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ट्रंप का बयान: ईरान अब समझौता करने की ओर बढ़ रहा है

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ट्रंप का बयान: ईरान अब समझौता करने की ओर बढ़ रहा है

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारी सैन्य नुकसान के बाद ईरान अब बातचीत करना चाहता है। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों की पुष्टि की है। क्या ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो रही है?

मुख्य बातें

ईरान अब बातचीत की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिका और इजरायल ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है।
ट्रंप का कहना है कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो रही है।
ईरान के 24 जहाज नष्ट किए गए हैं।
लंबे समय में क्षेत्र में स्थिरता बढ़ने की संभावना है।

वॉशिंगटन, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अब बातचीत के लिए इच्छुक है, क्योंकि वह भारी सैन्य नुकसान सहन कर चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाकर लगातार हमले कर रही हैं।

2025 एमएलएस चैंपियन इंटर मियामी सीएफ को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान की सैन्य ताकत को तेजी से कमजोर कर रहे हैं। उनके अनुसार, ईरान बातचीत के लिए संपर्क करने लगा है।

ट्रंप ने कहा, “वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए। मैंने उनसे कहा कि अब आप थोड़ा देर से आए हैं।”

उन्होंने बताया कि संयुक्त सैन्य अभियान आशा से अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा चुका है।

ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी सेना और हमारे इजरायली सहयोगी मिलकर दुश्मन की ताकत को निर्धारित समय से पहले पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्च सिस्टम को उपयोग के कुछ ही मिनटों में नष्ट किया जाता है। ट्रंप के अनुसार, “जैसे ही वे मिसाइल छोड़ते हैं, चार मिनट के भीतर ही उस लॉन्चर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाता है।”

उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान ईरान की नौसेना को भी गंभीर नुकसान हुआ है। ट्रंप ने दावा किया कि तीन दिनों में ईरान के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और विमानन क्षमता का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है।

उन्होंने कहा, “उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार खत्म हो चुके हैं। इसलिए उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है।”

ट्रंप के अनुसार, ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट किया जा चुका है।

मिलिट्री दबाव के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि यदि देश के सुरक्षा सिस्टम के अंदर के लोग मौजूदा नेतृत्व से अलग हो जाते हैं तो वाशिंगटन ईरान के लिए एक अलग भविष्य के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, मिलिट्री और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील कर रहा हूं।”

ट्रंप ने विदेश में ईरानी डिप्लोमैट्स से भी देश के अंदर राजनीतिक बदलाव का समर्थन देने और पार्टी छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर में ईरानी डिप्लोमैट्स से भी अपील करते हैं कि वे शरण मांगें और एक नया और बेहतर ईरान बनाने में हमारी मदद करें।”

प्रेसिडेंट ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे उन्हें इम्यूनिटी मिलेगी। उन्होंने कहा, “आप पूरी इम्यूनिटी के साथ पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे, वरना आपको मौत की पूरी गारंटी मिलेगी।”

ट्रंप के मुताबिक, इस सैन्य अभियान का असर लंबे समय में पूरे क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सकारात्मक पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “लंबे समय में हमारे कदमों से क्षेत्र में स्थिरता बढ़ेगी और तेल की कीमतों, शेयर बाजार तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।”

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान आतंकवादी संगठनों का समर्थन करता है और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। इस संघर्ष को लेकर पूरे मध्य पूर्व में चिंता बढ़ गई है। खासकर इसलिए क्योंकि इस क्षेत्र से दुनिया के कई महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग गुजरते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां ईरान की सैन्य स्थिति और वैश्विक राजनीति का संबंध भी स्पष्ट होता है। जबकि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई जारी है, यह देखना होगा कि क्या ईरान वाकई बातचीत के लिए तैयार है या नहीं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है क्योंकि उसने भारी सैन्य नुकसान सहा है।
ईरान की सैन्य स्थिति क्या है?
ट्रंप के मुताबिक, ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो रही है और उनकी मिसाइल प्रणाली का बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है।
क्या ईरान ने अमेरिका से बातचीत की है?
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया है।
अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
उनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
क्या ट्रंप ने ईरान के लोगों के लिए कोई संदेश दिया है?
हाँ, ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड और अन्य सदस्यों से हथियार डालने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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