राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किए आंकड़े: 28 जून को 1,02,672 श्रद्धालु, चढ़ावा विवाद के बाद भी आस्था अडिग
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 12 जुलाई 2026 को आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक कर उन दावों को सिरे से खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा विवाद के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट आई है। पुलिस कंट्रोल रूम के आंकड़ों के आधार पर जारी इस तुलनात्मक रिपोर्ट में 21 जून से 3 जुलाई 2026 की अवधि के दर्शनार्थियों की संख्या को वर्ष 2025 के समान कालखंड से मिलाया गया है, और अधिकांश दिनों में 2026 के आंकड़े बेहतर पाए गए हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं
21 जून 2026 को 94,419 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए, जबकि 2025 में इसी तिथि को यह संख्या 81,303 थी — यानी वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि। 28 जून 2026 को इस पूरी अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा दर्ज हुआ, जब 1,02,672 श्रद्धालु मंदिर पहुँचे।
अन्य दिनों के आंकड़े इस प्रकार रहे: 24 जून को 84,124, 25 जून को 85,510, 26 जून को 97,603, 27 जून को 97,134, 30 जून को 96,112, 1 जुलाई को 89,653, 2 जुलाई को 83,863 और 3 जुलाई को 87,652 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
हालाँकि, कुछ दिनों में 2025 की तुलना में संख्या कुछ कम रही — 22 जून को 75,845, 23 जून को 76,104 और 29 जून को 84,102 श्रद्धालु आए। ट्रस्ट ने इन्हें सामान्य उतार-चढ़ाव बताया और समग्र रुझान को सकारात्मक करार दिया।
चढ़ावा विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में यह दावे प्रसारित हो रहे थे कि श्रद्धालुओं का विश्वास डगमगा गया है और दर्शनार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। गौरतलब है कि यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएँ आईं।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि इन दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और ये आंकड़े सरकारी पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित हैं, न कि मंदिर प्रशासन के स्वयं के अनुमानों पर।
ट्रस्ट की अपील
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही प्रामाणिक मानें। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में आस्था का प्रवाह पहले की तरह अविरल बना हुआ है।
आगे की स्थिति
चढ़ावा मामले की जाँच अभी जारी है और प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार किया जा रहा है। इस बीच, मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का आश्वासन दिया है। आने वाले त्योहारी सत्र में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।