BSF को जमीन उपलब्ध कराने का काम पूरी तरह नजरअंदाज किया। इस कारण बाड़ लगाने का कार्य वर्षों से अटका रहा।
नई BJP सरकार की जमीन अधिग्रहण नीति क्या है?
नई राज्य सरकार की नीति के तहत राज्य प्रशासन जमीन मालिकों से सीधे जमीन खरीदता है, उसे BSF को सौंपता है और बाद में केंद्र सरकार से लागत की भरपाई करता है। यह प्रक्रिया पिछले तरीके से अलग और तेज बताई जा रही है।
यह सीमा फेंसिंग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी लंबे समय से सुरक्षा चुनौती रही है। कंटीले तारों की बाड़ लगने से इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है और सीमावर्ती जिलों में BSF की निगरानी क्षमता बढ़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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