ट्रंप का दावा: ईरान-अमेरिका शांति समझौते के 'बहुत करीब', परमाणु हथियार न बनाने पर तेहरान सहमत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को कहा कि ईरान और अमेरिका एक शांति समझौते के 'बहुत करीब' पहुँच चुके हैं। NBC को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि तेहरान परमाणु हथियार न बनाने की शर्त मान चुका है, हालाँकि कुछ बिंदुओं पर अभी भी असहमति बनी हुई है।
समझौते की स्थिति
ट्रंप ने NBC साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की एक प्रमुख शर्त स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ईरान 'दूसरे तरीकों' से भी ऐसे हथियार हासिल करने का अधिकार छोड़ दे। इतालवी समाचार एजेंसी Adnkronos के अनुसार, ईरान ने शुरू में इस पर आपत्ति जताई, लेकिन बाद में विरोध बंद कर दिया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो — इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि वार्ता 'अंतिम चरण' में है। आलोचकों का कहना है कि बार-बार किए जाने वाले ऐसे दावों से कूटनीतिक प्रगति की वास्तविक स्थिति का आकलन करना कठिन हो जाता है।
यूरेनियम भंडार पर अमेरिका की रणनीति
ट्रंप ने कहा कि समझौता होने की स्थिति में अमेरिका ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को रिकवर करने और नष्ट करने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा, 'हम अपने उपकरण का इस्तेमाल करेंगे और यूरेनियम को ले जाकर नष्ट कर देंगे, चाहे वह साइट पर हो या हम उसे कहीं और ले जाएँ। लेकिन हम किसी को भी हम पर गोली चलाने की इजाज़त नहीं देंगे।'
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं होता, तो अमेरिका 'सैन्य तरीके से' यूरेनियम भंडार को नष्ट करेगा।
नए सुप्रीम लीडर पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को अपने पिता अली खामेनेई से 'ज़्यादा समझदार' बताया। उल्लेखनीय है कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल की ओर से किए गए हमले में हुई थी। ट्रंप ने कहा कि मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं, फिर भी वार्ता में भाग ले रहे हैं, जो उनके साहस का प्रमाण है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी नए सुप्रीम लीडर से कभी सीधी बातचीत नहीं हुई है।
लेबनान में जारी संघर्ष
इस बीच, बेरूत में 7 जून को एक और इज़रायली हवाई हमले में 2 लोग मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2 मार्च को नई लड़ाई शुरू होने के बाद से लेबनान में इज़रायली हवाई हमलों में 3,560 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इज़रायली सेना के अनुसार उसके 29 सैनिक और एक नागरिक ठेकेदार भी इस संघर्ष में मारे गए हैं।
ट्रंप ने इज़रायल से हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर 'और सर्जिकल' हमले करने को कहा। उन्होंने NBC साक्षात्कार में कहा, 'मैं चाहता हूँ कि लेबनान में लोगों की ज़िंदगी बेहतर हो। मैं हिज़्बुल्लाह के खिलाफ ज़्यादा टारगेटेड अटैक देखना चाहता हूँ — यह और सर्जिकल होना चाहिए।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता जारी है। समझौते की स्थिति में अमेरिका ईरान के परमाणु भंडार के निपटान में सक्रिय भूमिका निभाएगा, जबकि विफलता की स्थिति में सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखा गया है। अगले कुछ हफ्तों में वार्ता की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।