12 जुलाई 2026
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ट्रंप की ईरान को दो-टूक: परमाणु समझौते में जल्दबाजी नहीं, शर्तें न मानीं तो सैन्य कार्रवाई

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ट्रंप की ईरान को दो-टूक: परमाणु समझौते में जल्दबाजी नहीं, शर्तें न मानीं तो सैन्य कार्रवाई

सारांश

ट्रंप ने साफ कर दिया — मिडटर्म चुनावों का डर नहीं, ईरान की शर्तें नहीं चलेंगी। परमाणु समझौते में जल्दबाजी से इनकार और सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी के साथ अमेरिका ने वार्ता मेज पर दबाव की नीति को और तेज़ कर दिया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई 2026 को व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में कहा कि वे ईरान के साथ परमाणु समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि वार्ता अमेरिका की शर्तों के अनुरूप नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को उच्च-संवर्धित यूरेनियम छोड़ने के बदले कोई प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी।
व्हाइट हाउस ने आईआरआईबी टीवी की उस रिपोर्ट को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताया जिसमें अमेरिकी सेना हटाने और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने का उल्लेख था।
ट्रंप ने कहा कि मिडटर्म चुनावों का राजनीतिक दबाव उनकी वार्ता की स्थिति को कमज़ोर नहीं करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई 2026 को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि वे मिडटर्म चुनावों के राजनीतिक दबाव में आकर ईरान के साथ परमाणु समझौते में कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चल रही वार्ता से अमेरिका की शर्तों के अनुरूप नतीजा नहीं निकला, तो वॉशिंगटन सैन्य कार्रवाई के विकल्प के लिए पूरी तरह तैयार है।

मिडटर्म दबाव को ट्रंप ने किया खारिज

ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा कि ईरान को यह उम्मीद थी कि आने वाले मिडटर्म चुनावों का दबाव अमेरिकी वार्ता की स्थिति को कमज़ोर कर देगा। ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा, 'उन्हें लगा था कि वे मुझसे ज़्यादा इंतजार करवा लेंगे, लेकिन मुझे मिडटर्म चुनावों की कोई परवाह नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता के कई दौर पूरे हो चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बनी है।

प्रतिबंध राहत पर ट्रंप का सख्त रुख

पीबीएस न्यूज़ के साथ एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि क्या मौजूदा ढाँचे के तहत ईरान को अपने उच्च-संवर्धित यूरेनियम भंडार छोड़ने के बदले प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी। ट्रंप ने स्पष्ट जवाब दिया, 'नहीं, बिल्कुल नहीं। कोई प्रतिबंध राहत नहीं।' इसके अलावा कैबिनेट बैठक में भी उन्होंने दोहराया कि ईरान को उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार छोड़ने के एवज़ में किसी भी प्रकार की प्रतिबंध राहत नहीं मिलेगी।

ईरानी मीडिया के 'ड्राफ्ट समझौते' को व्हाइट हाउस ने नकारा

इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया में प्रकाशित उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें एक कथित ड्राफ्ट समझौते का उल्लेख था। ईरान के सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उस ड्राफ्ट में ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अमेरिकी सेना हटाने और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल थे। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' करार दिया।

सैन्य विकल्प की खुली चेतावनी

ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा कि अमेरिका अभी चर्चा में चल रही शर्तों से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है हम इससे संतुष्ट हो जाएंगे। नहीं तो हमें काम पूरा करना पड़ेगा।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान के संदर्भ में सैन्य कार्रवाई का खुलकर उल्लेख किया हो — यह उनकी 'अधिकतम दबाव' नीति का हिस्सा रहा है।

आगे क्या होगा

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के अगले दौर की तारीख अभी तय नहीं हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप के इस बयान के बाद वार्ता की राह और कठिन हो सकती है। यह देखना अहम होगा कि ईरान इन शर्तों पर किस हद तक लचीलापन दिखाता है और क्या कोई मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच की खाई पाटने में सफल होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई की खुली धमकी दी जा रही है — यह कूटनीतिक संतुलन को नाजुक बनाता है। प्रतिबंध राहत से साफ इनकार वार्ता की व्यावहारिकता पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि ईरान के लिए यही मुख्य प्रोत्साहन रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि ट्रंप के इस रुख से क्षेत्रीय शक्तियाँ — खासकर खाड़ी देश और इज़राइल — अपनी स्थिति को किस तरह पुनः परिभाषित करेंगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौते पर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि वे मिडटर्म चुनावों के दबाव में आकर ईरान के साथ परमाणु समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वार्ता अमेरिका की शर्तों के अनुसार नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है।
क्या ईरान को यूरेनियम छोड़ने पर प्रतिबंध राहत मिलेगी?
नहीं। ट्रंप ने पीबीएस न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि ईरान को उच्च-संवर्धित यूरेनियम भंडार छोड़ने के बदले कोई प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी। यह अमेरिका की वार्ता में एक केंद्रीय शर्त बनी हुई है।
व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की ड्राफ्ट समझौते वाली रिपोर्ट पर क्या कहा?
व्हाइट हाउस ने ईरानी सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी की उस रिपोर्ट को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताकर खारिज कर दिया। उस रिपोर्ट में कथित तौर पर अमेरिकी सेना हटाने और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने का उल्लेख था।
ट्रंप ने मिडटर्म चुनावों और ईरान वार्ता को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि ईरान को उम्मीद थी कि मिडटर्म चुनावों का दबाव अमेरिकी वार्ता की स्थिति को कमज़ोर करेगा, लेकिन उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि वे ईरान को अपनी शर्तों पर इंतजार नहीं करवाने देंगे।
अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का अगला कदम क्या होगा?
अगले दौर की वार्ता की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ट्रंप के सख्त रुख के बाद विश्लेषकों का मानना है कि वार्ता की राह और कठिन हो सकती है, और किसी मध्यस्थ की भूमिका अहम हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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