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झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण 42 दिन बढ़ा, अंतिम सूची अब 30 नवंबर को प्रकाशित होगी

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झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण 42 दिन बढ़ा, अंतिम सूची अब 30 नवंबर को प्रकाशित होगी

सारांश

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय-सीमा 42 दिन बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। पहले यह तारीख 19 अक्टूबर थी। बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन, डिजिटलीकरण और बहु-स्तरीय जाँच की चरणबद्ध प्रक्रिया अब नवंबर के अंत तक चलेगी।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय-सीमा 42 दिन बढ़ाई।
अंतिम मतदाता सूची अब 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी; पहले 19 अक्टूबर की तारीख थी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.
रवि कुमार ने संशोधित कार्यक्रम जारी किया।
नो-मैपिंग/तार्किक विसंगति के नोटिसों का निस्तारण 22 अक्टूबर तक; बीएलओ सत्यापन और फॉर्म डिजिटलीकरण 31 अक्टूबर तक।
1 से 12 नवंबर तक छूटे नागरिकों का घर-घर सत्यापन; सभी दावों-आपत्तियों का निस्तारण 23 नवंबर तक।

भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय-सीमा 42 दिन आगे बढ़ा दी है। अब राज्य की अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि पहले यह तारीख 19 अक्टूबर निर्धारित थी। आयोग की स्वीकृति के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को संशोधित कार्यक्रम जारी किया।

संशोधन की पृष्ठभूमि

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में स्थान न पाए।

चरणबद्ध संशोधित कार्यक्रम

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति से जुड़े मामलों में पहले और दूसरे नोटिस का निस्तारण 22 अक्टूबर तक किया जाएगा। दूसरे नोटिस के बाद भी आवश्यक दस्तावेज़ न जमा करने वाले मतदाताओं का सत्यापन और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन 31 अक्टूबर तक पूरा करना होगा।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित फॉर्म-6, फॉर्म-6ए, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण भी 31 अक्टूबर तक पूरा करना अनिवार्य होगा। जिन नागरिकों का नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है, उनके लिए 1 से 12 नवंबर तक घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।

जाँच और गुणवत्ता नियंत्रण

निस्तारित नोटिसों की जाँच और पुनर्जाँच 1 से 21 नवंबर तक होगी। यह जाँच जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मतदाता सूची पर्यवेक्षक और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर की जाएगी। मतदान केंद्रों से जुड़े नक्शों और तस्वीरों को निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन नेटवर्क पर अपडेट करने का काम 1 से 23 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इसमें मतदान केंद्रों की काल्पनिक गृह संख्या, नजरी नक्शा, मुख्य नक्शा, गूगल नक्शा और मतदान केंद्रों की तस्वीरें शामिल हैं।

अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया

सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निस्तारण 23 नवंबर तक करना होगा। इसके बाद 24 से 29 नवंबर के बीच मतदाता सूची की गुणवत्ता जाँच, निर्वाचन आयोग से अंतिम मंजूरी और सूची की छपाई का काम पूरा किया जाएगा। अंततः 30 नवंबर 2026 को झारखंड की संशोधित अंतिम मतदाता सूची आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी।

गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब राज्य में मतदाता पहचान और पात्रता से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासनिक तैयारियों को और समय दिए जाने की आवश्यकता महसूस की गई। संशोधित समय-सीमा के साथ यह देखना होगा कि बीएलओ और जिला अधिकारी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कर पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे पहले की तारीख में पूरा करना व्यावहारिक नहीं था। असली सवाल यह है कि क्या बीएलओ और जिला अधिकारियों के पास इतनी मैनपावर और संसाधन हैं कि वे संशोधित कार्यक्रम को भी पूरी तरह निभा सकें। मतदाता सूची की शुद्धता चुनावी लोकतंत्र की नींव है, और नो-मैपिंग तथा तार्किक विसंगतियों की बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि डेटाबेस की गुणवत्ता पर दीर्घकालिक ध्यान देने की जरूरत है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) वह प्रक्रिया है जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य में मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा की जाती है — पात्र नागरिकों को जोड़ा जाता है, अपात्रों को हटाया जाता है और त्रुटियों को सुधारा जाता है। इसमें बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन और फॉर्म-6, 6ए, 7, 8 के ज़रिए दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जाती हैं।
झारखंड की अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
भारत निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। पहले यह तारीख 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी।
मतदाता सूची में नाम न होने पर क्या करें?
जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में अभी तक दर्ज नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। 1 से 12 नवंबर 2026 के बीच बीएलओ ऐसे नागरिकों का घर-घर जाकर सत्यापन भी करेंगे।
एसआईआर की समय-सीमा क्यों बढ़ाई गई?
नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होने तथा बहु-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करने हेतु भारत निर्वाचन आयोग ने समय-सीमा 42 दिन बढ़ाई। इससे प्रशासन को गुणवत्तापूर्ण और सटीक सूची तैयार करने का अवसर मिलेगा।
संशोधित कार्यक्रम में मुख्य तारीखें कौन-सी हैं?
प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं — नोटिस निस्तारण: 22 अक्टूबर; बीएलओ सत्यापन और फॉर्म डिजिटलीकरण: 31 अक्टूबर; छूटे नागरिकों का घर-घर सत्यापन: 1-12 नवंबर; नोटिस जाँच-पुनर्जाँच: 1-21 नवंबर; सभी दावे-आपत्तियाँ अंतिम निस्तारण: 23 नवंबर; अंतिम सूची प्रकाशन: 30 नवंबर 2026।
राष्ट्र प्रेस
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