त्रिफला का सेवन: वात प्रवृत्ति वालों को जानना चाहिए इसके नुकसान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
त्रिफला का सेवन: वात प्रवृत्ति वालों को जानना चाहिए इसके नुकसान

सारांश

आयुर्वेद में त्रिफला को स्वास्थ्य का अमृत माना गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि वात प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के लिए इसका सेवन हानिकारक हो सकता है? जानें इसके सही सेवन की विधि और इसके लाभ।

मुख्य बातें

त्रिफला का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
वात प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए।
घी और गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन करें।
रात को सोते समय त्रिफला का सेवन सबसे प्रभावी होता है।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आयुर्वेद में 'त्रिफला' को स्वास्थ्य के लिए अमृत माना जाता है। यह न केवल पेट की समस्याओं के लिए, बल्कि आंखों के लिए भी फायदेमंद है। बाजार में इसका चूर्ण आसानी से उपलब्ध है।

त्रिफला में आंवला, बहेड़ा, और हरड़ का मिश्रण होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं। लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली के कारण लोग बिना समझे त्रिफला का सेवन कर रहे हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, त्रिदोष के कारण हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है। यदि आपकी वात प्रकृति अधिक है, तो त्रिफला का सेवन आपके लिए हानिकारक हो सकता है। त्रिफला का सेवन करने से पहले, अपने शरीर की प्रवृत्ति को पहचानना और सेवन की सही विधि जानना अत्यंत आवश्यक है।

वात प्रकृति के व्यक्तियों में रूखापन और शीतता होती है। ऐसे लोगों की त्वचा सूखी, पाचन कमजोर और जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है। त्रिफला का स्वभाव भी रूखा होने के कारण, यदि इसे साधे पानी के साथ लिया जाए, तो यह और अधिक रूखापन पैदा कर सकता है।

इसलिए, वात प्रवृत्ति वाले लोगों को त्रिफला को घी और गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। घी से रूखापन कम होगा और आंतों में कब्ज की समस्या नहीं रहेगी। इसके अलावा, त्रिफला का सेवन अरंडी के तेल के साथ भी किया जा सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष रात के समय अधिक सक्रिय रहता है, इसलिए त्रिफला का सेवन रात को सोने से पहले करना सबसे प्रभावी होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वात प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को इसके सेवन से पहले अपने शरीर की प्रकृति को समझना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या त्रिफला का सेवन सभी के लिए सुरक्षित है?
नहीं, त्रिफला का सेवन सभी के लिए सुरक्षित नहीं है। खासकर वात प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए।
त्रिफला का सही सेवन कैसे किया जाए?
वात प्रवृत्ति वाले लोगों को त्रिफला को घी और गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए।
त्रिफला का सेवन कब करना चाहिए?
आयुर्वेद के अनुसार, त्रिफला का सेवन रात को सोते समय करना सबसे लाभकारी होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले