21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान परमाणु वार्ता पर ट्रंप: 'कूटनीति से या सैन्य बल से, जीत अमेरिका की होगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान परमाणु वार्ता पर ट्रंप: 'कूटनीति से या सैन्य बल से, जीत अमेरिका की होगी'

सारांश

ट्रंप का संदेश दो-टूक है — ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे, चाहे रास्ता बातचीत का हो या बमबारी का। ओबामा-युग JCPOA की आलोचना, होर्मुज़ पर चेतावनी और नए ईरानी नेतृत्व से मुलाकात के संकेत — यह बयान वार्ता की मेज़ और युद्ध के मैदान, दोनों के लिए एक साथ संदेश है।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को कहा कि अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता जारी है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया — कूटनीति या सैन्य बल, किसी भी स्थिति में जीत अमेरिका की होगी ।
किसी भी समझौते की अनिवार्य शर्त: ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा ; इसके बाद होर्मुज़ स्ट्रेट तुरंत खुलेगा।
ट्रंप ने ओबामा-युग JCPOA को ईरान को परमाणु हथियार तक पहुँचाने का रास्ता बताया और 2018 में इससे बाहर निकलने के अपने फैसले को सही ठहराया।
अमेरिकी सैनिकों पर हमले की स्थिति में ट्रंप ने 'बहुत जल्दी कार्रवाई' की चेतावनी दी।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता से संभावित मुलाकात के संकेत दिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता अभी जारी है और चाहे नतीजा कूटनीतिक समझौते के रूप में आए या सैन्य कार्रवाई के ज़रिए — अंतिम विजय अमेरिका की ही होगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी संभावित समझौते की अनिवार्य शर्त यही होगी कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके

मुख्य बयान: 'किसी भी तरह, जीत हमारी'

ट्रंप ने कहा, "देखते हैं क्या होता है। हम एक न एक तरीके से जीतेंगे — कागज पर समझौते के ज़रिए या फिर सैन्य ताकत से। किसी भी तरह, जीत हमारी ही होगी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रंप के अनुसार, "आप ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाज़त नहीं दे सकते — लगभग हर कोई इस बात से सहमत है।"

होर्मुज़ स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा

ट्रंप ने कहा कि समझौता होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट तुरंत खुल जाएगा। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जिससे होकर विश्व के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों से इस क्षेत्र में जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए समर्थन माँगा था, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका अकेले भी कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, "हमें उनकी मदद की ज़रूरत नहीं है। दुनिया की सबसे ताकतवर सेना हमारे पास है।"

ओबामा-युग परमाणु समझौते की आलोचना

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए परमाणु समझौते — जिसे JCPOA के नाम से जाना जाता है — की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "ओबामा ने गलत देश चुना था। मैंने उस समझौते को खत्म कर दिया था, क्योंकि वह ईरान को परमाणु हथियार तक पहुँचाने का रास्ता था।" गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में इस समझौते से अमेरिका को एकतरफा बाहर कर लिया था, और तब से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

सैन्य कार्रवाई पर चेतावनी

जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि ईरान अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुँचाता है तो क्या होगा, तो ट्रंप ने कहा, "अगर वे अमेरिकी सैनिकों को मारते हैं, तो मुझे लगता है कि मैं बहुत जल्दी कार्रवाई करूंगा।" यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।

नए ईरानी नेतृत्व से मुलाकात की संभावना

ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता के साथ कूटनीतिक संवाद की संभावना बनी रह सकती है। उन्होंने कहा, "मैं मिलना नहीं चाहता, लेकिन अगर मुलाकात हुई तो मुझे सम्मान महसूस होगा — मैं देखना चाहूंगा कि क्या हम कोई समझौता कर सकते हैं।" यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दीर्घकालिक समझौते के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी ठोस समझौते की घोषणा। आलोचकों का कहना है कि JCPOA से एकतरफा बाहर निकलने के बाद ईरान ने अपना यूरेनियम संवर्धन काफी बढ़ा लिया है, जो दिखाता है कि 'अधिकतम दबाव' नीति परमाणु प्रसार रोकने में पर्याप्त नहीं रही। होर्मुज़ स्ट्रेट का ज़िक्र भी संकेत देता है कि ऊर्जा बाज़ार इस वार्ता के नतीजे पर नज़र रखे हुए हैं। बिना किसी सत्यापन-योग्य ढाँचे के 'परमाणु हथियार नहीं' की शर्त कितनी व्यावहारिक होगी, यह असली सवाल है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु वार्ता पर क्या कहा?
ट्रंप ने 5 जून 2026 को व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता जारी है और चाहे नतीजा कूटनीतिक हो या सैन्य, अंतिम जीत अमेरिका की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से पूरी तरह रोका जाएगा।
ट्रंप ने ओबामा-युग ईरान परमाणु समझौते की आलोचना क्यों की?
ट्रंप ने कहा कि ओबामा-युग JCPOA ईरान को परमाणु हथियार तक पहुँचाने का रास्ता था, इसीलिए उन्होंने 2018 में उसे खत्म किया था। उनके अनुसार नया संभावित समझौता इस खामी से मुक्त होगा।
होर्मुज़ स्ट्रेट का ईरान वार्ता से क्या संबंध है?
होर्मुज़ स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ परमाणु समझौता होते ही यह जलडमरूमध्य तुरंत खुल जाएगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सुचारु होगी।
क्या ट्रंप ईरान के नए नेता से मिलने के इच्छुक हैं?
ट्रंप ने संकेत दिया कि वह मिलना नहीं चाहते, लेकिन यदि मुलाकात हुई तो वे इसे सम्मान मानेंगे और देखेंगे कि कोई समझौता संभव है। यह कूटनीतिक संवाद की संभावना को खुला रखने का संकेत है।
अमेरिकी सैनिकों पर हमले की स्थिति में ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुँचाता है तो वे 'बहुत जल्दी कार्रवाई' करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और वह यूरोपीय सहयोगियों के बिना भी कार्रवाई करने में सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले