23 अगस्त 2026
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पलक्कड़ में पॉक्सो मामलों की बढ़त पर केरल सरकार सख्त, आईजी पूनकुझली की अध्यक्षता में विशेष कार्य बल गठित

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पलक्कड़ में पॉक्सो मामलों की बढ़त पर केरल सरकार सख्त, आईजी पूनकुझली की अध्यक्षता में विशेष कार्य बल गठित

सारांश

केरल के पलक्कड़ में वालयार समेत चार पुलिस थानों में पॉक्सो मामलों की बढ़त ने सरकार को हरकत में ला दिया। गृह मंत्री चेन्निथला ने आईजी पूनकुझली की अध्यक्षता में बहुविषयक कार्य बल बनाया जो अपराध के सामाजिक और डिजिटल कारणों की भी पड़ताल करेगा।

मुख्य बातें

केरल सरकार ने 7 जुलाई को पलक्कड़ में पॉक्सो मामलों की वृद्धि की जांच के लिए उच्च स्तरीय विशेष कार्य बल गठित करने का आदेश दिया।
कार्य बल की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक पूनकुझली करेंगी; रिपोर्ट तीन महीनों में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह को सौंपनी होगी।
जांच वालयार, कोल्लेनगोडे, मीनाक्षीपुरम और कोझिंजमपारा थानों पर केंद्रित रहेगी।
बल में पुलिस के अलावा सखी, जिला बाल कल्याण कार्यालय और महिला संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव की भी जांच होगी।
यह निर्णय केरल विधानसभा की दसवीं बैठक की अनुमान समिति की सिफारिशों के अनुपालन में लिया गया।

केरल सरकार ने पलक्कड़ जिले के चुनिंदा पुलिस थानों में पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में अपेक्षाकृत वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए 7 जुलाई को एक उच्च स्तरीय विशेष कार्य बल के गठन का आदेश दिया। इस बल की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक पूनकुझली करेंगी और इसे तीन महीनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।

किन थानों पर होगी जांच केंद्रित

कार्य बल की जांच मुख्य रूप से वालयार, कोल्लेनगोडे, मीनाक्षीपुरम और कोझिंजमपारा पुलिस थानों पर केंद्रित रहेगी। इन क्षेत्रों में पॉक्सो मामलों की संख्या जिले के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल विधानसभा की दसवीं बैठक की अनुमान समिति ने इन क्षेत्रों में बाल यौन शोषण के मामलों की अधिकता के कारणों का गहन अध्ययन करने और निवारक उपायों की सिफारिश के लिए एक बहुविषयक समिति गठित करने का सुझाव दिया था।

गृह मंत्री का निर्देश

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने गृह विभाग को तीन दिनों के भीतर कार्य बल का गठन पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यह बल तीन महीनों के भीतर अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। गौरतलब है कि यह निर्णय विधानसभा की अनुमान समिति की सिफारिशों के सीधे अनुपालन में लिया गया है।

कार्य बल की संरचना और दायरा

इस बहुविषयक कार्य बल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जिला जनजागरण समिति, जिला महिला प्रकोष्ठ, सखी, जिला बाल कल्याण कार्यालय और महिला संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसे केवल अपराधों के स्वरूप की जांच नहीं करनी है, बल्कि उन व्यापक सामाजिक परिस्थितियों का भी अध्ययन करना है जो बच्चों को अधिक जोखिम में डाल सकती हैं।

डिजिटल उपकरणों की भूमिका की भी होगी पड़ताल

कार्य बल को विशेष रूप से यह जांचने का दायित्व सौंपा गया है कि स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल उपकरणों के व्यापक उपयोग ने बच्चों के व्यवहार, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं, मनोवैज्ञानिक कल्याण और पारस्परिक संबंधों को किस प्रकार प्रभावित किया है। यह भी देखा जाएगा कि क्या विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बच्चे इन बदलावों से अलग-अलग तरह से प्रभावित होते हैं और क्या डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग ने उन्हें शोषण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया है।

आगे क्या होगा

कार्य बल की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार निवारक नीतियों और हस्तक्षेप कार्यक्रमों की दिशा तय करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बहुविषयक जांच से न केवल अपराध के मूल कारणों की पहचान होगी, बल्कि दीर्घकालिक बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन मामलों में दोषसिद्धि की दर क्या रही है और पीड़ित बच्चों को पुनर्वास मिला या नहीं। कार्य बल का दायरा सामाजिक-आर्थिक और डिजिटल कारणों तक विस्तारित करना सही दिशा है, परंतु तीन महीने की समयसीमा में इतनी व्यापक जांच की व्यावहारिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वालयार जैसे क्षेत्रों में पहले भी बाल शोषण के मामले सुर्खियों में आ चुके हैं — बिना ठोस नीतिगत बदलाव के यह कार्य बल भी एक और रिपोर्ट बनकर न रह जाए, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल सरकार ने पलक्कड़ में पॉक्सो मामलों के लिए कार्य बल क्यों गठित किया?
पलक्कड़ जिले के वालयार, कोल्लेनगोडे, मीनाक्षीपुरम और कोझिंजमपारा थानों में पॉक्सो मामलों की संख्या जिले के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक पाई गई। केरल विधानसभा की अनुमान समिति की सिफारिश के बाद गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने यह कार्य बल गठित करने का आदेश दिया।
इस विशेष कार्य बल की अध्यक्षता कौन करेगा और इसमें कौन शामिल होगा?
कार्य बल की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक पूनकुझली करेंगी। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जिला जनजागरण समिति, जिला महिला प्रकोष्ठ, सखी, जिला बाल कल्याण कार्यालय और महिला संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्य बल को रिपोर्ट कब तक सौंपनी होगी?
कार्य बल को तीन महीनों के भीतर अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। कार्य बल का गठन तीन दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
क्या इस जांच में डिजिटल उपकरणों की भूमिका भी देखी जाएगी?
हां, कार्य बल को यह जांचने का दायित्व भी सौंपा गया है कि स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल उपकरणों के व्यापक उपयोग ने बच्चों के व्यवहार, मनोवैज्ञानिक कल्याण और पारस्परिक संबंधों को किस प्रकार प्रभावित किया है। यह भी देखा जाएगा कि क्या इन बदलावों ने बच्चों को शोषण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया है।
यह निर्णय किस आधार पर लिया गया?
यह निर्णय केरल विधानसभा की दसवीं बैठक की अनुमान समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया, जिसमें प्रभावित क्षेत्रों में पॉक्सो मामलों की अधिकता के कारणों का गहन अध्ययन करने और निवारक उपायों की सिफारिश के लिए एक बहुविषयक समिति गठित करने का सुझाव दिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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