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ट्रंप का मेलोनी पर बड़ा बयान: 'अच्छी इंसान हैं, लेकिन ईरान मामले में की गलती'

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ट्रंप का मेलोनी पर बड़ा बयान: 'अच्छी इंसान हैं, लेकिन ईरान मामले में की गलती'

सारांश

नाटो सम्मेलन से पहले ट्रंप ने अंकारा में मेलोनी को 'अच्छी इंसान' कहते हुए भी ईरान अभियान में साथ न देने पर 'गलती' करार दिया। जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूके — सभी ने इनकार किया; सिर्फ तुर्की की तारीफ हुई। यह बयान नाटो एकता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जुलाई 2026 को अंकारा में कहा कि जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान अभियान में साथ न देकर 'गलती' की।
ट्रंप के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य मामले में इनकार के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते 'थोड़े खराब' हो गए।
जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूनाइटेड किंगडम — चारों नाटो सहयोगियों ने ईरान अभियान में भागीदारी से इनकार किया।
ट्रंप ने तुर्की और राष्ट्रपति एर्दोगन की तनाव कम करने में भूमिका की सराहना की।
यह बयान नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया, जहाँ रक्षा साझेदारी पर चर्चा होनी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को अंकारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियान में अमेरिका का साथ न देकर 'गलती' की, जिसके कारण दोनों नेताओं के बीच संबंधों में खटास आ गई। यह बयान उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया।

क्या बोले ट्रंप

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ बैठक से पहले ट्रंप ने कहा, 'पहले हमारे रिश्ते अच्छे थे, लेकिन फिर थोड़े खराब हो गए क्योंकि उन्होंने हमारी मदद करने से मना कर दिया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि मेलोनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के मुद्दे पर अभियान में शामिल होने से इनकार किया।

सोशल मीडिया पर मेलोनी को लेकर की गई एक हालिया पोस्ट के संदर्भ में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह अच्छी इंसान हैं, लेकिन उन्होंने गलती की।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने मेलोनी पर 'ज़्यादा दबाव नहीं डाला था।'

यूरोप की तेल-निर्भरता पर ट्रंप का तर्क

ट्रंप ने यूरोपीय देशों की होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता बनाए रखने की ज़िम्मेदारी को उनकी ऊर्जा निर्भरता से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'उन्हें अपना बहुत सारा तेल वहीं से मिलता है। हमें वहाँ से तेल की ज़रूरत नहीं है — अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा तेल है।' उनके अनुसार अमेरिका यह अभियान अपनी ऊर्जा ज़रूरत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए चला रहा है।

नाटो सहयोगियों की आलोचना

ट्रंप ने केवल इटली तक सीमित न रहते हुए कई प्रमुख नाटो सदस्यों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूनाइटेड किंगडम — सभी ने ईरान से जुड़े अभियान में भाग लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे इस संकट के ज़रिए यह परखना चाहते थे कि सहयोगी देश वास्तव में अमेरिका के साथ खड़े होते हैं या नहीं।

तुर्की की भूमिका की सराहना

इसी बातचीत में ट्रंप ने राष्ट्रपति एर्दोगन और तुर्की की भूमिका की प्रशंसा की। उनके अनुसार तुर्की के पास ईरान संकट में सैन्य रूप से शामिल होने की क्षमता थी, लेकिन उसने इसके बजाय तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने में मध्यस्थता की — जिसे ट्रंप ने सकारात्मक योगदान बताया।

आगे क्या

यह बयान नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया है, जहाँ अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के बीच रक्षा साझेदारी और बोझ-साझाकरण पर चर्चा होनी है। मेलोनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद नाटो के भीतर एकता की परीक्षा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह गठबंधन की साख के लिए गंभीर संकेत है। दिलचस्प यह है कि ट्रंप ने तुर्की — जो नाटो का सदस्य होते हुए भी अक्सर पश्चिमी नीतियों से असहमत रहता है — की प्रशंसा की, जबकि पारंपरिक सहयोगियों की आलोचना की। यह संकेत देता है कि अमेरिकी विदेश नीति में 'साझा मूल्य' की जगह 'तत्काल सहयोग' अधिक मायने रखने लगा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने मेलोनी को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि मेलोनी 'अच्छी इंसान' हैं, लेकिन ईरान से जुड़े सैन्य अभियान में अमेरिका का साथ न देने की वजह से उन्होंने 'गलती' की। इस इनकार के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते 'थोड़े खराब' हो गए।
होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद क्या है?
होर्मुज जलडमरूमध्य मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने इस क्षेत्र में ईरान से जुड़ा एक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें यूरोपीय सहयोगियों से भागीदारी माँगी गई थी, लेकिन इटली सहित कई देशों ने इनकार कर दिया।
किन नाटो देशों ने ईरान अभियान में भाग लेने से इनकार किया?
ट्रंप के बयान के अनुसार जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूनाइटेड किंगडम — चारों प्रमुख नाटो सदस्यों ने ईरान से जुड़े अभियान में शामिल होने से इनकार किया। ट्रंप ने कहा कि वे इस संकट के ज़रिए सहयोगियों की प्रतिबद्धता परख रहे थे।
ट्रंप ने तुर्की की तारीफ क्यों की?
ट्रंप ने कहा कि तुर्की के पास ईरान संकट में सैन्य रूप से शामिल होने की क्षमता थी, लेकिन उसने तनाव कम करने और संघर्ष समाप्त करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई, जिसे ट्रंप ने सकारात्मक योगदान बताया।
यह बयान नाटो शिखर सम्मेलन को कैसे प्रभावित कर सकता है?
यह बयान नाटो सम्मेलन से ठीक पहले आया है, जहाँ रक्षा साझेदारी और बोझ-साझाकरण पर चर्चा होनी है। विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रमुख सहयोगियों की खुली आलोचना गठबंधन की एकता पर दबाव बढ़ा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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