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झारखंड में SIR का अंतिम चरण शुरू: 63 लाख से अधिक मतदाताओं के घर पहुँचेंगे BLO, 19 अक्टूबर को अंतिम सूची

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झारखंड में SIR का अंतिम चरण शुरू: 63 लाख से अधिक मतदाताओं के घर पहुँचेंगे BLO, 19 अक्टूबर को अंतिम सूची

सारांश

झारखंड में SIR का अंतिम चरण शुरू — 63 लाख से अधिक नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दरवाजे खटखटाएंगे BLO। 14 अक्टूबर तक निपटारा और 19 अक्टूबर को अंतिम सूची का लक्ष्य, जबकि 60 दिन अतिरिक्त समय का अनुरोध अभी भी लंबित है।

मुख्य बातें

झारखंड में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का अंतिम चरण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू।
63.24 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी; BLO घर-घर जाकर पात्रता दस्तावेज जुटाएंगे।
दावा-आपत्ति अवधि 30 सितंबर को समाप्त; नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के आवेदन बड़ी संख्या में प्राप्त।
सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित।
अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।
झारखंड का 60 दिन अतिरिक्त समय का अनुरोध अब तक चुनाव आयोग ने स्वीकार नहीं किया।

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया का अंतिम और सबसे निर्णायक चरण 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) से शुरू हो गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उन 63.24 लाख से अधिक मतदाताओं के घर-घर जाकर पात्रता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे, जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान नोटिस जारी किए गए हैं। अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।

किसे मिला नोटिस और क्यों

एसआईआर के अंतर्गत 63.24 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मतदाताओं के रिकॉर्ड में तीन प्रमुख कारणों से विसंगतियाँ पाई गईं — पहली, रिकॉर्ड में तार्किक विसंगति; दूसरी, पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग का न होना; और तीसरी, समान जनसांख्यिकीय जानकारी (जैसे एक जैसे नाम, पता या जन्मतिथि) का दोहराव।

इन तीनों श्रेणियों में चिह्नित मतदाताओं की पात्रता की पुष्टि के लिए अब दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना अनिवार्य है। BLO ये दस्तावेज एकत्र कर निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके बाद संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी जाँच कर नियमानुसार अंतिम निर्णय लेंगे।

दावा-आपत्ति प्रक्रिया और डिजिटाइजेशन

एसआईआर के अंतर्गत दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो चुकी है। इस अवधि के दौरान नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।

अब निर्वाचन मशीनरी इन सभी आवेदनों और आपत्तियों के डिजिटाइजेशन, जाँच, आवश्यकतानुसार नोटिस जारी करने और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी। एक साथ दो मोर्चों — नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेज और दावा-आपत्ति के आवेदन — पर काम करना इस चरण की सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।

समयसीमा और प्रशासनिक दबाव

निर्वाचन विभाग के कार्यक्रम के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना होगा। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यानी BLO और निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के पास मात्र दो सप्ताह से कुछ अधिक का समय है।

गौरतलब है कि झारखंड ने एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चुनाव आयोग से 60 दिन का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, लेकिन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार यह अनुरोध अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में प्रक्रिया मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।

आम मतदाताओं पर असर

जिन 63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें BLO के दौरे के दौरान पहचान और निवास से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेज न दे पाने की स्थिति में संबंधित मतदाता का नाम सूची से हटाया जा सकता है। यह प्रक्रिया ऐसे समय में आई है जब झारखंड में आगामी चुनावी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है।

आगे की राह

निर्वाचन विभाग का पूरा फोकस अब 14 अक्टूबर की समयसीमा पर टिका है। BLO स्तर पर दस्तावेज संग्रह, पोर्टल अपलोडिंग, आवेदनों की जाँच और सुनवाई — ये सभी काम समानांतर रूप से चलाने होंगे। 19 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची इस पूरी प्रक्रिया का आधिकारिक परिणाम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या समयसीमा का दबाव प्रक्रिया को महज औपचारिकता बना देगा। यदि दस्तावेज न मिलने पर वैध मतदाताओं के नाम भी कट जाते हैं, तो यह मतदाता अधिकार का एक संवेदनशील प्रश्न बन सकता है — खासकर झारखंड की जनजातीय आबादी के संदर्भ में, जहाँ दस्तावेजी पहुँच हमेशा समान नहीं होती।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में SIR क्या है और यह क्यों हो रही है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें संदिग्ध या विसंगत रिकॉर्ड वाले मतदाताओं की पात्रता की पुनः जाँच की जाती है। झारखंड में इस बार 63.24 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगति, मैपिंग की कमी या समान जनसांख्यिकीय जानकारी जैसी स्थितियाँ पाई गईं, इसलिए उन्हें नोटिस जारी किए गए।
BLO घर-घर जाकर क्या करेंगे?
बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर जाकर पहचान और निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी दस्तावेजों की जाँच कर अंतिम निर्णय लेंगे।
अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
निर्वाचन विभाग के कार्यक्रम के अनुसार 14 अक्टूबर 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना है और 19 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
यदि नोटिस पाने वाले मतदाता दस्तावेज नहीं दे पाए तो क्या होगा?
यदि संबंधित मतदाता BLO के दौरे के दौरान पात्रता दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाते, तो निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी नियमानुसार उनके नाम मतदाता सूची से हटाने का निर्णय ले सकते हैं। इसलिए नोटिस पाने वाले सभी मतदाताओं को BLO के आने पर दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी जाती है।
झारखंड ने अतिरिक्त समय क्यों माँगा और क्या मिला?
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने SIR की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चुनाव आयोग से 60 दिन का अतिरिक्त समय माँगा था, क्योंकि 63 लाख से अधिक नोटिस मामलों और दावा-आपत्ति आवेदनों के निपटारे का काम बेहद बड़ा है। हालाँकि यह अनुरोध अब तक स्वीकार नहीं किया गया है, इसलिए प्रक्रिया मौजूदा समयसीमा के अनुसार ही चलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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