सावन के तीसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में लाखों भक्तों की भीड़, ड्रोन निगरानी और कड़े सुरक्षा इंतजाम
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु और कांवड़िये उमड़ पड़े। लगातार बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ — मंगला आरती से लेकर जलाभिषेक तक, पूरे परिसर में 'हर हर महादेव' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह से ही काशी विश्वनाथ धाम के प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाया और मंगला आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया था, और श्रद्धालुओं का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया गया। इस वर्ष सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग होने से भीड़ सामान्य से अधिक रही।
प्रशासन की तैयारी
दशाश्वमेध क्षेत्र के एसीपी अतुल अंजन ने बताया, 'आज सावन का तीसरा सोमवार है और नाग पंचमी का त्योहार भी है। सुबह से ही लाखों भक्त आ रहे हैं। पानी का स्तर काफी ऊंचा है और लगातार बढ़ रहा है, इसलिए नावों का संचालन रोक दिया गया है।' डीआईजी शिवहरी मीणा ने पुष्टि की कि अधिकारी आधी रात से ही तैनात थे। उन्होंने कहा, 'सभी अधिकारी आधी रात से ही ड्यूटी पर हैं। सभी लोग फील्ड में हैं और लाइनों को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा रहा है।'
सुरक्षा और निगरानी
भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई और ड्रोन के ज़रिए पूरे परिसर की हवाई निगरानी की गई। गंगा का जलस्तर ऊंचा होने के कारण नाव सेवा स्थगित रही, जिससे घाट क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की भारी बारिश के चलते वाराणसी के घाट क्षेत्र में नदी का जलस्तर सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
आम जनता पर असर
सोमवार को कांवड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन ने अन्य श्रद्धालुओं के लिए उस दिन स्पर्श दर्शन पर रोक लगाई हुई है। एक श्रद्धालु ने कहा, 'व्यवस्था बहुत अच्छी है। मुझे नहीं लगता कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से किसी भी जगह ऐसी व्यवस्था है। हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें सोमवार को छोड़कर हर दिन बाबा के स्पर्श दर्शन का मौका मिलता है।' शेष दिनों में दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी हुई है।
क्या होगा आगे
सावन माह में अभी एक सोमवार और शेष है। गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नज़र बनी हुई है और नाव सेवा की बहाली जलस्तर सामान्य होने के बाद ही की जाएगी। अगले सोमवार को भी इसी तरह की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से तैयारियों में जुट गया है।