क्या ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कूटनीति समाप्त कर दी?

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क्या ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कूटनीति समाप्त कर दी?

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपने रुख को सख्त करते हुए सभी बैठकें रद्द कर दी हैं और नए टैरिफ लागू किए हैं। साथ ही, उन्होंने ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन किया है। जानें इस महत्वपूर्ण कदम के पीछे की वजह और ट्रंप के बयान।

Key Takeaways

  • ट्रंप ने सभी ईरानी बैठकों को रद्द किया।
  • ईरान पर नए टैरिफ लागू किए गए।
  • प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया गया।
  • अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने का प्रयास।
  • ईरान की मौजूदा सरकार की आलोचना की।

वाशिंगटन, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, ईरान से जुड़े व्यापार पर नए टैरिफ भी लागू कर दिए हैं, और उन्होंने ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है।

ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही हिंसा के कारण लिया गया है।

डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, "जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने सभी ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकें रद्द कर दी हैं।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान में जो घटनाएँ हो रही हैं, वे अस्वीकार्य हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ईरानी देशभक्तों' को संबोधित करते हुए उनसे प्रदर्शन जारी रखने को कहा।

उन्होंने कहा, "सभी ईरानी देशभक्तों से मेरी अपील है कि प्रदर्शन करते रहिए। यदि संभव हो तो अपनी संस्थाओं पर नियंत्रण प्राप्त कीजिए।"

ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ईरान में मौतों के आंकड़ों पर ट्रंप ने कहा कि विभिन्न रिपोर्टें आ रही हैं। मुझे पांच प्रकार के आंकड़े सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन एक मौत भी बहुत अधिक है। जवाबदेही तय होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने बताया कि ईरान पर नया दबाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

उन्होंने कहा, "आपने देखा कि मैंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर व्यक्ति और देश पर टैरिफ लगा दिए हैं। यह आज से लागू हो गया है।"

ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेश नीति का मुख्य हथियार बताया और कहा कि इसका उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है।

ट्रंप ने 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' जैसे शब्दों का उपयोग करते हुए ईरान के मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान एक महान देश है, लेकिन वर्तमान शासकों ने उसे नुकसान पहुँचाया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बाहरी दबाव से ईरान में बदलाव आएगा और कहा, "मैं बस इतना कहता हूँ कि मदद रास्ते में है।"

ट्रंप ने टैरिफ को लंबी सैन्य कार्रवाई का बेहतर विकल्प बताया। उनके अनुसार, व्यापारिक दबाव से पहले भी कई मामलों में नतीजे मिले हैं।

उन्होंने ईरान को अन्य विदेशी नीति कार्रवाइयों से जोड़ते हुए परमाणु ठिकानों पर हमलों और आतंकवादी नेताओं के खिलाफ अभियानों का उल्लेख किया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की व्यापार और सुरक्षा संबंधी मांगों का विरोध करते हैं, उन पर भी टैरिफ लगाए जाते हैं। ट्रंप के अनुसार, टैरिफ कूटनीति से ज्यादा असरदार दबाव बनाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार रिकॉर्ड लंबे समय से तनाव की वजह बने हुए हैं। अमेरिका पहले भी प्रतिबंधों, टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाता रहा है ताकि सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत रखी जा सके।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ट्रंप की यह कड़ी प्रतिक्रिया ईरान में चल रहे प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए है। यह कदम एक नई कूटनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है, जहां अमेरिका सीधे तौर पर ईरान की आंतरिक स्थिति में हस्तक्षेप कर रहा है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
ट्रंप ने सभी ईरानी अधिकारियों के साथ बैठकों को रद्द किया, नए टैरिफ लागू किए और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बात की।
ईरान में प्रदर्शनकारियों की स्थिति क्या है?
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखा है, और ट्रंप ने उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
क्या टैरिफ लागू होने से ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?
हाँ, ट्रंप ने कहा है कि नए टैरिफ से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है।
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