10 अगस्त 2026
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सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ में उमड़े भक्त, गंगा 2 सेमी/घंटे की रफ्तार से बढ़ी; ड्रोन-NDRF तैनात

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सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ में उमड़े भक्त, गंगा 2 सेमी/घंटे की रफ्तार से बढ़ी; ड्रोन-NDRF तैनात

सारांश

सावन का दूसरा सोमवार और काशी में आस्था का ज्वार — लेकिन इस बार गंगा भी चढ़ाव पर है। जलस्तर प्रति घंटे 2 सेमी बढ़ रहा है, 84 घाटों के रास्ते बंद हैं, आरती 15-20 फीट ऊपर हो रही है — फिर भी भक्त रुके नहीं। NDRF, ड्रोन और ज़ोनल सिस्टम के साथ प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में हजारों भक्तों और कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी।
गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 2 सेमी की दर से बढ़ रहा है; सभी 84 घाटों तक पहुँचने के रास्ते बाधित।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की जगह 15-20 फीट ऊपर स्थानांतरित की गई — पुजारी विवेकानंद पांडे ने पुष्टि की।
प्रशासन ने ड्रोन निगरानी , NDRF टीमें और जल पुलिस तैनात की; सेक्टर-ज़ोनल सिस्टम लागू।
डीआईजी शिव हरि मीणा ने बताया कि पहले सोमवार की तरह ही रणनीति अपनाई गई है और फोर्स को पूरी तरह ब्रीफ किया गया है।

वाराणसी में सावन के दूसरे सोमवार (10 अगस्त) को श्री काशी विश्वनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल लेने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जबकि मंदिर परिसर में मंगला आरती और जलाभिषेक के दौरान फूलों की वर्षा की गई। इसी बीच पहाड़ी क्षेत्रों में जारी भारी वर्षा के कारण गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 2 सेमी की दर से बढ़ रहा है, जिससे सभी 84 घाटों तक पहुँचने के रास्ते बाधित हो गए हैं।

मंदिर में भव्य श्रृंगार और जलाभिषेक

सावन के इस पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। मंगला आरती के दौरान भक्तों और कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई। दशाश्वमेध घाट से जल लेकर मंदिर की ओर बढ़ रहे एक श्रद्धालु ने बताया, 'हम दशाश्वमेध घाट से जल लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था अच्छी है।'

कांवड़िए राहुल चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि उनका दल यहाँ से पैदल कुनौरा महादेव मंदिर की ओर प्रस्थान करेगा और अगले दिन सुबह तक वहाँ पहुँचने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, 'हर साल हम महादेव को जल अर्पित करते हैं। यहाँ की व्यवस्था बहुत अच्छी है।'

गंगा का बढ़ता जलस्तर: घाटों तक रास्ते बंद

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा का असर अब वाराणसी में भी साफ दिखने लगा है। दशाश्वमेध घाट के पुजारी विवेकानंद पांडे ने बताया, 'गंगा का जलस्तर हर दिन लगभग दो से तीन फीट बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण पूरा रास्ता बंद कर दिया गया है।' उन्होंने यह भी बताया कि गंगा आरती की जगह बदलनी पड़ी है और अब आरती पिछली निर्धारित जगह से 15-20 फीट ऊपर की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब लाखों श्रद्धालु सावन के शेष सोमवारों में भी दर्शन के लिए काशी आने वाले हैं।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम: ड्रोन, NDRF और जल पुलिस तैनात

बढ़ते जलस्तर और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मंदिर और घाटों के आसपास ड्रोन से निगरानी की जा रही है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें और जल पुलिस किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए तैनात की गई हैं।

डीआईजी शिव हरि मीणा ने बताया, 'आज सावन का दूसरा सोमवार है। वाराणसी पुलिस और प्रशासन की कोशिशों से पहला सोमवार भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। दूसरे सोमवार के लिए भी हमने वही रणनीति अपनाई है।' उन्होंने आगे जानकारी दी कि सेक्टर और ज़ोनल सिस्टम लागू किया गया है, कई स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं और फोर्स को पूरी तरह ब्रीफ किया गया है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण 84 घाटों तक पहुँचने के सामान्य मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्तों से जाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सावन में काशी में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, और जलस्तर के इस रुझान को देखते हुए प्रशासन अगले सोमवारों के लिए भी सतर्क बना हुआ है। आने वाले दिनों में जलस्तर की स्थिति और मौसम पर सभी की नज़र टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यदि पहाड़ों में वर्षा जारी रही तो अगले सोमवारों तक घाटों की स्थिति और बिगड़ सकती है। ड्रोन और NDRF की तैनाती सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि भीड़ नियंत्रण और जल-सुरक्षा के बीच समन्वय कितना वास्तविक समय में काम करता है — क्योंकि भीड़ और बाढ़ का संयोग किसी भी सुनियोजित व्यवस्था को पल भर में चुनौती दे सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में क्या विशेष हुआ?
10 अगस्त को सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया और मंगला आरती के दौरान भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। हजारों श्रद्धालु और कांवड़िए दशाश्वमेध घाट से गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए उमड़े।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर कितनी तेजी से बढ़ रहा है?
पहाड़ी इलाकों में लगातार वर्षा के कारण गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 2 सेमी की दर से बढ़ रहा है। पुजारी विवेकानंद पांडे के अनुसार जलस्तर प्रतिदिन लगभग दो से तीन फीट बढ़ रहा है, जिससे सभी 84 घाटों तक पहुँचने के रास्ते बाधित हो गए हैं।
गंगा आरती की जगह क्यों बदली गई?
बढ़ते जलस्तर के कारण दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की पूर्व निर्धारित जगह जलमग्न हो गई। इसलिए आरती को पिछली जगह से 15-20 फीट ऊपर स्थानांतरित किया गया है, जैसा कि घाट के पुजारी विवेकानंद पांडे ने बताया।
सावन के दूसरे सोमवार के लिए प्रशासन ने क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं?
प्रशासन ने ड्रोन से निगरानी, NDRF टीमों और जल पुलिस की तैनाती के साथ सेक्टर और ज़ोनल सिस्टम लागू किया है। डीआईजी शिव हरि मीणा के अनुसार कई स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं और फोर्स को पूरी तरह ब्रीफ किया गया है।
कांवड़िए काशी से कहाँ जा रहे हैं?
कांवड़िए दशाश्वमेध घाट से गंगाजल लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद पैदल कुनौरा महादेव मंदिर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। कांवड़िए राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि वे अगले दिन सुबह तक वहाँ पहुँचने का लक्ष्य रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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