क्या सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र?

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क्या सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र?

सारांश

सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। विभिन्न राज्यों के कलाकार अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से इस आयोजन को और भी भव्य बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे यहाँ का उत्साह अपने चरम पर है।

Key Takeaways

  • सोमनाथ में वैदिक मंत्रों की गूंज हो रही है।
  • प्रधानमंत्री मोदी 'शौर्य यात्रा' में शामिल होंगे।
  • विभिन्न राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं।
  • १०८ घोड़ों का जुलूस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • यह आयोजन सोमनाथ मंदिर की धरोहर को सम्मानित करता है।

सोमनाथ, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत आयोजित 'शौर्य यात्रा' से पहले सोमनाथ में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को इस 'शौर्य यात्रा' में शामिल होंगे। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं।

मणिपुर, केरल, राजस्थान और अन्य कई राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से सोमनाथ की महक बढ़ा रहे हैं। मणिपुर से आए एक कलाकार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हम यहाँ आकर बहुत खुश हैं। हम 'वसंत रास' प्रस्तुत कर रहे हैं।"

एक कलाकार ने बताया कि उनका ग्रुप यहाँ मयूर नृत्य करेगा। उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देंगे। उनसे मिलकर हम बहुत उत्साहित होते हैं।"

यहाँ देवी दुर्गा की प्रस्तुति के लिए भी कलाकारों का एक ग्रुप आया है। उन्होंने कहा, "हम अपनी प्रस्तुति के माध्यम से देवी दुर्गा से प्रार्थना करते हैं।" एक अन्य कलाकार ने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने गुजरात का गरबा पेश कर रहे हैं। हमने उन्हें पहले भी देखा था, जब हमने अहमदाबाद में प्रदर्शन किया था।"

एक तीर्थयात्री ने कहा, "यहाँ निश्चित रूप से उत्साह है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। वह देश के प्रधानमंत्री हैं और गुजरात के निवासी हैं। आप देख सकते हैं कि यहाँ कितनी बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई है।"

सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' के लिए लाए गए १०८ घोड़े लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। शौर्य यात्रा में १०८ घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा।

इसके बाद, प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। फिर वे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

Point of View

बल्कि यह देश की एकता और विविधता को भी दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बनाती है, जो दर्शाता है कि हमारा देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कैसे सहेजता है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या 'शौर्य यात्रा' का आयोजन वार्षिक है?
हाँ, 'शौर्य यात्रा' एक वार्षिक आयोजन है जो सोमनाथ मंदिर की धरोहर को मनाने के लिए किया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी कब इस यात्रा में शामिल होंगे?
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को 'शौर्य यात्रा' में शामिल होंगे।
इस यात्रा में कितने घोड़े शामिल हैं?
इस यात्रा में १०८ घोड़े शामिल हैं, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक हैं।
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