सावन शिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 'हर-हर महादेव' से गूंजी काशी
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 11 अगस्त 2026 को सावन मास की शिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी। मंगला आरती के साथ ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया और कपाट खुलते ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लग गईं। पूरा धाम 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर की भव्य सजावट और व्यवस्था
इस पवित्र अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम को रंग-बिरंगे फूलों और विशेष विद्युत सज्जा से सजाया गया। मान्यता के अनुसार, सावन मास की शिवरात्रि पर बाबा को जल, दूध, दही और बेलपत्र अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ देश के दूर-दूर के कोनों से आए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर जलाभिषेक का इंतजार करते रहे।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
बाबा के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु कमलेश कुमार ने कहा, 'शिवरात्रि के पवित्र मौके पर यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। इंतज़ाम अच्छे हैं। हम यहां आकर बहुत खुश हैं।' वहीं, श्रद्धालु अरुण कुमार झा ने सावन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'सोमवार हो, मंगलवार हो, बुधवार हो — पूरे सावन बाबा के जलाभिषेक का बहुत महत्व है। यहां की व्यवस्थाएं अच्छी हैं, कहीं से कोई शिकवा-शिकायत नहीं।'
एक अन्य श्रद्धालु प्रथा अवस्थी ने कहा, 'सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन बाबा को जल अर्पित करते हैं। यहां काफी भीड़ है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बढ़िया है।'
प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए। ड्रोन से भीड़ की निगरानी की गई और बैरिकेडिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यह ऐसे समय में आया है जब सावन के हर सोमवार और विशेष पर्वों पर काशी विश्वनाथ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
देशभर के शिवालयों में उत्सव का माहौल
मुंबई के श्री बाबुलनाथ मंदिर में भी सावन शिवरात्रि पर भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहां के एक पुजारी ने बताया, 'श्रावण का महीना बहुत शुभ माना जाता है और इस महीने में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है, खासकर तब जब यह मंगलवार को पड़ती है।' इसी प्रकार बिहार की राजधानी पटना में भी सुबह से शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहाँ भक्त जलाभिषेक कर भगवान महादेव से कृपा-दृष्टि बनाए रखने की प्रार्थना करते रहे।
आगे की स्थिति
सावन मास के शेष सोमवारों और आगामी पर्वों पर भी काशी विश्वनाथ धाम सहित देशभर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना है। प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं जारी रहने की उम्मीद है।