क्या साइकिलिंग नेतृत्व का गुण सिखाती है? 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम में डॉ. मनसुख मांडविया का बयान
सारांश
Key Takeaways
- साइकिलिंग से संतुलन और धैर्य सीखें।
- फिट इंडिया ऐप डाउनलोड करें।
- साइकिलिंग से प्रदूषण में कमी आएगी।
- साइकिलिंग को नियमित रूप से अपनाएं।
- युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 'संडे ऑन साइकिल' का 56वां संस्करण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस और बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद शामिल हुए। इस अवसर पर साइकिलिंग को फिटनेस के माध्यम से नेतृत्व और प्रदूषण के समाधान के रूप में प्रमोट किया गया।
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "एक वर्ष पूर्व जब 'संडे ऑन साइकिल' की शुरुआत हुई थी, तब देशभर में 240 स्थानों पर इसका आयोजन किया गया था। आज 15,000 से अधिक स्थानों पर 'संडे ऑन साइकिल' के माध्यम से युवा फिटनेस का संदेश दे रहे हैं। मुझे खुशी है कि हमारे साथ विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग में भाग लेने आए युवा नेता जुड़े हैं। युवा देश के भविष्य हैं।"
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि साइकिल हमें संतुलन सिखाती है। नेतृत्व में भी संतुलन बहुत आवश्यक है। कब धैर्य रखना है, कब धीमे चलना है और कब तेज चलना है, यह हम साइकिलिंग से सीख सकते हैं। साइकिलिंग के माध्यम से आप खुद को फिट रख सकते हैं। आप जब फिट होंगे, स्वस्थ होंगे, तभी देश को नेतृत्व दे पाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा कि वे फिट इंडिया ऐप डाउनलोड करें। इस ऐप पर साइकिलिंग को रिकॉर्ड किया जाएगा और आपको कार्बन क्रेडिट मिलेगा। साइकिलिंग प्रदूषण को कम करने का एक तरीका है। यदि आपका कार्यालय नजदीक है, तो आप साइकिल से भी जा सकते हैं।
डॉ. मनसुख मांडविया ने पुलेला गोपीचंद, लिएंडर पेस और सैकड़ों लोगों के साथ साइकिलिंग की और फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाई। इस आयोजन में विभिन्न राज्यों से दिल्ली आए युवा भी शामिल हुए।
देशभर से एकत्रित युवा डॉ. मनसुख मांडविया, लिएंडर पेस और पुलेला गोपीचंद के साथ मिलकर उत्साहित नजर आए।