क्या सीरियाई सेना ने अलेप्पो में नियंत्रण प्राप्त किया? कुर्द लड़ाकों का इनकार
सारांश
Key Takeaways
- सीरिया की सेना ने अलेप्पो में कब्जा करने का दावा किया है।
- कुर्द लड़ाकों ने इस दावे को खारिज किया है।
- सीजफायर के बाद संघर्ष बढ़ा है।
- स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को खतरा है।
- संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर चिंता जताई है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्षों से गृहयुद्ध का दंश झेल रहे सीरियाई नागरिकों को शांति नहीं मिल रही है। सीरिया की सेना ने शनिवार को यह दावा किया कि उसने अलेप्पो के कुर्द क्षेत्र में कब्जा कर लिया है। हालांकि, कुर्द लड़ाकों ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया।
इससे पहले, सीरिया ने अलेप्पो पर एयरस्ट्राइक करने की धमकी दी थी। सीजफायर के दौरान कुर्द लड़ाकों को वापस जाने की समय सीमा समाप्त होने के बाद सीरियाई सेना ने यह कार्रवाई की। सेना ने रातभर शेख मकसूद जिले पर हमला किया।
सीरिया की सेना ने शनिवार को शेख मकसूद इलाके में एक व्यापक सुरक्षा अभियान
सना न्यूज एजेंसी के अनुसार, सैन्य स्रोतों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान एसडीएफ के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। एसडीएफ एक कुर्द के नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स है। सीरियाई सैनिकों के इस दावे के बाद, कुर्द लड़ाकों ने कहा कि शेख मकसूद पर सरकारी नियंत्रण का दावा झूठा और गुमराह करने वाला है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए एक पोस्ट में सीरिया की सेना ने हथियारबंद लोगों से अपने हथियारों के साथ सरेंडर करने का अनुरोध किया। मंगलवार को झड़प शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों से कम से कम 21 आम नागरिक मारे गए हैं। इसके अलावा, हजारों लोग अलेप्पो से भागने को मजबूर हुए हैं।
यूएन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, झड़पों में तीन अस्पतालों समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है और कुछ में देखभाल सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। इसके साथ ही, शहर की मुख्य सड़कों पर आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
सीरिया में दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को सत्ता से हटा दिया गया था। तब से, सीरिया एक राजनैतिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। सीरिया की सेना और लड़ाकों के बीच सत्ता नियंत्रण को लेकर अक्सर झड़प और हिंसा देखने को मिलती है।