15 अगस्त 2026
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काशी विश्वनाथ धाम में मार्च में 65 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड, योगी सरकार की व्यवस्थाओं को श्रेय

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काशी विश्वनाथ धाम में मार्च में 65 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड, योगी सरकार की व्यवस्थाओं को श्रेय

सारांश

मार्च 2026 में काशी विश्वनाथ धाम में 65 लाख श्रद्धालुओं का आगमन महज एक आँकड़ा नहीं — यह कॉरिडोर निर्माण, आधुनिक सुविधाओं और वाराणसी के बुनियादी ढाँचे में बदलाव का मिला-जुला परिणाम है। आस्था और आधुनिकता के इस संगम ने काशी को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊँचाई दी है।

मुख्य बातें

मार्च 2026 में काशी विश्वनाथ धाम में करीब 65 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए — मंदिर इतिहास में नया कीर्तिमान।
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदला, संकरी गलियों की जगह विशाल और सुव्यवस्थित परिसर बना।
आधुनिक शौचालय, पेयजल, डिजिटल निगरानी और सुचारु कतार प्रबंधन से श्रद्धालु-अनुभव बेहतर हुआ।
गंगा क्रूज सेवा , रोपवे परियोजना , घाटों का सौंदर्यीकरण और रिवरफ्रंट डेवलपमेंट ने वाराणसी को समग्र पर्यटन केंद्र बनाया।
धार्मिक पर्यटन में वृद्धि से होटल, व्यवसाय और स्थानीय रोजगार में उल्लेखनीय तेजी आई।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इसे PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का परिणाम बताया।

काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी में मार्च 2026 के दौरान करीब 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए, जो मंदिर के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, यह उपलब्धि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण और बेहतर श्रद्धालु-प्रबंधन व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है।

कॉरिडोर ने बदला मंदिर परिसर का स्वरूप

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर का कायाकल्प हो चुका है। पहले श्रद्धालुओं को संकरी गलियों और घनी भीड़ से जूझना पड़ता था; अब विशाल और सुव्यवस्थित परिसर ने दर्शन को अधिक सहज बना दिया है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि इसी बदलाव का संकेत है।

आधुनिक सुविधाओं से बेहतर हुआ श्रद्धालु-अनुभव

मंदिर प्रशासन ने परिसर में आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, सुचारु कतार प्रबंधन और डिजिटल निगरानी जैसी सुविधाएँ स्थापित की हैं। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालु अधिक सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर पा रहे हैं। साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने से यात्रा का समग्र अनुभव बेहतर हुआ है।

वाराणसी के बुनियादी ढाँचे ने दिया धार्मिक पर्यटन को बल

वाराणसी में सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर परिवहन सेवाएँ, गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था ने शहर की वैश्विक पहचान को नया आयाम दिया है। गंगा नदी में शुरू हुई क्रूज सेवाओं ने पर्यटकों को काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नए अंदाज में अनुभव करने का अवसर दिया है। इसके अलावा रोपवे परियोजना, मल्टीलेवल पार्किंग, स्मार्ट सिटी ढाँचे और रिवरफ्रंट डेवलपमेंट ने काशी को एक समग्र पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

धार्मिक पर्यटन में वृद्धि का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला है। होटल, गेस्ट हाउस, दुकानें और अन्य व्यवसायों में तेजी आई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय निवासियों की आय में सकारात्मक सुधार देखा गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को राज्य की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।

मंत्री जयवीर सिंह का बयान

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि यह संख्या सरकारी स्रोतों से आई है और स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है। कॉरिडोर निर्माण से वाराणसी में पर्यटन को निश्चित रूप से बल मिला है, परंतु इस विकास की सामाजिक कीमत — विस्थापित परिवार, पुरानी गलियों का खोया स्वरूप — पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः चुप रहती है। धार्मिक पर्यटन की आर्थिक सफलता तभी टिकाऊ मानी जाएगी जब स्थानीय रोजगार के आँकड़े पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक हों।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशी विश्वनाथ धाम में मार्च 2026 में कितने श्रद्धालु आए?
मार्च 2026 में काशी विश्वनाथ धाम में करीब 65 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो मंदिर के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बताया जा रहा है। यह आँकड़ा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के हवाले से सामने आया है।
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर क्या है और इससे क्या बदला?
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के इर्द-गिर्द विकसित किया गया विशाल परिसर है, जिसने संकरी गलियों की जगह ली। इससे मंदिर तक पहुँच आसान हुई, भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ और देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज हुई।
वाराणसी में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को क्या फायदा हुआ?
धार्मिक पर्यटन में वृद्धि से वाराणसी के होटल, गेस्ट हाउस, दुकानें और अन्य व्यवसायों में तेजी आई है। इससे रोजगार के नए अवसर बने हैं और स्थानीय निवासियों की आय में सकारात्मक सुधार देखा गया है।
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए कौन-सी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
परिसर में आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल निगरानी, सुचारु कतार प्रबंधन और कड़े सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध हैं। इसके अलावा गंगा क्रूज सेवा, रोपवे परियोजना और मल्टीलेवल पार्किंग भी वाराणसी के पर्यटन अनुभव को समृद्ध कर रही हैं।
काशी में धार्मिक पर्यटन के विकास में किसकी भूमिका बताई जा रही है?
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है। कॉरिडोर निर्माण, घाटों का सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सिटी ढाँचे को इस विकास का आधार बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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