राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी अविनाश शुक्ला को अदालत ने दी 24 घंटे की पुलिस रिमांड
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को अदालत ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने बुधवार को अदालत में अर्जी दाखिल कर 48 घंटे की हिरासत की माँग की थी, जिसे अदालत ने आंशिक रूप से स्वीकार किया।
अदालत में पुलिस का पक्ष
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जेल में की गई पूछताछ के दौरान आरोपी से कुछ अहम जानकारियाँ सामने आई हैं, जिनकी गहराई से जाँच ज़रूरी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के गाँव से उसकी बाइक बरामद करनी है और आगे की पूछताछ के लिए हिरासत आवश्यक है। अदालत ने इन तर्कों पर विचार करते हुए 24 घंटे की रिमांड मंज़ूर की।
मामले का पृष्ठभूमि और पिछली कार्रवाई
इससे पहले, इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को 29 जून को अयोध्या की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। उस समय पुलिस ने स्पष्ट किया था कि जाँच अभी जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल बाकी है। गौरतलब है कि यह मामला राम मंदिर में चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसने धार्मिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल मचाई है।
बैंकों को नोटिस, वित्तीय जाँच का दायरा बढ़ा
जाँच एजेंसियों ने इस मामले में लगभग छह बैंकों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक शामिल हैं। इन बैंकों से संबंधित खातों और लॉकरों की जानकारी माँगी गई है। इसके साथ ही ट्रस्ट और अन्य संबंधित व्यक्तियों के वित्तीय लेन-देन की भी जाँच की जा रही है।
70-80 लोगों की भूमिका की जाँच, फॉरेंसिक विश्लेषण जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में लगभग 70 से 80 लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिन्हें समय-समय पर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं, ताकि डिलीट किए गए चैट और डेटा को रिकवर किया जा सके। यह तकनीकी जाँच मामले की कड़ियाँ जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसमें दान और चढ़ावे के प्रबंधन की न्यायालय की निगरानी में जाँच की माँग की गई थी। आने वाले दिनों में जाँच के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।