23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप का ईरान कार्रवाई पर बचाव: 'यह नया युद्ध नहीं, परमाणु खतरा खत्म करना ज़रूरी था'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप का ईरान कार्रवाई पर बचाव: 'यह नया युद्ध नहीं, परमाणु खतरा खत्म करना ज़रूरी था'

सारांश

ट्रंप का ईरान पर रुख साफ़ — यह 'अंतहीन युद्ध' नहीं, बल्कि परमाणु खतरे के खिलाफ सर्जिकल कदम। बी-2 बमवर्षकों से ठिकाने नष्ट करने का दावा, लेकिन कूटनीति का दरवाज़ा खुला। दो दशकों की अमेरिकी नीति का सबसे आक्रामक मोड़।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को एनबीसी न्यूज़ के 'मीट द प्रेस' में ईरान पर सैन्य कार्रवाई को 'नया युद्ध नहीं' बताया।
ट्रंप ने दावा किया कि बी-2 बमवर्षक विमानों ने ईरान के परमाणु ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
उन्होंने ओबामा युग के ईरान परमाणु समझौते को समाप्त करने और उसके बाद सैन्य कार्रवाई की अनुमति देने की पुष्टि की।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कूटनीतिक समझौते की संभावना को खुला रखा, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर और सैन्य विकल्पों से इनकार नहीं किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का कड़ा बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई नया युद्ध नहीं, बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा के लिए अपरिहार्य कदम था। उन्होंने यह भी सिरे से खारिज किया कि इस कार्रवाई ने नए युद्धों से दूर रहने के उनके पुराने चुनावी वादे का उल्लंघन किया है।

साक्षात्कार में क्या बोले ट्रंप

एनबीसी न्यूज़ के चर्चित कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में दिए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान पर की गई कार्रवाई उनके 2015 से चले आ रहे उस वादे के विरुद्ध है, जिसमें उन्होंने अमेरिका को नए युद्धों में नहीं धकेलने की बात कही थी। इस पर ट्रंप ने दो-टूक जवाब दिया: 'नहीं, बिल्कुल नहीं। मुझे एक शक्तिशाली और खतरनाक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था, क्योंकि वे उसका इस्तेमाल करते। मैं अपने देश की सेवा कर रहा हूं। अमेरिका सबसे पहले है।'

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी यह गारंटी नहीं दी थी कि अमेरिका किसी भी परिस्थिति में सैन्य कार्रवाई से परहेज करेगा। उनके शब्दों में: 'मुझे अंतहीन युद्ध पसंद नहीं हैं, लेकिन यह कोई अंतहीन युद्ध नहीं है।'

परमाणु खतरे का तर्क

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनके सामने दो विकल्प थे — आर्थिक स्थिरता बनाए रखना या ईरान के बढ़ते परमाणु खतरे का सामना करना। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया, मध्य पूर्व और इज़रायल के हित में था।

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बाराक ओबामा के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते को पहले ही समाप्त कर दिया था और बाद में ईरानी परमाणु ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की अनुमति दी। उनका दावा था: 'मैंने समझौता खत्म किया और फिर बी-2 बमवर्षक विमानों को भेजा, जिन्होंने उस ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया।'

सैन्य क्षमता को नुकसान का दावा

ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कुछ ही दिनों में गंभीर रूप से कमज़ोर किया जा चुका है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा: 'यह कोई दलदल नहीं है। हमने एक बेहद खतरनाक देश की सैन्य क्षमता और परमाणु खतरे को खत्म कर दिया है।'

यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता में है और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देश संयम बरतने की अपील कर चुके हैं।

कूटनीति अभी भी विकल्प

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने उद्देश्यों के काफी करीब पहुँच चुका है और जल्द ही या तो एक मज़बूत समझौता होगा या फिर अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कूटनीति अभी भी मेज़ पर है, लेकिन किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद पिछले दो दशकों से अमेरिकी विदेश नीति का एक केंद्रीय मुद्दा रहा है। विभिन्न अमेरिकी प्रशासन प्रतिबंधों, कूटनीतिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र के ज़रिए ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाने की कोशिश करते रहे हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि तेहरान किस तरह प्रतिक्रिया देता है और क्या वार्ता की कोई नई राह खुलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कानूनी और रणनीतिक रूप से कमज़ोर — बिना कांग्रेस की मंज़ूरी के किसी संप्रभु देश पर बी-2 हमला, परिभाषा से युद्ध-कृत्य है। असली सवाल यह है कि 'ठिकाने नष्ट' होने के बाद ईरान की वास्तविक परमाणु क्षमता कितनी कम हुई — यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ। ओबामा-युग के समझौते से बाहर निकलने के बाद का एक दशक दिखाता है कि दबाव की नीति ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम त्यागने पर मजबूर नहीं किया — बल्कि यूरेनियम संवर्धन और तेज़ हुआ। बिना किसी सत्यापन-योग्य निरस्त्रीकरण ढाँचे के, 'मिशन अकम्प्लिश्ड' की भाषा इराक़ 2003 की खतरनाक याद दिलाती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को नया युद्ध क्यों नहीं माना?
ट्रंप का तर्क है कि यह कार्रवाई एक परमाणु-सशस्त्र होने की कगार पर खड़े देश से उत्पन्न तत्काल खतरे को खत्म करने के लिए थी, न कि किसी दीर्घकालिक सैन्य अभियान की शुरुआत। उन्होंने इसे 'अंतहीन युद्ध' की श्रेणी से अलग बताते हुए कहा कि अमेरिका के उद्देश्य सीमित और स्पष्ट थे।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में किस हथियार का इस्तेमाल बताया?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों ने ईरान के परमाणु ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।
ट्रंप ने ओबामा के ईरान परमाणु समझौते के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने पुष्टि की कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बाराक ओबामा के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते को पहले ही समाप्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस समझौते को खत्म करने के बाद ही उन्होंने सैन्य कार्रवाई को हरी झंडी दी।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच अब भी कूटनीतिक समझौता संभव है?
ट्रंप ने कहा कि कूटनीति अभी भी एक विकल्प है और एक सार्थक समझौते की संभावना बनी हुई है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिकी विदेश नीति में कब से विवाद का विषय है?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम पिछले दो दशकों से अमेरिकी विदेश नीति का एक प्रमुख मुद्दा रहा है। विभिन्न अमेरिकी प्रशासन प्रतिबंधों, कूटनीतिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र के ज़रिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की कोशिश करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले