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ईरान के साथ बातचीत से मध्य पूर्व में स्थिरता की संभावना: ट्रंप का बयान

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ईरान के साथ बातचीत से मध्य पूर्व में स्थिरता की संभावना: ट्रंप का बयान

सारांश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता मध्य पूर्व में स्थिरता ला सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता विफल रही, तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है।

मुख्य बातें

ईरान के साथ बातचीत से स्थिरता की संभावना।
ट्रंप की चेतावनी: वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई।
बातचीत में सभी सहमति बिंदुओं पर चर्चा।
समझौता होने पर तेल की कीमतों में गिरावट।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण का आश्वासन।

वॉशिंगटन, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि ईरान के साथ चल रही वार्ता मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित कर सकती है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा की आपूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें लाखों प्रवासी निवास करते हैं।

फ्लोरिडा में ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता काफी मजबूत हो चुकी है और वे एक संभावित समझौते के करीब पहुँच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ता में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बन गई है। यह जल्द ही एक समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष अगले पांच दिनों के भीतर प्रगति का मूल्यांकन कर रहे हैं।

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर वार्ता विफल रहती है तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम इसे सुलझा लेंगे, अन्यथा हम बमबारी जारी रखेंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने यूरेनियम संवर्धन और क्षेत्रीय शांति पर जोर दिया। उनका मानना है कि यह समझौता इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद रहेगा।

उन्होंने बताया कि यह वार्ता का दौर ईरान द्वारा शुरू किया गया था। ईरान ने फोन किया, मैंने नहीं किया। वे समझौता करना चाहते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर नियंत्रण प्राप्त कर सकता है। यदि हमारा समझौता होता है तो हम उसे अपने नियंत्रण में लेंगे।

ईरान की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष के पहले चरण में कई नेता समूह समाप्त हो चुके हैं। हमने कई नेतृत्व समूहों को समाप्त कर दिया है, और जो लोग बचे हैं, वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ट्रंप ने परिणाम को लेकर अनिश्चितता भी जताई और कहा कि वे कुछ भी गारंटी नहीं दे रहे हैं। वे सिर्फ यह कह रहे हैं कि हम एक समझौते की वास्तविक संभावना के दौर में हैं।

उन्होंने तेल बाजारों पर चर्चा करते हुए कहा कि समझौते का वैश्विक असर तुरंत दिखाई दे सकता है। जैसे ही समझौता होगा, तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।

ट्रंप ने घरेलू मुद्दों पर भी बात की, जिसमें अमेरिकी हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) एजेंटों की तैनाती शामिल है। उन्होंने संघीय शटडाउन और आव्रजन नीतियों के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया।

ट्रंप ने आईसीई की सराहना की और कहा कि वे अच्छे काम कर रहे हैं। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पहले किए गए हमलों का बचाव किया और कहा कि इससे ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी पीछे धकेल दिया गया है। यदि हम हमला नहीं करते, तो उनके पास परमाणु हथियार दो हफ्तों से एक महीने के भीतर होते।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मध्य पूर्व में स्थिरता की संभावनाओं को भी उजागर करती हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के साथ वार्ता का उद्देश्य क्या है?
इस वार्ता का उद्देश्य मध्य पूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता और शांति स्थापित करना है।
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि वार्ता में सभी सहमति बिंदुओं पर चर्चा हो चुकी है और वे समझौते के करीब हैं।
क्या वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है?
हां, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वार्ता विफल रहने पर सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है।
ट्रंप ने ईरान पर क्या प्रतिबंध लगाए हैं?
ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं।
ईरान के साथ समझौता होने पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
समझौता होने पर तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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