2018 केरल बाढ़ ऑडियो विवाद: क्राइम ब्रांच करेगी कृष्णनकुट्टी की कथित रिकॉर्डिंग की जांच
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने 14 जुलाई को एक विवादित ऑडियो क्लिप की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इस क्लिप में कथित तौर पर पूर्व बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी की आवाज है, जिसमें 2018 की विनाशकारी केरल बाढ़ को एक आपराधिक साजिश और मानवीय हस्तक्षेप का परिणाम बताया गया है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने एक निजी शिकायत के आधार पर यह जांच आदेश जारी किए।
मुख्य आरोप और ऑडियो का सार
कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनाडन ने यह कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी। उनके अनुसार, इस क्लिप से पता चलता है कि थोट्टापल्ली स्पिलवे को विभागीय अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद लगभग एक महीने तक जानबूझकर बंद रखा गया। कुझलनाडन ने आरोप लगाया कि यह निर्णय एक निजी ठेकेदार के व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए किया गया, ताकि स्पिलवे खुलने पर बहने वाली कीमती खनिज रेत जमा बच सके।
उन्होंने आगे कहा कि इस देरी के कारण चेंगन्नूर सहित निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और विकराल हो गई, जबकि निजी हितों को फायदा पहुँचा। ऑडियो में बांध प्रबंधन में अनियमितताओं और वित्तीय कारणों से प्रभावित निर्णयों का भी उल्लेख बताया गया है।
आरोपियों की प्रतिक्रिया
पूर्व सिंचाई मंत्री मैथ्यू टी. थॉमस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि IIT मद्रास सहित विशेषज्ञों के अध्ययनों से पहले ही यह प्रमाणित हो चुका है कि 2018 की बाढ़ का प्रबंधन उचित तरीके से किया गया था। थॉमस ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनावी समय की दृष्टि से लगाए गए बताया।
वहीं, कृष्णनकुट्टी ने ऑडियो की प्रामाणिकता पर संदेह जताते हुए कहा कि यह एआई-निर्मित मनगढ़ंत सामग्री हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में वे अपनी कानूनी टीम से परामर्श के बाद निर्णय लेंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया था और इसने राजनीतिक हलचल मचा दी। इन आरोपों ने तत्कालीन सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार की सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) — JDS के भीतर पहले से चले आ रहे मतभेदों को फिर से हवा दे दी।
गौरतलब है कि पाँच बार विधायक रहे मैथ्यू टी. थॉमस तिरुवल्ला सीट से चुनाव हार गए और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कृष्णनकुट्टी ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा।
क्राइम ब्रांच जांच का दायरा
क्राइम ब्रांच को अब ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच और 2018 की बाढ़ प्रबंधन से जुड़े दावों की पड़ताल का काम सौंपा गया है। यह याद दिलाना ज़रूरी है कि 2018 की केरल बाढ़ राज्य के इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई और लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
जांच का परिणाम न केवल ऑडियो की सत्यता तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि 2018 की त्रासदी में मानवीय लापरवाही या साजिश की कोई भूमिका थी या नहीं।