27 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: गिरफ्तार मनीष यादव की बहन का दावा — 'भाई को फंसाया जा रहा है'

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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: गिरफ्तार मनीष यादव की बहन का दावा — 'भाई को फंसाया जा रहा है'

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ रहा है — 8 गिरफ्तारियाँ, ट्रस्ट के दो शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे और एसआईटी जाँच के बीच एक आरोपी की बहन ने भाई को बेगुनाह बताया। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता दोनों दाँव पर हैं।

मुख्य बातें

मनीष कुमार यादव की बहन ने दावा किया कि उनके भाई को राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
मनीष मंदिर में केवल एक महीने से कार्यरत था और उसने बीए तक की शिक्षा प्राप्त की है।
अयोध्या कोतवाली में कृष्ण मोहन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज; कुल 8 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त; ट्रस्ट की अगली बैठक में होगा निर्णय।
ट्रस्ट ने भक्तों को आश्वस्त किया कि दान में मिली कीमती वस्तुएँ — चाँदी की ईंटें, आभूषण — सुरक्षित और हिसाब सहित उपलब्ध हैं।
एफआईआर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज; वैधानिक कार्यवाही जारी।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार मनीष कुमार यादव की बहन ने 27 जून 2026 को दावा किया कि उनके भाई को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनीष मंदिर में केवल एक महीने से कार्यरत था और मीडिया में उसके बारे में जो खबरें प्रसारित हो रही हैं, वे सच्चाई से परे हैं। यह मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान प्रबंधन में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है, जिसने पूरे देश में धार्मिक आस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिवार का पक्ष

मनीष यादव की बहन ने बताया कि उनके भाई ने बीए तक की शिक्षा प्राप्त की है और वह मंदिर में ईमानदारी से काम कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या मनीष को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने नौकरी दिलाई थी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है और टिन्नू यादव से उनकी कोई नियमित बातचीत नहीं होती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की सच्चाई केवल मनीष ही बेहतर बता सकते हैं।

एफआईआर और गिरफ्तारियाँ

इस मामले में अयोध्या कोतवाली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई। नामजद आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि एफआईआर प्रशासन द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।

ट्रस्ट की प्रतिक्रिया और इस्तीफे

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह हालिया घटनाओं से 'स्तब्ध, आहत एवं अत्यंत दुखी' है। ट्रस्ट ने पुष्टि की कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त हुए हैं, जिन पर ट्रस्ट की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

भक्तों को आश्वासन

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं द्वारा व्यक्तिशः सौंपी गई चाँदी की ईंटें, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध है। ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे और जाँच निष्पक्ष रूप से जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि में कथित गड़बड़ी का यह मामला है, जिसमें एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें मंदिर व्यवस्था और ट्रस्ट से जुड़े कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मनीष यादव की बहन ने क्या कहा?
मनीष यादव की बहन ने दावा किया कि उनके भाई को झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनीष मंदिर में केवल एक महीने से काम कर रहा था और मीडिया में उसके बारे में जो खबरें आ रही हैं, वे सही नहीं हैं।
इस मामले में किन-किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव — कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एफआईआर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर दर्ज हुई है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त हुए हैं। इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन ट्रस्ट ने कहा है कि इन पर आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
भक्तों द्वारा दान की गई कीमती वस्तुएँ सुरक्षित हैं या नहीं?
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं द्वारा व्यक्तिशः सौंपी गई चाँदी की ईंटें, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध है। ट्रस्ट ने भक्तों को निष्पक्ष जाँच का भी भरोसा दिलाया है।
राष्ट्र प्रेस
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