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ट्रंप का दावा: अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता अंतिम चरण में, इस सप्ताह हस्ताक्षर संभव

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ट्रंप का दावा: अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता अंतिम चरण में, इस सप्ताह हस्ताक्षर संभव

सारांश

ट्रंप का दावा है कि अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता दस्तावेज़ी चरण में है और इसी सप्ताह यूरोप में हस्ताक्षर हो सकते हैं। समझौते की केंद्रीय शर्त — ईरान परमाणु हथियार न बनाए, न खरीदे। होर्मुज़ स्ट्रेट भी जल्द खुलने की बात, लेकिन ईरानी पक्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून 2026 को व्हाइट हाउस में दावा किया कि अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता अंतिम दस्तावेज़ी चरण में है।
समझौते की मुख्य शर्त: ईरान परमाणु हथियार न बनाएगा, न खरीदेगा और न रखेगा ।
ट्रंप के अनुसार इसी सप्ताह यूरोप में हस्ताक्षर समारोह संभव; अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस उपस्थित रह सकते हैं।
समझौते के बाद होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी समाप्त होने और शनिवार या सोमवार तक जलमार्ग खुलने का दावा।
ट्रंप ने इज़रायल, कतर, UAE, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत के नेताओं से बातचीत की पुष्टि की।
ईरानी सर्वोच्च नेता की मंज़ूरी पर ट्रंप का बयान सशर्त; ईरानी पक्ष से आधिकारिक पुष्टि नहीं ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि अमेरिका और ईरान एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते के बेहद करीब पहुँच चुके हैं, जिसके तहत ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित, खरीद या अपने पास नहीं रख सकेगा। ट्रंप के अनुसार, अंतिम दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे हैं और इसी सप्ताह यूरोप में एक औपचारिक हस्ताक्षर समारोह संभव है।

समझौते की मुख्य शर्तें

ट्रंप ने इस समझौते के ढाँचे को 'बहुत मज़बूत समझौता ज्ञापन (MOU)' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था का केंद्रीय बिंदु यह है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाएगा, न खरीदेगा और न ही अपने पास रखेगा। ट्रंप के शब्दों में, 'उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा।' उन्होंने यह भी बताया कि इस MOU को ईरान पर प्रभाव रखने वाले कई देशों का समर्थन प्राप्त है।

होर्मुज़ स्ट्रेट और समुद्री नाकेबंदी

ट्रंप ने दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट — दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक — पर लगी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शनिवार या सोमवार तक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस जलमार्ग में जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया, जिससे 'करोड़ों बैरल तेल' गुज़र सका।

क्षेत्रीय देशों की भूमिका

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस कूटनीतिक प्रयास में शामिल कई देशों के नेताओं से सीधे बात की, जिनमें इज़रायल, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत शामिल हैं। यह इस बात का संकेत है कि प्रस्तावित समझौते को व्यापक क्षेत्रीय समर्थन दिलाने की कोशिश की गई है। गौरतलब है कि इनमें से अधिकांश देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानते रहे हैं।

ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि हाल के सैन्य दबाव ने ईरान की रणनीतिक सोच बदल दी है। उनके अनुसार, ईरान की वायुसेना, नौसेना और हवाई सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा, 'उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वे यह समझौता मुझसे भी ज़्यादा करना चाहते हैं।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

ईरान के सर्वोच्च नेता की मंज़ूरी और आगे की राह

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस व्यवस्था को मंज़ूरी दे दी है, तो उन्होंने कहा, 'जहाँ तक मेरी जानकारी है, जवाब हाँ है।' यह बयान सशर्त है और इसकी ईरानी पक्ष से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। ट्रंप ने संकेत दिया कि हस्ताक्षर समारोह में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस उपस्थित रह सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और वैश्विक तेल बाज़ार इस क्षेत्र की हर हलचल पर नज़र रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ ईरानी सर्वोच्च नेता की मंज़ूरी पर 'जहाँ तक मेरी जानकारी है' जैसी सशर्त भाषा। यह 2015 के JCPOA की याद दिलाता है, जिसे ट्रंप ने खुद अपने पहले कार्यकाल में तोड़ा था — अब वे उसी ढाँचे से बेहतर समझौते का दावा कर रहे हैं। होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की समयसीमा और ईरानी सैन्य क्षमता पर दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या ईरान का सर्वोच्च नेतृत्व सार्वजनिक रूप से इस समझौते की पुष्टि करता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते में क्या तय होने वाला है?
ट्रंप के दावे के अनुसार, इस समझौते की केंद्रीय शर्त यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाएगा, न खरीदेगा और न अपने पास रखेगा। इसे एक मज़बूत MOU के रूप में तैयार किया जा रहा है जिसे कई क्षेत्रीय देशों का समर्थन प्राप्त है।
समझौते पर हस्ताक्षर कब और कहाँ होंगे?
ट्रंप ने संकेत दिया कि इसी सप्ताह यूरोप में एक औपचारिक हस्ताक्षर समारोह हो सकता है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उपस्थित रहने की बात कही गई है, हालाँकि अंतिम तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी कब खुलेगी?
ट्रंप ने दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट खोल दिया जाएगा और यह शनिवार या सोमवार तक हो सकता है। होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
क्या ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस समझौते को मंज़ूरी दी है?
ट्रंप ने इस पर कहा, 'जहाँ तक मेरी जानकारी है, जवाब हाँ है।' यह बयान सशर्त है और ईरानी पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
इस समझौते में किन देशों की भूमिका है?
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने इज़रायल, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत के नेताओं से इस कूटनीतिक प्रयास के तहत बातचीत की है। ये सभी देश ईरान पर प्रभाव रखते हैं और प्रस्तावित MOU को इनका समर्थन बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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