ट्रंप का अमेरिका-ईरान 14-सूत्री डील का बचाव, आलोचकों को बताया 'जलनशील या बुरे लोग'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 जून 2026 को अमेरिका-ईरान 14-सूत्री समझौते पर सवाल उठाने वाले आलोचकों को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि वे या तो 'जलनशील' हैं या 'बुरे लोग'। ट्रंप ने इस डील को शेयर बाज़ार की रिकॉर्ड ऊँचाई और तेल की गिरती कीमतों से जोड़कर इसे अमेरिकी हित में बताया।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का पलटवार
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ये या तो जलनशील या फिर बुरे लोग हैं, जो सोचते हैं कि मैं ईरान पर काफी सख्त नहीं रहा, जबकि स्टॉक मार्केट अभी रिकॉर्ड ऊँचाई पर है और तेल की कीमतें गिर रही हैं।' यह टिप्पणी उन रूढ़िवादी आलोचकों के जवाब में आई, जो मानते हैं कि ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखा जाना चाहिए था।
समझौते की मुख्य शर्तें
अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्री समझौते पर डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के तहत ईरान ने स्वीकार किया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही खरीदेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान समझौते का सम्मान नहीं करता, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का विकल्प सुरक्षित रखता है।
आर्थिक राहत और शर्तें
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हर बार जब हमने शांति की संभावना पर बात की, शेयर बाज़ार रॉकेट की तरह ऊपर चला गया।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को मिलने वाली आर्थिक राहत उसके व्यवहार पर निर्भर करेगी। उनके शब्दों में, 'अगर वे सही काम कर रहे हैं, अगर लोग निवेश करना चाहते हैं तो वे निवेश कर सकते हैं, लेकिन हम पैसा नहीं लगा रहे हैं।'
ट्रंप का ताकत का दावा
राष्ट्रपति ने 2020 में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के अपने फैसले और ईरानी सेना व परमाणु सुविधाओं पर हाल के हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'मुझसे ज़्यादा ताकतवर कोई नहीं था।' यह टिप्पणी उन आलोचनाओं के जवाब में थी जो इस डील को अमेरिकी कमज़ोरी की निशानी बता रही हैं।
आगे क्या होगा
ट्रंप ने इस समझौते को एक एमओयू (MOU) करार देते हुए माना कि यह 'बहुत ज़रूरी' दस्तावेज़ है। आलोचक इसे बाध्यकारी संधि की बजाय एक इरादे की घोषणा मानते हैं, जिससे इसके दीर्घकालिक क्रियान्वयन पर सवाल बने हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव और परमाणु अप्रसार को लेकर वैश्विक समुदाय की नज़रें इस समझौते पर टिकी हैं।