26 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: आठों आरोपी तीन दिन की न्यायिक हिरासत में, सोमवार को पुलिस माँगेगी रिमांड

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राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: आठों आरोपी तीन दिन की न्यायिक हिरासत में, सोमवार को पुलिस माँगेगी रिमांड

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में आठों आरोपी तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए। एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में ट्रस्ट कर्मचारी और बैंककर्मी सहित आठ नामजद हैं। पुलिस सोमवार को रिमांड माँगकर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में आठों आरोपियों को 27 जून 2025 को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में मोहर्रम अवकाश के चलते पेशी हुई।
पुलिस सोमवार को पुनः अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की माँग करेगी।
एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर 26 जून 2025 को दर्ज हुई।
नामजद आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू , ट्रस्ट कर्मचारी और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी कर रहे हैं; जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को 27 जून 2025 को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब सोमवार को इन्हें पुनः अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की माँग करेगी, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके।

अदालत में पेशी और न्यायिक हिरासत

पुलिस के अनुसार, मोहर्रम अवकाश के चलते सभी आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। तीन दिन पूरे होने पर आरोपियों को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस पुलिस कस्टडी की माँग करेगी।

मामले का पृष्ठभूमि और नामजद आरोपी

इस मामले में 26 जून 2025 को अयोध्या कोतवाली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुकदमे में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू (मंदिर व्यवस्था से जुड़े), ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

जाँच का दायरा और पुलिस की रणनीति

मामले की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी कर रहे हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में प्रत्येक आरोपी की भूमिका अलग-अलग स्तर पर सामने आई है। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका विशेष रूप से जाँच के दायरे में बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों को किस स्तर पर सहयोग मिला, गणनाकर्मियों की नियुक्ति किन सिफारिशों पर हुई और चढ़ावे की गणना एवं बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों तथा कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी बनती है।

एसआईटी रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई

यह मुकदमा एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यदि जाँच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे नेटवर्क और कथित अनियमितताओं की कड़ियाँ जोड़ने के लिए जाँच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

गौरतलब है कि राम मंदिर जैसी अत्यंत संवेदनशील धार्मिक संस्था में चढ़ावे की हेराफेरी का यह मामला व्यापक सार्वजनिक और प्रशासनिक ध्यान खींच रहा है। सोमवार को अदालत में होने वाली अगली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवस्था के कई स्तरों पर हुई होगी। असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस रिमांड के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया और बैंकिंग लेनदेन की जाँच कितनी गहराई तक जाती है। यदि जाँच ऊपरी स्तर की जिम्मेदारी तक नहीं पहुँचती, तो जनता के विश्वास की बहाली मुश्किल होगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला क्या है?
यह अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितता से जुड़ा मामला है, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य की तहरीर पर 26 जून 2025 को एफआईआर दर्ज की गई। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में किन-किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। सभी आठों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया, पुलिस कस्टडी में क्यों नहीं?
मोहर्रम अवकाश के कारण नियमित अदालत बंद थी, इसलिए आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने तीन दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। पुलिस सोमवार को अदालत में पुलिस कस्टडी रिमांड की माँग करेगी।
पुलिस रिमांड के दौरान किन बिंदुओं पर पूछताछ होगी?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड में गणनाकर्मियों की नियुक्ति में सिफारिशों की भूमिका, चढ़ावे की गणना और बैंकिंग प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की जिम्मेदारी, तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ खोजी जाएंगी। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इस मामले की आगे की सुनवाई कब होगी?
तीन दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को सभी आठों आरोपियों को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा। उस दिन पुलिस पुलिस कस्टडी रिमांड की माँग करेगी, जो मामले की जाँच की दिशा तय करने में अहम होगी।
राष्ट्र प्रेस
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