एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला स्क्वैश टीम को ब्रॉन्ज मेडल, हांगकांग ने सेमीफाइनल में 2-1 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन सेमीफाइनल में हांगकांग के हाथों 1-2 से पराजय के कारण टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। नागोया में 1 अक्टूबर 2026 को खेले गए इस मुकाबले में तीनों एकल रबर तीव्र संघर्ष का गवाह बने।
अनाहत सिंह का शानदार आगाज़, फिर पलटा पासा
मैच की शुरुआत अनाहत सिंह ने उत्साहजनक अंदाज़ में की। उन्होंने हांगकांग की चान सिन युक के खिलाफ पहले दो गेम 11-9 और 11-8 से अपने नाम किए। हालाँकि, चान सिन ने इसके बाद जबरदस्त वापसी की और अगले तीन गेम जीतकर मैच पलट दिया।
तीसरा गेम 11-6, चौथा 13-11 और पाँचवाँ गेम 12-10 से जीतकर हांगकांग ने मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। दो गेम जीतने के बाद तीन लगातार गेम गँवाना भारत के लिए शुरुआती झटका साबित हुआ।
तन्वी खन्ना की जुझारू वापसी
दूसरे रबर में तन्वी खन्ना ने भारतीय उम्मीदों को जीवित रखा। उन्होंने अपने से ऊँची रैंकिंग वाली हांगकांग की खिलाड़ी ली का यी को हराकर स्कोर 1-1 से बराबर किया।
पहले गेम में 4-11 से पिछड़ने के बाद तन्वी ने अदम्य साहस दिखाया और दूसरा गेम 13-11, तीसरा 11-9 और चौथा 13-11 से जीतकर मैच अपने नाम किया। यह इस मुकाबले का सबसे यादगार प्रदर्शन रहा।
निर्णायक रबर में जोशना चिनप्पा का निराशाजनक प्रदर्शन
निर्णायक तीसरे रबर में अनुभवी जोशना चिनप्पा हांगकांग की हो त्जे लोक के सामने नहीं टिक सकीं। हो त्जे ने पहला गेम 11-4, दूसरा 11-7 और तीसरा गेम 11-9 से जीतकर हांगकांग को फाइनल में पहुँचाया और भारत को ब्रॉन्ज मेडल पर ही संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्क्वैश में चौथा पदक
यह एशियन गेम्स 2026 में स्क्वैश में भारत का चौथा मेडल है। इससे पहले व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अभय सिंह और अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीते थे। इसके अलावा, मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश के बढ़ते कद को दर्शाता है — एक ही एशियन गेम्स में चार पदक असाधारण उपलब्धि है। आगे की चुनौती यह है कि टीम अनुभव और युवा प्रतिभा के संतुलन को और मज़बूत करे।