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ट्रंप का दावा: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान समझौते को बेताब, परमाणु हथियार कभी नहीं बनने देंगे

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ट्रंप का दावा: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान समझौते को बेताब, परमाणु हथियार कभी नहीं बनने देंगे

सारांश

ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को तबाह कर दिया और तेहरान अब समझौते के लिए 'बेताब' है। परमाणु हथियारों पर कड़ी चेतावनी के साथ उन्होंने मध्य पूर्व में स्थिरता को सस्ते तेल से जोड़ा — रैली में राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था एक ही सुर में।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मई को दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान समझौते के लिए 'बेताब' है।
ट्रंप के अनुसार ईरान की नौसेना और वायुसेना नष्ट हो चुकी हैं और उसके 'बड़े नेता' भी नहीं रहे।
ट्रंप ने दोहराया कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
उन्होंने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का उल्लेख किया और ईरान को आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक बताया।
ट्रंप ने कहा कि ईरान मसले के सुलझने से वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
रैली न्यूयॉर्क के रॉकलैंड काउंटी में हुई, जहाँ आव्रजन और टैक्स कटौती भी एजेंडे पर थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मई को दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान बातचीत के लिए 'बेताब' है और उसकी सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन किसी भी परिस्थिति में तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा।

रैली में ट्रंप के मुख्य बयान

न्यूयॉर्क के रॉकलैंड काउंटी में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, 'अब ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना खत्म हो चुकी है, सब कुछ बर्बाद हो गया है। उनके बड़े नेता भी नहीं रहे। वे समझौता करने के लिए बहुत बेताब हैं।' रैली में मौजूद समर्थकों ने जोरदार तालियाँ बजाईं और बार-बार 'यूएसए, यूएसए' के नारे लगाए।

परमाणु हथियारों पर कड़ा रुख

ट्रंप ने ऊर्जा कीमतों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर चर्चा के दौरान भी ईरान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'हमें मध्य पूर्व की ओर जाना पड़ेगा, क्योंकि अगर हमने उन्हें नहीं रोका तो ईरान परमाणु हथियार बना लेगा। लेकिन हमने उन्हें रोक दिया है।' उन्होंने यह भी दोहराया, 'ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। ऐसा कभी नहीं होने दिया जाएगा।'

तेल कीमतों और आर्थिक रणनीति से जोड़

ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक रणनीति से जोड़ते हुए कहा कि मध्य पूर्व में स्थिरता आने से वैश्विक तेल कीमतें कम हो सकती हैं। उनके अनुसार, 'जैसे ही मैं ईरान का मामला पूरी तरह निपटा दूंगा, तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार मध्य पूर्व की अनिश्चितता को लेकर संवेदनशील बना हुआ है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और सैन्य ताकत का दावा

ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का उल्लेख करते हुए ईरान को 'दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा देश' बताया। उन्होंने कहा, 'वे दुनिया भर में पैसा भेजकर समस्याएँ पैदा करते हैं। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।' रैली में ट्रंप ने अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा, 'इस समय दुनिया में अमेरिका की सेना सबसे ताकतवर है। हमारे हथियारों और सैन्य उपकरणों जैसा किसी के पास कुछ नहीं है।'

बाइडेन पर निशाना और वैश्विक नेतृत्व का दावा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका की वैश्विक ताकत फिर से बढ़ी है, जबकि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में देश कमज़ोर हो गया था। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के राजा ने उनसे व्यक्तिगत मुलाकात में कहा था कि अमेरिका पहले कमज़ोर हो चुका था, लेकिन अब फिर मज़बूत बन रहा है। रॉकलैंड काउंटी की इस रैली में मुख्य रूप से आव्रजन, अपराध और टैक्स कटौती जैसे घरेलू मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन ट्रंप बार-बार विदेश नीति और सैन्य ताकत पर लौटते रहे — जो उनकी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इन्हें एक चुनावी रैली के संदर्भ में देखना ज़रूरी है जहाँ अतिशयोक्ति स्वाभाविक है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावना और परमाणु समझौते की शर्तें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में केंद्रीय मुद्दा बनी हुई हैं। ट्रंप का तेल कीमतों को ईरान नीति से जोड़ना उनकी उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें विदेश नीति को घरेलू आर्थिक राहत के रूप में पेश किया जाता है — लेकिन वास्तविक कूटनीतिक प्रगति के बिना यह महज़ वादा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने 23 मई को दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान समझौते के लिए 'बेताब' है और उसकी नौसेना व वायुसेना नष्ट हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के बड़े नेता अब नहीं रहे।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों पर क्या कहा?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने नहीं देगा। उन्होंने कहा, 'ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा — ऐसा कभी नहीं होने दिया जाएगा।'
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' क्या है?
ट्रंप ने रैली में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर ईरान के खिलाफ की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से संबंधित है। इस ऑपरेशन के विस्तृत ब्यौरे ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किए।
ट्रंप ने ईरान नीति को तेल कीमतों से कैसे जोड़ा?
ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व में स्थिरता आने से वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। उनके अनुसार ईरान मसले के पूरी तरह सुलझने के बाद ऊर्जा बाज़ार में राहत मिलेगी।
यह रैली कहाँ हुई और इसमें और किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
यह रैली न्यूयॉर्क के रॉकलैंड काउंटी में हुई। मुख्य एजेंडे में आव्रजन, अपराध और टैक्स कटौती थे, लेकिन ट्रंप बार-बार ईरान, विदेश नीति और अमेरिकी सैन्य ताकत के मुद्दे पर लौटते रहे।
राष्ट्र प्रेस
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