12 जुलाई 2026
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चढ़ावा चोरी विवाद के बाद भी अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बरकरार: नृपेंद्र मिश्रा

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चढ़ावा चोरी विवाद के बाद भी अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बरकरार: नृपेंद्र मिश्रा

सारांश

चढ़ावा चोरी का विवाद राम मंदिर की आस्था को डिगा नहीं सका — नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार भक्तों की भीड़ बरकरार है। साथ ही परिसर का निर्माण कार्य 15 अगस्त तक पूरा होने का भरोसा, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सुधारने का वादा किया गया है।

मुख्य बातें

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 12 जुलाई 2026 को कहा कि चढ़ावा चोरी विवाद के बावजूद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
मिश्रा ने घटना को 'बेहद दुखद' बताया और आश्वस्त किया कि मंदिर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करेगा।
शनिवार-रविवार को भीड़ और अधिक रहती है; हनुमानगढ़ी में भी उल्लेखनीय दर्शनार्थी आ रहे हैं।
मंदिर परिसर के भीतर का शेष निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद; स्मारक कार्य जुलाई के अंत तक।
24 घंटे जलने वाली ज्योति की व्यवस्था और परिधि दीवार का कार्य अभी बाकी है।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 12 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि हाल में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद का अयोध्या स्थित राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की व्यवस्था को लेकर भक्तों में किसी प्रकार का अविश्वास या हिचकिचाहट नहीं देखी जा रही है।

श्रद्धालुओं की आस्था अडिग

मिश्रा ने बातचीत में स्वीकार किया कि उनके पास दैनिक दर्शनार्थियों का कोई आधिकारिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है, परंतु ज़मीनी स्तर पर कोई भी संकेत यह नहीं दर्शाता कि भीड़ में कमी आई है। उन्होंने कहा, 'श्रद्धालुओं से बातचीत के दौरान मुझे जो व्यक्तिगत प्रतिक्रिया मिली है, उससे यही पता चलता है कि उनका ध्यान भगवान राम और उनके दर्शन पर ही केंद्रित है। वे आगे भी बड़ी संख्या में यहाँ आते रहेंगे।'

उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की तादाद और अधिक बढ़ जाती है, तथा हनुमानगढ़ी में भी उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिल रही है।

चढ़ावा चोरी की घटना पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को मिश्रा ने 'बेहद दुखद' बताया। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर में जो घटना हुई, वह हम सभी के लिए बेहद दुखद है। हमें न केवल इसका अफसोस है, बल्कि इस घटना से हम खुद को आहत भी महसूस करते हैं।' उन्होंने आश्वस्त किया कि यह एक व्यवस्थागत विफलता है और मंदिर प्रशासन अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन अपने चरम पर है।

निर्माण कार्य की स्थिति

मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और केवल दो प्रमुख कार्य शेष हैं। पहला, पुराने मंदिर और उसके स्मारक से संबंधित कार्य — जिसका अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, परंतु 24 घंटे जलने वाली ज्योति की व्यवस्था अभी बाकी है। दूसरा, स्मारक को पूर्ण रूप देने का कार्य, जिसे जुलाई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।

इसके साथ ही मंदिर की परिधि दीवार (बाउंड्री वॉल) के निर्माण की समीक्षा भी की गई। मिश्रा ने भरोसा जताया कि यह कार्य भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न होगा।

स्वतंत्रता दिवस तक पूर्णता का लक्ष्य

निर्माण समिति के अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मंदिर परिसर के भीतर का शेष निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समयसीमा केवल परिसर के आंतरिक कार्यों के लिए है — परिसर के बाहर के कार्य, जैसे संग्रहालय (म्यूजियम) आदि, इस दायरे में नहीं आते। आने वाले हफ्तों में निर्माण कंपनियों के प्रदर्शन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आश्वस्त करने वाला है — लेकिन आधिकारिक आँकड़ों के अभाव में यह व्यक्तिगत अवलोकन पर आधारित है, जो पर्याप्त नहीं है। चढ़ावा चोरी जैसी घटना किसी भी धार्मिक संस्था की साख पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है, और 'व्यवस्था सुधारेंगे' का आश्वासन तब तक अधूरा है जब तक ठोस जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक न किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर परियोजना अपने अंतिम चरण में है और देशभर की निगाहें इस पर टिकी हैं — ऐसे में पारदर्शी प्रशासन महज़ विकल्प नहीं, अनिवार्यता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में हाल ही में चढ़ावे की चोरी की घटना सामने आई, जिसे मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 'बेहद दुखद' बताया। यह घटना मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है, जिसे सुधारने का आश्वासन दिया गया है।
क्या चढ़ावा विवाद के बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या घटी है?
नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार ऐसा कोई संकेत नहीं है कि श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई हो। उन्होंने कहा कि शनिवार-रविवार को भीड़ और बढ़ जाती है तथा हनुमानगढ़ी में भी अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई आधिकारिक दैनिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।
राम मंदिर का निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा?
मंदिर परिसर के भीतर का शेष निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। स्मारक से जुड़ा कार्य जुलाई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि संग्रहालय जैसे परिसर के बाहरी कार्य इस समयसीमा में शामिल नहीं हैं।
राम मंदिर में अभी कौन-से निर्माण कार्य बाकी हैं?
मुख्य रूप से दो कार्य शेष हैं — पहला, 24 घंटे जलने वाली ज्योति की व्यवस्था; दूसरा, स्मारक को पूर्ण रूप देना। इसके अलावा परिधि दीवार (बाउंड्री वॉल) का कार्य भी जारी है, जिसे निर्धारित समय में पूरा करने का भरोसा दिया गया है।
मंदिर प्रशासन भविष्य में चोरी जैसी घटनाएँ रोकने के लिए क्या करेगा?
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर प्रशासन अपनी सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को और मज़बूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी, हालाँकि सुधारों का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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