16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान परमाणु समझौता बहुत करीब, ट्रंप बोले — न बनाएगा न खरीदेगा; सैन्य विकल्प भी खुला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान परमाणु समझौता बहुत करीब, ट्रंप बोले — न बनाएगा न खरीदेगा; सैन्य विकल्प भी खुला

सारांश

ट्रंप का दावा — ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने पर राज़ी हो गया है। समझौता करीब है, लेकिन शर्तें पूरी न होने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी मेज़ पर है। मध्य पूर्व की भू-राजनीति के लिए यह निर्णायक मोड़ हो सकता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 मई 2026 को व्हाइट हाउस में फॉक्स न्यूज़ साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता बहुत करीब है।
ईरान इस बात पर सहमत हुआ कि वह परमाणु हथियार न बनाएगा और न खरीदेगा — यह पहले की शर्त से अधिक सख्त है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता अमेरिकी हितों की रक्षा नहीं करता, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रहेगा।
समझौते की स्थिति में होर्मुज़ जलडमरूमध्य तुरंत खोले जाने का संकेत दिया गया।
ट्रंप ने कहा कि मिडटर्म चुनाव उनकी ईरान नीति को प्रभावित नहीं करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 मई 2026 को व्हाइट हाउस में फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता होने के बेहद करीब है, और ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह परमाणु हथियार न तो बनाएगा और न ही किसी भी स्रोत से खरीदेगा। हालाँकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल रही तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प पूरी तरह खुला है।

समझौते की मुख्य शर्तें

ट्रंप ने बताया कि बातचीत की शर्तों को पहले की तुलना में और सख्त किया गया है। उन्होंने कहा, "पहले वे कहते थे कि हम परमाणु हथियार नहीं बनाएँगे। मैंने कहा, अगर आप कहीं से खरीद लें तो क्या होगा? अब इसमें यह भी शामिल है कि हम न तो बनाएँगे और न ही किसी भी तरह से कोई सैन्य हथियार खरीदेंगे।" यह विस्तार इसलिए किया गया क्योंकि ट्रंप को आशंका थी कि ईरान किसी तीसरे देश से हथियार हासिल कर सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा, "मेरी सबसे बड़ी गारंटी यह होनी चाहिए कि उनके पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा — वे इस पर सहमत हो गए हैं।"

सैन्य विकल्प पर ट्रंप का रुख

ट्रंप ने कहा, "हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं, और अगर यह अच्छा बनता है तो ठीक है, नहीं तो हम फिर से 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' के साथ आगे बढ़ेंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा, "अगर कोई समझौता हमारे लिए अच्छा नहीं है, तो वही आखिरी सीमा है।" जब उनसे सैन्य कार्रवाई की समयसीमा पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि जो समझौता अमेरिकी हितों की रक्षा न करे, वह स्वीकार्य नहीं होगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान एक कमज़ोर स्थिति से बातचीत कर रहा है, क्योंकि इससे पहले अमेरिका वहाँ सैन्य कार्रवाई कर चुका है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आर्थिक पहलू

ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि समझौता हो जाता है, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाएगा — जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव पिछले कई महीनों से बढ़ा हुआ है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार इस पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

घरेलू राजनीति और मीडिया पर टिप्पणी

साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया की कवरेज की आलोचना की और डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उनके घरेलू एजेंडे — जैसे टैक्स कट और बॉर्डर सिक्योरिटी उपायों — का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले साल के मिडटर्म चुनाव उनकी विदेश नीति को प्रभावित नहीं करेंगे। उनके शब्दों में, "मुझे वही करना है जो सही है।"

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह बातचीत उस पृष्ठभूमि में हो रही है जब अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ दीर्घकालिक परमाणु प्रतिबंध समझौते की दिशा में काम कर रहा है। ट्रंप ने बातचीत को कठिन बताया, लेकिन कहा कि प्रगति हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, समझौते की सफलता या विफलता मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक तेल कीमतों दोनों पर गहरा असर डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ईरान की 'कमज़ोर स्थिति' का दावा तब तक अधूरा है जब तक समझौते की बाध्यकारी शर्तें सार्वजनिक न हों। होर्मुज़ को तुरंत खोलने का वादा वैश्विक तेल बाज़ार के लिए बड़ी राहत होगी, लेकिन इसे किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय निगरानी से नहीं जोड़ा गया — यही इस पूरी घोषणा की सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की मौजूदा स्थिति क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, 31 मई 2026 तक बातचीत समझौते के बेहद करीब है। ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह परमाणु हथियार न बनाएगा और न ही किसी स्रोत से खरीदेगा, हालाँकि अंतिम समझौते की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी क्यों दी?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल रही या समझौता अमेरिकी हितों की रक्षा नहीं करता, तो सैन्य विकल्प खुला रहेगा। उन्होंने इसे वार्ता में दबाव बनाए रखने की रणनीति के रूप में पेश किया।
नई परमाणु शर्त पुरानी शर्त से कैसे अलग है?
पहले की शर्त केवल परमाणु हथियार न बनाने तक सीमित थी। ट्रंप ने इसे विस्तारित करते हुए यह भी जोड़ा कि ईरान किसी भी स्रोत से परमाणु या सैन्य हथियार नहीं खरीदेगा — यह बदलाव तीसरे देशों के ज़रिए हथियार हासिल करने की आशंका को देखते हुए किया गया।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य का इस समझौते से क्या संबंध है?
ट्रंप ने कहा कि समझौता होने की स्थिति में होर्मुज़ जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाएगा। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है और इसके बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
क्या अमेरिकी घरेलू राजनीति इस समझौते को प्रभावित कर सकती है?
ट्रंप ने कहा कि आगामी मिडटर्म चुनाव उनकी ईरान नीति को प्रभावित नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें वही करना है जो सही है, हालाँकि आलोचकों का मानना है कि घरेलू राजनीतिक दबाव वार्ता की गति और शर्तों पर असर डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले