सावन के पहले सोमवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़े लाखों श्रद्धालु, 1 लाख भक्तों ने किया जलाभिषेक
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 3 अगस्त 2025 को सावन के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही देशभर के विभिन्न राज्यों से आए लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों और मंदिर परिसर में जमा होने लगे। भक्तों ने पहले गंगा में पवित्र स्नान किया और फिर गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, सुबह तक लगभग 1 लाख श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना कर चुके थे।
मंगला आरती से हुई भव्य शुरुआत
सावन के पहले सोमवार की सुबह मंगला आरती के साथ बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना का क्रम आरंभ हुआ। आरती के पश्चात मंदिर के सभी प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। वाराणसी मंडल के मंडलायुक्त और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मंदिर पहुँचने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की। बाबा के जयकारों से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
मंगला आरती में भाग लेने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि वे हर वर्ष सावन के सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा, 'बाहर लंबी कतारें जरूर थीं, लेकिन मंदिर के अंदर व्यवस्था इतनी अच्छी थी कि दर्शन आसानी से हो गए और किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।' एक अन्य भक्त ने इस बार की भीड़ को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बताया, साथ ही प्रशासन के भीड़ प्रबंधन की सराहना की। एक तीसरे श्रद्धालु ने सावन के पहले सोमवार के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिन सच्चे मन से जलाभिषेक करने पर मनोकामनाएँ पूरी होती हैं — यही कारण है कि देशभर से लाखों भक्त यहाँ खिंचे चले आते हैं।
सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया, 'लगभग 5,000 पुलिसकर्मी और करीब 50 वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं। एटीएस की टीमें भी ड्यूटी पर हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी भक्त को कोई परेशानी न हो और हर कोई आसानी से दर्शन कर सके।' वाराणसी रेंज के डीआईजी शिवहरी मीणा ने बताया कि सभी अधिकारी आधी रात से ही फील्ड में तैनात हैं और भक्तों से अपील की गई है कि वे तय लाइनों में रहकर पूजा करें।
घाटों पर एनडीआरएफ की तैनाती
सावन के पहले सोमवार पर गंगा घाटों पर भी आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पहले गंगा में डुबकी लगाई। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए घाटों पर विशेष सतर्कता बरती गई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें प्रमुख घाटों पर तैनात रहीं। एनडीआरएफ टीम कमांडर विनीत ने बताया, 'हम नावों से निगरानी कर रहे हैं और हमारे गहरे पानी में गोता लगाने वाले बचावकर्मी आधुनिक उपकरणों के साथ घाटों पर तैनात हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब गंगा का जलस्तर सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे सुरक्षा की चुनौती और बढ़ गई थी।
आगे क्या
सावन माह में आने वाले प्रत्येक सोमवार को इसी प्रकार लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने संकेत दिया है कि पूरे सावन माह के दौरान यही सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित किए जा सकें।