ईरान ने ट्रंप के समझौते के दावों को किया अस्वीकार, अमेरिकी राष्ट्रपति की स्थिति हुई कमजोर

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ईरान ने ट्रंप के समझौते के दावों को किया अस्वीकार, अमेरिकी राष्ट्रपति की स्थिति हुई कमजोर

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, पर ईरान ने पूरी तरह से नकार दिया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि वे किसी भी बातचीत या सीजफायर के लिए तैयार नहीं हैं।

Key Takeaways

  • ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज किया है।
  • ईरान कोई भी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है।
  • ट्रंप ने ईरान से वार्ता करने की कोशिश की है।
  • मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है।
  • ईरान अपनी रक्षा के लिए तत्पर है।

नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान अमेरिका के साथ एक समझौता करने के लिए इच्छुक है। इस पर ईरान ने अपने सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को नकारते हुए कहा कि हम किसी भी प्रकार के सीजफायर या बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।

ईरानी विदेश मंत्री के इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इन हमलों को समाप्त करने के लिए समझौता करने को इच्छुक नहीं है। ट्रंप, जो अक्सर वैश्विक मुद्दों पर एकतरफा दावे करते हैं, अब अराघची के बयान के बाद अपनी स्थिति में बदलाव लाते नजर आ रहे हैं।

ट्रंप ने एक हालिया बयान में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है, जबकि युद्ध अपने तीसरे सप्ताह में है, लेकिन तेहरान इसको समाप्त करने के लिए किसी डील के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व और वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल और तनाव को रोकने के लिए अमेरिका सभी देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहा है। हालांकि, उन्होंने अधिक जानकारी साझा नहीं की। ट्रंप ने कहा कि वह अन्य देशों के साथ संवाद में लगे हुए हैं।

इससे पहले, ट्रंप ने हार्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सभी देशों से अपने युद्धपोत वहां भेजने की अपील की थी, लेकिन उन्हें इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। अब तक किसी भी देश ने इस फैसले का समर्थन नहीं किया है।

ट्रंप के पहले वाले दावों को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा था कि इस गैर-कानूनी युद्ध के खिलाफ जितना समय लगेगा, तेहरान अपनी रक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा, "हमने कभी सीजफायर के लिए नहीं कहा और हम कभी बातचीत के लिए भी नहीं कहा। हम अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं, जब तक जरूरत हो।"

उन्होंने आगे कहा कि ईरान तब तक अपने ऑपरेशन जारी रखेगा जब तक ट्रंप इस बात पर नहीं पहुंच जाते कि यह एक गैर-कानूनी युद्ध है, जिसमें कोई जीत नहीं है।

अराघची ने कहा, "हमें कोई कारण नहीं दिखता कि हमें अमेरिकियों से बात क्यों करनी चाहिए। जब उन्होंने हम पर हमला करने का निर्णय लिया, तब हम उनसे बात कर रहे थे और यह दूसरी बार था।"

ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक युद्ध जारी है, वाशिंगटन सीजफायर समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा। ट्रंप ने कहा, "ईरान एक डील करना चाहता है और मैं इसे नहीं करना चाहता क्योंकि शर्तें अभी तक संतोषजनक नहीं हैं।"

Point of View

दोनों पक्षों की रणनीतियों को उजागर करते हैं। यह स्थिति वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकती है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या ईरान अमेरिका के साथ बातचीत चाहता है?
नहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्रकार की बातचीत या सीजफायर के लिए तैयार नहीं हैं।
ट्रंप का ईरान के प्रति क्या रुख है?
ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री ने इसे खारिज किया है।
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