काशी विश्वनाथ धाम में सावन 2025 की तैयारी पूरी, 1 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार मंदिर प्रशासन
सारांश
मुख्य बातें
काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने 29 जुलाई को बताया कि इस सावन में 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के दर्शन करने की उम्मीद है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी के गंगा घाटों पर भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
मुख्य व्यवस्थाएं और एसओपी
मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने अपने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा, 'श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के साथ-साथ उनके दर्शन को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिग-जैग कतार व्यवस्था, छायादार जगह, ग्लूकोज-पानी की सुविधा और बारिश से बचाव जैसे इंतजाम किए गए हैं।'
सावन के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं पर फूल वर्षा की जा रही है, जो इस मौसम की एक विशेष परंपरा बन चुकी है।
भीड़ प्रबंधन और प्रतिबंध
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने काशी द्वार से सभी प्रकार के अनुरोध और प्रोटोकॉल दर्शन फिलहाल प्रतिबंधित कर दिए हैं। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि भीड़ का दबाव कम हुआ तो काशी द्वार का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, काशी धाम परिसर में पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध है और स्थानीय निवासी इसका पालन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्लास्टिक में कांवड़ का जल लेकर न आएं।
डिजिटल दर्शन की सुविधा
जो श्रद्धालु स्वयं नहीं आ सकते, उनके लिए काशी विश्वनाथ के सभी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि विगत वर्षों में इस धाम में 1 करोड़ 65 से 70 लाख श्रद्धालु सावन में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे हैं।
गुरु पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी के गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने गंगा स्नान के बाद पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं।
आगे की तैयारी
मंदिर प्रशासन का कहना है कि सावन के शेष सोमवारों पर भी विशेष धार्मिक आयोजन और श्रद्धालु-सुविधाएं जारी रहेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर से कांवड़ियों का वाराणसी की ओर आगमन जारी है और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।