ट्रंप का ईरान डील और संघर्ष विराम पर सकारात्मक संकेत
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना बढ़ी है।
- ट्रंप ने संघर्ष विराम को बढ़ाने का संकेत दिया।
- ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
- बातचीत तेजी से आगे बढ़ सकती है।
- ट्रंप ने मोदी के साथ सकारात्मक बातचीत की।
वाशिंगटन, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना अब काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि परमाणु समझौते पर प्रगति हो रही है और यदि आवश्यक हुआ, तो संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "ईरान समझौता करना चाहता है और हम उनके साथ सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब ऐसे कदम उठाने को तैयार है, जो पिछले दो महीने में संभव नहीं थे।
उन्होंने बताया कि उनका प्रमुख लक्ष्य यही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो यह दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा होगा।" उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सके।
ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत में तेजी आ सकती है और अगली आमने-सामने की बैठक संभवतः वीकेंड में हो सकती है। संघर्ष विराम को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाने की संभावना है, लेकिन यह निश्चित नहीं है। उन्होंने कहा, "यदि हम समझौते के करीब पहुंचते हैं, तो मैं इसे बढ़ा सकता हूं, लेकिन हम पहले से ही काफी करीब हैं।"
साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर आया है। उन्होंने प्रतिबंधों को प्रभावी बताया और कहा कि इसके कारण ईरान का व्यापार ठप हो गया है और उसकी ताकत कम हो गई है।
उन्होंने कहा कि इसका बाजार और तेल की कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा, "शेयर बाजार अच्छा चल रहा है। तेल की कीमतें नीचे आ रही हैं... ऐसा लगता है कि हम ईरान के साथ एक समझौता करने जा रहे हैं।"
मध्य पूर्व के मामलों पर ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच चल रही अलग बातचीत को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के संघर्ष विराम का एक अच्छा प्रस्ताव बन रहा है, जिसमें हिजबुल्लाह भी शामिल हो सकता है।
ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी हाल की बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, "मेरी उनसे बहुत अच्छी बात हुई, वे अच्छा काम कर रहे हैं।" उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक बताया। यूक्रेन के मुद्दे पर, उन्होंने कहा कि वहां हालात बदल रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनका ध्यान ईरान पर है। उन्होंने कहा, "यूक्रेन में बहुत लोग मर रहे हैं, लेकिन अभी हमारा मुख्य ध्यान ईरान पर है।"
ट्रंप ने ईरान पर अपने रुख को लेकर पोप की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें असहमत होने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, "पोप जो चाहें कह सकते हैं… लेकिन मैं उनसे असहमत हो सकता हूं।" उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने देना वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा साबित होगा।