सीरिया पर से प्रतिबंध हटाएगा अमेरिका, ट्रंप बोले — 'दोस्तों पर पाबंदी नहीं लगाते'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जुलाई को अंकारा में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सीरिया पर लगे दीर्घकालिक आर्थिक प्रतिबंध हटाने की दिशा में काम कर रही है। ट्रंप ने सीरिया को 'दोस्त देश' करार देते हुए कहा कि मित्र राष्ट्रों पर प्रतिबंध लगाना उनकी नीति नहीं है। यह बयान अमेरिका और सीरिया के बीच संबंध सामान्य करने की दिशा में अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
मुख्य घोषणा और ट्रंप के शब्द
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'हम सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में उनकी पूरी कैबिनेट शामिल है — विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, 'अब ऐसा करने का समय आ गया है। आप अपने दोस्तों पर प्रतिबंध नहीं लगाते — बात इतनी सी है। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन पर हम प्रतिबंध लगा सकते हैं और लगा भी रहे हैं, लेकिन हम अपने दोस्तों पर पाबंदी नहीं लगाना चाहते।'
एर्दोगन की भूमिका और तुर्की का योगदान
ट्रंप ने सीरिया के नए नेतृत्व के साथ रिश्ते बनाने में एर्दोगन की भूमिका की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति एर्दोगन की वजह से हमारे सीरिया के नए नेता के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। करीब डेढ़ साल में उन्होंने पूरे देश को एकजुट कर दिया है — पूरे देश को साथ लाना आसान काम नहीं था।'
ट्रंप ने यह भी रेखांकित किया कि तुर्की ने ईरान से जुड़े मामलों में भी अहम भूमिका निभाई है और मजबूत सेना होने के बावजूद हालिया क्षेत्रीय संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'तुर्की एक ऐसा देश है जिसने बहुत अच्छा सहयोग किया है।'
प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि
सीरिया पर ये आर्थिक प्रतिबंध अमेरिका की पिछली कई सरकारों ने लगाए थे — मुख्यतः पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासनकाल में मानवाधिकार उल्लंघनों और गृहयुद्ध के संदर्भ में। गौरतलब है कि असद सरकार के पतन के बाद सीरिया में नई सत्ता स्थापित हुई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धीरे-धीरे मान्यता मिल रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी कूटनीतिक रणनीति को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है और क्षेत्रीय देशों को शांति प्रयासों में अग्रणी भूमिका देने पर जोर दे रहा है।
नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अहम बैठक
यह मुलाकात नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई, जिससे इसका कूटनीतिक महत्व और बढ़ जाता है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान की स्थिति और अमेरिका-तुर्की द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की।
आने वाले हफ्तों में प्रतिबंध हटाने की औपचारिक प्रक्रिया और उसके स्वरूप पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है, जो सीरिया की आर्थिक पुनर्बहाली और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए निर्णायक होगी।